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सुधीर चौधरी और रुबिका लियाकत को मिली जिम्मेदारी से काम करने की हिदायत, डिलीट करने होंगे कई वीडियो

न्यूज़ ब्रॉडकास्टर्स एंड डिजिटल स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी (NBDSA) ने आजतक, इंडिया टुडे और न्यूज18 इंडिया के कुछ कार्यक्रमों पर सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें अपने कंटेंट में संवेदनशीलता और निष्पक्षता बनाए रखने का निर्देश दिया है। अथॉरिटी ने इन चैनलों के कार्यक्रमों में एलजीबीटीक्यू+ समुदाय और अदालती कार्यवाही की रिपोर्टिंग को लेकर की गई टिप्पणियों को अनुचित पाया है और संबंधित प्रसारणों के आपत्तिजनक हिस्सों को हटाने का आदेश दिया है।

आजतक और इंडिया टुडे के सुधीर चौधरी को मिली चेतावनी

NBDSA ने आजतक और इंडिया टुडे चैनल के तीन कार्यक्रमों में एंकर सुधीर चौधरी की टिप्पणियों को गंभीरता से लिया। इन कार्यक्रमों में शामिल हैं:

  1. ब्लैक एंड वाइट (19 अप्रैल, 2023): इस एपिसोड में सुप्रीम कोर्ट में समलैंगिक विवाह पर चल रही सुनवाई के दौरान एंकर की टिप्पणियों को समुदाय की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला पाया गया।
  2. सीधी बात (22 अप्रैल, 2023): इस यूट्यूब कार्यक्रम में तत्कालीन कानून मंत्री किरेन रिजिजू के साथ बातचीत के दौरान एंकर ने कुछ न्यायिक टिप्पणियों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया और “यह देश किसी के बाप का नहीं है” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया।
  3. इंडिया टुडे कर्नाटक राउंडटेबल: इस कार्यक्रम में गृह मंत्री अमित शाह के साथ चर्चा के दौरान समलैंगिक विवाह पर विवादास्पद टिप्पणियां की गईं।

NBDSA ने चैनल को सात दिनों के भीतर इन कार्यक्रमों के आपत्तिजनक हिस्सों को हटाने का निर्देश दिया है और एंकर को भविष्य में अधिक जिम्मेदारी के साथ रिपोर्टिंग करने की सलाह दी है।

न्यूज18 इंडिया की एंकर रुबिका लियाकत को भी निर्देश

NBDSA ने न्यूज18 इंडिया की एंकर रुबिका लियाकत द्वारा संचालित 28 मार्च, 2023 की एक बहस को लेकर भी आपत्ति जताई। यह बहस दिल्ली के तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ़्तारी के एक सप्ताह बाद प्रसारित हुई थी। अथॉरिटी के अनुसार, इस बहस के दौरान अदालती कार्यवाही की रिपोर्टिंग के तय मानकों का उल्लंघन हुआ।

NBDSA ने पाया कि बहस में लियाकत ने केजरीवाल को दोषी ठहरा दिया, जबकि मामला अदालत में विचाराधीन था। इसके अलावा, उन्होंने प्रधानमंत्री का बचाव करते समय संयम नहीं बरता और पैनलिस्ट के साथ तर्क-वितर्क किया।

शिकायतकर्ता, पुणे स्थित तकनीकी विशेषज्ञ और कार्यकर्ता इंद्रजीत घोरपड़े ने चैनल पर पक्षपातपूर्ण रिपोर्टिंग का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि बहस के दौरान भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला के इस दावे का समर्थन किया गया कि “अदालत ने दिल्ली के मुख्यमंत्री को दोषी पाया है, इसलिए उन्हें जमानत नहीं दी गई।” जबकि यह बयान भ्रामक था।

NBDSA ने न्यूज18 इंडिया को भी सात दिनों के भीतर इस बहस के आपत्तिजनक हिस्सों को हटाने का आदेश दिया और एंकर को भविष्य में अधिक पेशेवर व निष्पक्ष रहने की हिदायत दी।

NBDSA का सख्त संदेश

NBDSA के चेयरपर्सन और रिटायर्ड जस्टिस ए.के. सीकरी ने कहा कि पत्रकारों और एंकरों को कानूनी प्रक्रियाओं और संवेदनशील मुद्दों की रिपोर्टिंग में संतुलन बनाए रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी समुदाय के प्रति भेदभावपूर्ण रवैया अपनाना और अदालती कार्यवाही की गलत व्याख्या करना पत्रकारिता की मूल भावना के खिलाफ है।

इस फैसले से स्पष्ट संकेत मिलता है कि न्यूज़ ब्रॉडकास्टिंग में निष्पक्षता, तटस्थता और जिम्मेदारी को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।


न्यूज18 राजस्थान को भी हटाने होंगे वीडियो

एनबीडीएसए ने न्यूज़18 राजस्थान को तिरुपति विवाद से जुड़ा वीडियो हटाने का आदेश दिया है। यह वीडियो सितंबर 2024 में प्रसारित हुआ था, जिसमें स्वामी दीपांकर ने दावा किया था कि तिरुपति प्रसाद में कांग्रेस द्वारा गौमांस मिलाया गया।

एनबीडीएसए ने पाया कि इंटरव्यू मुद्दे से भटकाने वाला था और सनातन धर्म की मनमुताबिक व्याख्या का मंच बना। पुणे के एक्टिविस्ट इंद्रजीत घोरपड़े की शिकायत पर 28 जनवरी 2025 को यह आदेश जारी हुआ।

संस्था ने ब्रॉडकास्टर्स को भविष्य में दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी और स्पष्ट किया कि तथ्य, मत और टिप्पणी को अलग रखा जाए। न्यूज़18 राजस्थान द्वारा किए गए बदलावों को असंतोषजनक मानते हुए सभी प्लेटफॉर्म से 7 दिनों में वीडियो हटाने के निर्देश दिए गए।

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