Ludhiana के हलवारा क्षेत्र में स्थित सुधार थाने की पुलिस ने दो पत्रकारों और एक कथित फर्जी समाजसेवी के खिलाफ जबरन वसूली की कोशिश के आरोप में मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने एक दुकानदार को दुष्कर्म के मुकदमे में फंसाने और सोशल मीडिया पर बदनाम करने की धमकी देकर 5 से 7 लाख रुपये की मांग की थी।
मामले में पुलिस ने रामगढ़ सिविया न्यूज चैनल और एक पंजाबी अखबार से जुड़े पत्रकार जगपाल सिंह सिविया (निवासी रामगढ़ सिविया) तथा कथित समाजसेवी अमरजीत सिंह उर्फ दीपू को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं तीसरा आरोपी अमरजीत सिंह (निवासी अकालगढ़ रायकोट), जो गुरुसर सुधार स्टेशन से एक पंजाबी अखबार के लिए पत्रकार के रूप में काम करता है और अपने गांव का पंचायत सदस्य (पंच) भी है, पुलिस रेड के दौरान भागने की कोशिश में घायल हो गया। फिलहाल उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
थाना सुधार के प्रभारी इंस्पेक्टर गुरदीप सिंह के मुताबिक इस पूरे मामले में एक बाहरी राज्य की महिला और कुछ अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ रही है। उनकी जांच की जा रही है और जरूरत पड़ने पर उन्हें भी नामजद किया जा सकता है।
ऐसे शुरू हुआ मामला
शिकायतकर्ता रघवीर सिंह निवासी हंबड़ां रोड, साउथ सिटी ने बताया कि उनके रिश्तेदार सिकंदर सिंह की सुधार बाजार स्थित रत्तोवाल चौक में मन्नत ग्रोसरी स्टोर नाम से दुकान है। दुकान के लिए कर्मचारी की जरूरत होने पर बाहरी राज्य के मजदूर परिवार की एक महिला ने अपनी बेटी को काम पर रखने का प्रस्ताव दिया और 1000 रुपये एडवांस भी ले लिए।
कुछ दिन बाद लड़की पैसे वापस लेकर यह कहकर चली गई कि उसकी मां को गांव जाना है। आरोप है कि 25 फरवरी को वही महिला दोबारा दुकान पर पहुंची और सिकंदर सिंह पर अपनी बेटी से छेड़छाड़ का आरोप लगा दिया।
5 से 7 लाख में ‘समझौते’ की कथित पेशकश
शिकायत के मुताबिक इसके बाद पत्रकार जगपाल सिंह सिविया, पंचायत सदस्य पत्रकार अमरजीत सिंह और कथित समाजसेवी अमरजीत सिंह उर्फ दीपू मामले में सक्रिय हो गए।
आरोप है कि 2 और 4 मार्च को दीपू ने फोन कर सिकंदर सिंह को बुलाया और 5 से 7 लाख रुपये लेकर समझौता कराने की पेशकश की। साथ ही पैसे न देने पर दुष्कर्म का केस दर्ज कराने, खबरें प्रकाशित करने और सोशल मीडिया पर बदनाम करने की धमकी दी।
रघवीर सिंह का कहना है कि जब पैसे नहीं दिए गए तो करीब 10 दिन बाद तीनों आरोपी महिला को साथ लेकर थाना सुधार पहुंचे और सिकंदर सिंह के खिलाफ शिकायत दे दी। हालांकि पुलिस जांच के दौरान आरोपी और महिला पेश नहीं हुए।
शिकायतकर्ता के अनुसार सिकंदर सिंह और लड़की के बीच केवल साधारण ऑनलाइन चैट हुई थी, जिसके लिए उसने माफी भी मांग ली थी, लेकिन आरोपियों ने उसे आधार बनाकर कथित रूप से 5 से 7 लाख रुपये की जबरन वसूली की कोशिश की।
पुलिस जांच में कई पहलू
मामले की जांच कर रहे डीएसपी वरिंदर सिंह खोसा ने बताया कि शिकायतकर्ता और आरोपियों के बीच हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग पुलिस के पास है, जिसकी जांच की जा रही है। फोन लोकेशन, अन्य तकनीकी साक्ष्य और गवाहों के बयान भी जुटाए जा रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने अन्य लोगों को भी इसी तरह निशाना बनाया हो सकता है। ऐसे संभावित पीड़ितों से सामने आकर शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई है।



