अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump का एक टीवी इंटरव्यू के दौरान पत्रकार के साथ तीखा विवाद हो गया। यह टकराव वॉशिंगटन में हुए White House Correspondents’ Dinner के दौरान गोलीबारी और संदिग्ध हमलावर के कथित मैनिफेस्टो को लेकर पूछे गए सवाल पर हुआ।
इंटरव्यू के दौरान पत्रकार Norah O’Donnell ने संदिग्ध हमलावर द्वारा कथित तौर पर लिखे गए दस्तावेज के कुछ अंश पढ़कर सुनाए। इस दस्तावेज में प्रशासनिक अधिकारियों को निशाना बनाए जाने की बात कही गई थी, साथ ही आपत्तिजनक और गंभीर आरोपों वाले शब्दों का भी जिक्र किया गया।
इस पर Donald Trump ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और कहा कि वह ऐसे सवालों का इंतजार कर रहे थे, क्योंकि मीडिया का रवैया “बहुत खराब” है। उन्होंने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनका इन आरोपों से कोई लेना-देना नहीं है।
जब पत्रकार ने पूछा कि क्या दस्तावेज में लिखी बातें उनके लिए थीं, तो ट्रंप ने बीच में टोकते हुए कहा कि वह किसी भी तरह के गलत कृत्य में शामिल नहीं हैं और उन्हें पूरी तरह निर्दोष साबित किया जा चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि एक “मानसिक रूप से अस्थिर” व्यक्ति के लिखे शब्दों को सार्वजनिक मंच देना गलत है।
इंटरव्यू के दौरान बढ़ा तनाव:
बातचीत के दौरान माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया। ट्रंप ने पत्रकार पर आरोप लगाया कि वह एक अस्थिर व्यक्ति की बातों को महत्व दे रही हैं। उन्होंने ऐसे सवालों को “शर्मनाक” बताते हुए कहा कि जांच एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं और अपुष्ट दस्तावेजों को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए।
होटल में पहले से ठहरा था आरोपी:
जांच एजेंसियों के मुताबिक, संदिग्ध हमलावर कई दिनों से Washington Hilton Hotel में ठहरा हुआ था और उसने पहले से कार्यक्रम स्थल की रेकी की थी। उसके पास से मिले नोट्स में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर टिप्पणियां पाई गई हैं। अधिकारियों का मानना है कि उसका निशाना प्रशासन के वरिष्ठ सदस्य हो सकते थे।
कार्यक्रम में मची अफरा-तफरी:
गोलीबारी की खबर मिलते ही कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। हॉल में मौजूद सैकड़ों मेहमानों और पत्रकारों में दहशत फैल गई। सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत Donald Trump को सुरक्षित बाहर निकाला, जबकि कई लोग टेबलों के नीचे छिप गए। कुछ ही देर बाद आरोपी को मुठभेड़ के बाद हिरासत में ले लिया गया।
ट्रंप बोले—‘मुझे डर नहीं लगा’:
घटना के बाद ट्रंप ने कहा कि उन्हें कोई डर नहीं लगा और वह यह समझना चाहते थे कि आखिर हुआ क्या है। उन्होंने माना कि इस वजह से उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाने में थोड़ी देरी हुई।
ऑनलाइन कट्टरता पर भी उठाया सवाल:
ट्रंप ने हमलावर को मानसिक रूप से अस्थिर बताते हुए कहा कि इंटरनेट और ऑनलाइन कट्टरता ऐसी घटनाओं को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने दावा किया कि संदिग्ध व्यक्ति उनके और ईसाई समुदाय के खिलाफ विचार रखता था।
घटना से पहले हुआ था विरोध प्रदर्शन:
इस घटना से एक दिन पहले वॉशिंगटन डीसी में ट्रंप विरोधी प्रदर्शन भी हुआ था। Washington DC में प्रदर्शनकारियों ने इमारतों पर ट्रंप और Jeffrey Epstein से जुड़े पुराने वीडियो प्रोजेक्ट किए और कथित तौर पर दस्तावेजों में छेड़छाड़ के आरोप लगाए।
एंकर: शूटर ने लिखा था कि ‘मैं बच्चों का यौन शौषण करने वाले, रेपिस्ट और देशद्रोही को अपने हाथ अपने जुर्मों से रंगने की इजाज़त नहीं दूंगा।’
बुरी तरह भड़के ट्रंप:
मैं इंतज़ार कर रहा था कि आप इसे पढ़ो क्योंकि मुझे पता था कि आप इसे पढ़ोगे क्योंकि आप बहुत बुरे लोग हो। भयानक लोग हो।
मैं रेपिस्ट नहीं हूं। मैंने किसी का रेप नहीं किया। मैं पीडोफाइल नहीं हूं।
माफ़ करना। तुमने एक बीमार इंसान की बकवास को पढ़ा है।
मैं पूरी तरह से बरी हो गया था। वे आपके दोस्त हैं जो एप्स्टीन आदि की बात करते रहते हैं।
इसे पढ़कर खुद पर शर्म आनी चाहिए। आप ऐसे बातों के लिए बदनाम हो… लेकिन चलो इंटरव्यू पूरा करो… -मुकेश माथुर, राज्य संपादक, दैनिक भास्कर


