खुशदीप सहगल-
अगर ये हाल देश के सबसे बड़े मीडिया हाउस माने जाने वाले टाइम्स ग्रुप के चैनल के पत्रकार का है तो समझ लीजिए पत्रकारिता किस गर्त में जा चुकी है.
पहले संपादक ही अपने रिपोर्टर्स पर कड़ी नज़र रखते थे, कहीं कोई ग़लत तो नहीं कर रहा. लेकिन ऊपरी स्तर वालों का जब सारा वक़्त अपने सियासी आकाओं को खुश करने में ही जाएगा तो निचले स्तर वालों की ख़बर कौन रखे? फिर वो भी बहती गंगा में हाथ धो अपनी जेबें क्यों न भरें.
पत्रकारिता अब लूट खसोट, ख़बरें न चलाने के नाम पर मोटी वसूली का नाम ही रह गया है क्या?
अभी कानपुर में भारत समाचार के ब्यूरो प्रमुख अवनीश दीक्षित के ऊपर जमीन पर अवैध कब्ज़े, सोने की चेन लूट जैसे गंभीर आरोपों में जेल जाने का मामला सुर्खियों में ही है कि नया मामला मेरठ से सामने आया है.
यहां टाइम्स नाऊ नवभारत न्यूज़ चैनल के रिपोर्टर नईम सैफ़ी और कैमरामैन प्रदीप शर्मा पर ख़बर न चलाने के नाम पर 50,000 रुपए एक सरकारी अधिकारी से लेने का आरोप है. ये न्यूज़ चैनल टाइम्स समूह का है.
मेरठ में तैनात एसडीएम संजय कुमार सिन्हा के ख़िलाफ़ एक महिला ने यौन शोषण का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज की. नईम सैफ़ी और प्रदीप शर्मा ने महिला के पास जाकर बाइट ली जिससे ख़बर बनाई जा सके.
आरोप है कि नईम सैफ़ी और प्रदीप शर्मा ने इसके बाद एसडीएम से ख़बर न चलाने के नाम पर 50,000 रुपए अंटी में कर लिए. अब महिला ने उस चैट के स्क्रीनशॉट सार्वजनिक कर दिए हैं जिसमें एसडीए की ओर से कथित तौर पर खुद 50,000 रुपए देने की बात कबूली गई है.
महिला का कैमरामैन प्रदीप शर्मा को लताड़ते हुए एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें वो साफ़ तौर पर एसडीएम से 50,000 रूपए लेने की बात कर रही है और कैमरामैन बगले झांक रहा है.
वीडियो समेत Bhadas4media की ख़बर का लिंक पहले कमेंट में देखें…
टाइम्स नाउ संवाददाता पर यौन शोषण पीड़िता की खबर दबाने के बदले SDM से 50 हजार रुपये वसूलने का आरोप है!



