सुप्रीम कोर्ट में मजीठिया पर सुनवाई के दौरान ट्रांसफर, टर्मिनेशन, डीए और ठेके का भी मुद्दा उठा

मजीठिया वेज बोर्ड मामले पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई पूरी हो गयी. कर्मचारियों की ओर से जाने माने वकील कालीन गोन्साल्विस, परमानन्द पाण्डेय ने बहस पूरी की. मालिकों की ओर से कई नामचीन वकीलों ने झूठ-सच का पुलिंदा रखा. सुप्रीम कोर्ट ने सभी पहलुओं पर गौर किया और सुनवाई पूरी करते हुए मामले को फैसले के लिये सुरक्षित कर लिया है.

कर्मचारियों की ओर से मजीठिया मांगने वाले कर्मचारियों का ट्रांसफर व टर्मिनेशन करने का मुद्दा भी बार-बार उठाया गया. साथ ही DA, ठेके पर चल रहे कर्मचारियों एवं क्लासिफकेशन आदि मुद्दे उठाये गए. अब सुप्रीम कोर्ट इस पर अपना फैसला देगी और मामला आर पार हो जायेगा.

मालिकों की ओर से रखे गए सभी दलीलों को ख़ारिज कर दिया मीडियाकर्मियों के वकीलों ने. कुल मिलाकर यह प्रकरण साफ साफ अवमानना का मामला बनता दिखाई दे रहा है और ऐसा लगता है कि कुछ मालिकों का सहाराश्री वाला हाल होने वाला है.

कर्मचारियों के पक्ष के वकील ने बताया कि फैसला पूर्णता पक्ष में आयेगा और मालिकों को यह बहुत ही भारी पड़ने वाला है. उन्होंने यह भी अपील की है कि अख़बार के यूनियनों को आगे आकर शिकायत करनी चाहिये और सभी कर्मचारियों के ओर से 17(1) का आवेदन कर देना चाहिए जिसमे कर्मचारी विशेष के हस्ताक्षर करने की जरूरत नहीं पड़ेगी और सभी को मजीठिया का लाभ मिल जायेगा. उन्होंने ऐसा काम करने के लिए भड़ास को अग्रसर होने को कहा और यशवंत सिंह को इस मामले में अधिकार पत्र देने की अपील की. फैसला शीघ्र ही आ जायेगा. उन्होंने सभी कर्मचारियों को उनके प्रयासों के लिए सराहना की.

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Comments on “सुप्रीम कोर्ट में मजीठिया पर सुनवाई के दौरान ट्रांसफर, टर्मिनेशन, डीए और ठेके का भी मुद्दा उठा

  • Kashinath Matale says:

    We are waiting for fruitful judgment from Supreme Court at earliest.
    Thanks to all the senior counsels who fight with the side for employees.
    And also congrats for all employees who are fighting for their justice.
    SATYA MEV JAYATE. !!!

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