वाराणसी में बंग दर्शन ने किया बांग्ला नववर्ष का अभिनंदन

वाराणसी : मिनी बंगाल कहे जाने वाले बनारस में बांग्ला नव वर्ष की अगवानी में आयोजित एक कार्यक्रम में सांस्कृतिक मूल्य बोध के बीच सामाजिक सरोकारों से जुड़े मसलों की झलक दिखी। गीत-संगीत, कविता, नृत्य सब के केन्द्र में संवेदनशील सामाजिक मुद्दे और जमीन पर खटकर भी दो जून की रोटी न पाने की कशिश परिदृश्य में रही। 

बनारस में बांग्ला नव वर्ष की अगवानी में आयोजित कार्यक्रम की एक झलक

बनारस में बांग्ला नव वर्ष की अगवानी में कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुति, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया

खासकर बच्चों द्वारा मछुआरे के जीवन पर आधारित भाटियाली गीत पर किये गये नृत्य ने उपस्थित लोगों के जज्बातों को झकझोर गया। इस मौके पर संस्था के पदाधिकारियों ने बांग्ला कैलण्डर जारी करने के साथ ही संस्था की पत्रिका आनन्दन का विमोचन भी किया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरूआत संस्था के सदस्यों ने संस्था के गीत को गाकर किया।  इसके बाद रविन्द्र संगीत, भाटियाली गीत, आधुनिक जीवन मुखी बांग्ला गान, बांग्ला बैण्ड, एकल और सामूहिक नृत्यों की प्रस्तुति में उपस्थित लोग कुछ इस तरह बंधे रह गए कि बीतते समय का पता ही नहीं चला। 

कलाकारों में श्रीया मुखर्जी, दीपांजली दे, मुस्कान, विशाखा बोस, सुदीप्ता, श्रेया भट्टाचार्य, शिप्रा घोष, असीम दास गुप्ता, श्रीमती पुष्पा बनर्जी, देवब्रत दास गुप्ता, श्रीमती मिताली बनर्जी, श्रीमती ब्रतती दास गुप्ता, कु. अंकिता  राय, सौरभ, राहुल, शुभम, स्वरित, संदीप आदि कलाकार थे।

संस्था के अध्यक्ष डा. काशीनाथ च्रकवर्ती ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए संस्था द्वारा अब तक किये गए कार्यों के साथ ही भविष्य में किये जाने वाले कार्यों के बारे में संक्षेप में जानकारी दी। इस मौके पर संस्था के सचिव तरूण मुखर्जी, कोषाध्यक्ष अतनु भट्टाचार्य, मीडिया प्रभारी एन.एन मुखर्जी सहित श्रीमती दुर्गा च्रकवर्ती, अर्पणा घोषाल, दिलीप चटर्जी, कार्तिक आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे।

लेखक भास्कर गुहा नियोगी बनारस के युवा प्रतिभाशाली पत्रकार. उनसे संपर्क bhaskarniyogi.786@gmail.com

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

Comments on “वाराणसी में बंग दर्शन ने किया बांग्ला नववर्ष का अभिनंदन

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *