सुभाष राय-
वंदना मिश्रा जी पत्रकार रही हैं, लेखिका हैं, कवयित्री हैं। जे एन यू से पढ़ी हैं। उन्होंने बहुत महत्वपूर्ण अनुवाद किये हैं । सार्वजनिक रूप से सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहती हैं। लखनऊ के मेयर पद का चुनाव लड़ रही हैं। उनसे बेहतर प्रत्याशी कहां मिल सकता है। आज उन्होंने धूम-धाम से पर्चा दाखिल किया। लखनऊ के लोग उन्हें चुनेंगे तो लखनऊ जरूर बदलेगा, मुझे पूरी उम्मीद है।

कुमार सौवीर-
लखनऊ महापौर: धन-स्वामियों से भिड़ेगी विदुषी-शालीन वंदना, जेएनयू की पढ़ी-लिखी और नवभारत टाइम्स में लम्बे वक्त तक वरिष्ठ सम्पादकीय पदों में रहीं हैं वंदना मिश्र …
यूपी की राजधानी नगर निगम में दूसरी बार महिला महापौर के लिए होने वाले चुनाव में समाजवादी पार्टी ने अपना पत्ता साफ खोल दिया है। ऐलान हो गया है कि जेएनयू की पढ़ी-लिखी, कार्यकर्ता और कई समाचारपत्र और नवभारत टाइम्स में लम्बे वक्त तक वरिष्ठ सम्पादकीय पदों में रहीं वंदना मिश्र सपा के टिकट से लखनऊ के महापौर का चुनाव लड़ेंगी। वंदना जी लखनऊ विश्वविद्यालय में पोलिटिकल साइंस के प्रमुख प्रो रमेश दीक्षित की पत्नी हैं।
शेखर पंडित-
लखनऊ विश्वविद्यालय से मास्टर इन जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन की डिग्री लेने के बाद सन 2000 में दैनिक जागरण में तीन महीने डेस्क वर्क और एडिटिंग की ट्रेनिंग माननीय वंदना मिश्रा जी ने ही दी थी। विद्वान सरल मृदुल और एक अच्छी शिक्षिका के तौर पर आप का सानिध्य प्राप्त हुआ।
इसे एक संयोग ही कहा जाएगा कि आपके पिता वरिष्ठ पत्रकार और प्रकंड विद्वान धीर गंभीर स्वर्गीय अखिलेश मिश्रा जी ने लखनऊ विश्वविद्यालय में लॉ पत्रकारिता पढ़ाई। आप समाजवादीपार्टी के टिकट पर लखनऊ महापौर का चुनाव लड़ने जा रही हैं। आपको बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं पहली बार एक योग्य व्यक्ति को समाजवादी पार्टी से टिकट मिला है।
लखनऊ की आवाम के लिए भाग्य की बात है। भाजपा के लिए इन से अच्छा कैंडिडेट लाने की बहुत बड़ी चुनौती होगी। पत्रकार बिरादरी के लिए हर्ष का विषय है कि सीनियर जर्नलिस्ट लखनऊ महापौर के लिए चुनाव लड़ने जा रही हैं।


