वॉशिंगटन। अमेरिका की जानी-मानी लॉबिंग फर्म Squire Patton Boggs ने खुलासा किया है कि वह अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के लिए किसी भी तरह की लॉबिंग नहीं कर रही है। फर्म ने बताया कि RSS को लेकर उसका कॉन्ट्रैक्ट 30 सितंबर 2025 को ही समाप्त कर दिया गया था।
यह वही फर्म है, जो 2025 में उस समय चर्चा में आई थी, जब रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि उसे अमेरिका में RSS के लिए लॉबिंग करने के लिए नियुक्त किया गया है। इस काम के लिए फर्म को करीब 3.30 लाख डॉलर (लगभग 2.7 करोड़ रुपये) का भुगतान किया गया था।
हालांकि, अब फर्म ने अमेरिकी कांग्रेस में की गई अपनी पहले की लॉबिंग डिस्क्लोजर को संशोधित करते हुए कहा है कि उसे सीधे RSS ने नहीं, बल्कि विवेक शर्मा नाम के एक व्यक्ति ने नियुक्त किया था। इसका उद्देश्य वॉशिंगटन में RSS के बारे में जागरूकता फैलाना बताया गया था।
पहले किए गए खुलासों में स्पष्ट रूप से लिखा गया था कि State Street Strategies नाम की कंपनी ने RSS की ओर से Squire Patton Boggs को हायर किया है। बाद में दिसंबर 2025 में इन दस्तावेजों में बदलाव कर कहा गया कि यह नियुक्ति विवेक शर्मा की ओर से थी, न कि RSS की ओर से।
हालांकि, दिलचस्प बात यह है कि अमेरिकी सरकार की वेबसाइट पर मौजूद मूल रजिस्ट्रेशन डॉक्यूमेंट में अब भी RSS का नाम दर्ज है, जिसे देखा जा सकता है।
अमेरिकी लॉबिंग फर्म स्क्वायर पैटन बोग्स ने कहा है कि वह अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की ओर से लॉबिंग नहीं कर रही है।
फर्म, जिसने 2025 में 3 लाख डॉलर से अधिक की कमाई की थी, ने अपने लॉबिंग खुलासों में संशोधन कर यह दर्शाया है कि उसे विवेक शर्मा नामक एक व्यक्ति ने नियुक्त किया था।
पहले के खुलासों में फर्म के ग्राहक के रूप में स्पष्ट रूप से आरएसएस का नाम दर्ज था। -कादम्बिनी शर्मा, वरिष्ठ पत्रकार
विवेक शर्मा कौन हैं?
विवेक शर्मा मैसाचुसेट्स के एक्टन शहर के निवासी हैं और वह Cohance Lifesciences कंपनी के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन बताए जाते हैं। इससे पहले वह करीब दो दशक तक फार्मा और फाइनेंस सेक्टर में काम कर चुके हैं।
Squire Patton Boggs द्वारा मार्च 2025 में दाखिल मूल दस्तावेज में शर्मा को ऐसा व्यक्ति बताया गया था, जो लॉबिंग गतिविधियों के लिए 5,000 डॉलर से अधिक योगदान देता है और इन गतिविधियों को नियंत्रित या सुपरवाइज करता है।
भारत में मचा था राजनीतिक विवाद
RSS द्वारा अमेरिका में लॉबिस्ट रखने की खबरों ने भारत में बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया था। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने इसे “राष्ट्रीय हित से विश्वासघात” बताया था।
हालांकि RSS के प्रवक्ता सुनील आंबेकर ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि RSS ने अमेरिका में किसी भी लॉबी फर्म को नियुक्त नहीं किया है।
उन्होंने X (पूर्व ट्विटर) पर बयान जारी कर कहा था—“राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भारत में काम करता है और उसने अमेरिका में किसी भी लॉबिंग फर्म को नियुक्त नहीं किया है।”
FARA कानून पर भी उठा था सवाल
इस पूरे मामले में एक बड़ा सवाल यह भी उठा था कि Squire Patton Boggs और State Street Strategies ने खुद को Foreign Agents Registration Act (FARA) के तहत विदेशी एजेंट के रूप में रजिस्टर क्यों नहीं कराया।
इसके बजाय उन्होंने खुद को Lobbying Disclosure Act (LDA) के तहत रजिस्टर किया था। अमेरिकी न्याय विभाग के मुताबिक, विदेशी कंपनियों या व्यक्तियों के लिए काम करने वाली फर्मों को LDA के तहत छूट मिल सकती है, लेकिन यह छूट विदेशी सरकारों या राजनीतिक दलों पर लागू नहीं होती।
हालांकि RSS न तो कोई विदेशी सरकार है और न ही राजनीतिक दल।
पाकिस्तान सरकार के लिए भी कर चुकी है लॉबिंग
Squire Patton Boggs ने अप्रैल 2025 में पाकिस्तान सरकार के लिए भी लॉबिंग का कॉन्ट्रैक्ट साइन किया था। वह कॉन्ट्रैक्ट भी अब समाप्त हो चुका है।
इस तरह, RSS और पाकिस्तान—दोनों से जुड़े मामलों में यह अमेरिकी लॉबी फर्म अब खुद को अलग कर चुकी है।


