नई दिल्ली | सन टीवी नेटवर्क (Sun TV Network) का सालाना रिपोर्ट इस साल भी एक चौंकाने वाली तस्वीर पेश करता है—कंपनी का मुनाफा भले ही घट गया हो, लेकिन प्रमोटर मारन परिवार की जेबें और भर गई हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एग्जीक्यूटिव चेयरमैन कलानिधि मारन और उनकी पत्नी व एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर कावेरी कलानिधि ने 2024-25 वित्त वर्ष में 87.5-87.5 करोड़ रुपये की सालाना तनख्वाह ली। यानी दोनों मिलकर 175 करोड़ रुपये वेतन के रूप में घर ले गए।
सिर्फ इतना ही नहीं, डिविडेंड से भी मारन परिवार की तिजोरी खूब भरी। कंपनी ने वित्त वर्ष 2024-25 में कुल 591.13 करोड़ रुपये का अंतरिम डिविडेंड घोषित किया, जिसमें से कलानिधि मारन ने अपनी 75% हिस्सेदारी की वजह से अकेले ही 443.35 करोड़ रुपये की मोटी रकम पा ली।
मालिकाना हक से बेशुमार फायदा
रिपोर्ट बताती है कि कलानिधि मारन के पास कंपनी की 29,55,63,457 शेयर, यानी 75% इक्विटी है। नतीजा यह है कि कंपनी का हर चौथाई से ज्यादा मुनाफा सीधे उन्हीं की जेब में जाता है। यह संरचना उसी आरोप की गूंज भी सुनाती है, जिसे इस साल की शुरुआत में लोकसभा सांसद दयानिधि मारन ने सार्वजनिक किया था। उन्होंने अपने बड़े भाई कलानिधि पर आरोप लगाया था कि शुरुआती 2000 के दशक में नाममात्र की कीमत पर प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट के जरिए उन्होंने सन टीवी पर अपना कब्जा मजबूत किया और बाकी उत्तराधिकारियों को हिस्सेदारी से वंचित कर दिया। हालांकि बाद में परिवार के भीतर मध्यस्थता के जरिए यह विवाद सुलझा लिया गया।
कलानिधि और कावेरी को भारत का सबसे ज्यादा कमाने वाला एंटरप्रेन्योर कपल माना जाता है… जुलाई 2023 को ज़ी न्यूज में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, सन टीवी के मालिक कावेरी मारन और कलानिधि मारन ने बीते 10 सालों में करीब 1,500 करोड़ रुपये की कमाई की है….
कंपनी का हाल: आय और मुनाफा दोनों घटे
वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी की कुल आय 4,543.96 करोड़ रुपये रही, जो 2023-24 के 4,630.19 करोड़ रुपये से कम है। शुद्ध मुनाफा भी घटकर 1,654.46 करोड़ रुपये रह गया, जबकि पिछले वर्ष यह 1,875.15 करोड़ रुपये था। यानी मुनाफे में गिरावट के बावजूद चेयरमैन की अकेले की तनख्वाह कंपनी के कुल मुनाफे का 5.3% रही। वहीं डिविडेंड के रूप में मारन को मिला पैसा सालाना मुनाफे के एक चौथाई से भी ज्यादा बैठता है।
तिमाही नतीजे भी कमजोर
वित्त वर्ष 2025 की पहली तिमाही में कंपनी की आय 1,290.28 करोड़ रुपये रही, जो पिछले साल की तुलना में 1.77% कम है। शुद्ध लाभ (PAT) भी घटकर 529.10 करोड़ रुपये रह गया, जबकि एक साल पहले यह 559.32 करोड़ रुपये था।
- EBITDA 14% घटकर 619 करोड़ रुपये रह गया।
- विज्ञापन राजस्व 11.3% घटकर 289.94 करोड़ रुपये रह गया।
- हालांकि घरेलू सब्सक्रिप्शन रेवेन्यू बढ़कर 470.12 करोड़ रुपये हो गया।
तस्वीर साफ: मुनाफा घटे तो घटे, कमाई प्रमोटरों की बढ़ती रहे
सालाना रिपोर्ट और हालिया खुलासे यह साफ दिखाते हैं कि सन टीवी की वित्तीय संरचना ऐसी है जिसमें मुनाफे से सबसे ज्यादा लाभ प्रमोटर परिवार को ही मिलता है—एक तरफ मोटे डिविडेंड, दूसरी तरफ भारी-भरकम वेतन। यही वजह है कि मुनाफा घटने पर भी मारन परिवार की संपत्ति और कैश फ्लो पर कोई खास असर नहीं पड़ता।
यह खबर Sun TV को कॉरपोरेट गवर्नेंस और प्रॉफिट शेयरिंग के एंगल से भी सवालों के घेरे में खड़ा करती है।
डिविडेंड का मतलब समझिए?
डिविडेंड (Dividend) का मतलब है— कंपनी के मुनाफे का वह हिस्सा, जिसे कंपनी अपने शेयरधारकों (shareholders) में बाँटती है।
सीधी भाषा में समझिए
- जब आप किसी कंपनी के शेयर खरीदते हैं, तो आप उस कंपनी के हिस्सेदार (मालिक) बन जाते हैं।
- अगर कंपनी को मुनाफा होता है, तो वह चाहे तो उस मुनाफे का कुछ हिस्सा अपने शेयरधारकों को कैश में बाँट देती है।
यही बंटा हुआ हिस्सा डिविडेंड कहलाता है।
उदाहरण:
- मान लीजिए किसी कंपनी को एक साल में 100 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ।
- कंपनी ने तय किया कि वह इसमें से 20 करोड़ रुपये शेयरधारकों में बाँटेगी।
तो जो भी व्यक्ति उस कंपनी के शेयर होल्ड करता है, उसे उसकी हिस्सेदारी (यानी उसके पास कितने शेयर हैं) के हिसाब से डिविडेंड मिलेगा।
अगर आपके पास कंपनी के 1% शेयर हैं, तो आपको उस 20 करोड़ में से 1% यानी 20 लाख रुपये डिविडेंड मिलेगा।
सन टीवी वाले केस में- कलानिधि मारन के पास कंपनी के 75% शेयर हैं। इसलिए कंपनी ने जो भी डिविडेंड बाँटा, उसका 75% हिस्सा अकेले उन्हीं की जेब में गया।


