अमर उजाला संपादक ने ब्यूरो चीफ पद से विकास को हटाया, सुधाकर को दी जिम्मेदारी!

विकास कुमार शुक्ला को पहले यूनिट ऑफिस बरेली बुलाया फिर अगले दिन रोहतक जाने को कहा… नए ब्यूरो चीफ सुधाकर पर बरेली में बारादरी थाने में एसएसपी के आदेश पर दर्ज हुई थी एफआईआर… एफआइआर में संपादक भी थे आरोपी…. सुधाकर हैं संपादक के खास आदमी….

बरेली से सूचना है कि अमर उजाला में लखीमपुर के ब्यूरो चीफ विकास कुमार शुक्ला को बिना कोई कारण बताए अचानक बरेली बुला लिया गया है। उनके स्थान पर बरेली से सुधाकर शुक्ला को लखीमपुर खीरी भेजा गया है। हालांकि सुधाकर का लंबे समय से विवादों से गहरा नाता है।

अमर उजाला लखीमपुर में पिछले करीब पांच साल से विकास कुमार शुक्ला बतौर ब्यूरो चीफ कार्यरत थे। हालांकि लखीमपुर उनका गृह जनपद भी है, वे गोलागोकर्ण नाथ के रहने वाले हैं और पीलीभीत ब्यूरो चीफ के पद से स्थानांतरित होकर लखीमपुर आये थे। जिस तरह से बीते दिवस उनको हटाया गया, वह प्रबंधन का चौंकाने वाला कदम रहा। प्रबंधन का निर्णय विकास कुमार शुक्ला को तब पता चला, जब सुधाकर शुक्ला अचानक लखीमपुर ब्यूरो ऑफिस पहुंचे और विकास से चार्ज मांगा। तब तक विकास को हटाए जाने की कोई भी जानकारी प्रबंधन की ओर से नहीं दी गई थी।

बरेली कार्यालय ने पूछने पर बरेली यूनिट कार्यालय आने को कहा। जब विकास कुमार शुक्ला अगले दिन बरेली पहुंचे तो बरेली यूनिट कार्यालय पर ज्वाइनिंग के बाद उसके अगले दिन उनको रोहतक यूनिट में स्थानान्तरण का हेड ऑफिस का फरमान थमा दिया गया। एक के बाद एक कंपनी के निर्णयों से विकास कुमार शुक्ला खासे डिप्रेशन में आ गए और चिकित्सक की शरण में जा पहुंचे। उनकी वृद्ध मां भी काफी समय से बीमार बताई जा रही हैं। हालांकि विकास चिकित्सा अवकाश पर चले गए हैं।

सुधाकर शुक्ला का विवादों से चोली-दामन का साथ है। 30 दिसम्बर 2018 को बरेली डीआरडीए के सेवानिवृत्त कर्मचारी जमीर अहमद ने भ्रामक खबरों के जरिये प्रताड़ित करने से बेहद परेशान होकर एसएसपी के आदेश पर बीट रिपोर्टर सुधाकर शुक्ला व बरेली यूनिट के संपादक विनीत सक्सेना के विरुद्ध बारादरी कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई थी। इससे पहले जब सुधाकर शुक्ला फर्रूखाबाद ब्यूरो ऑफिस में रिपोर्टर थे, तो भी इनको लेकर कुछ बातें सामने आईँ थीं। तब सुधाकर शुक्ला खुद को बचाने में कामयाब हो गए थे।

बरेली में तैनाती के दौरान सुधाकर शुक्ला की भ्रामक व निराधार उत्पीड़न करने वाली खबरों से आहत होकर पूर्व विधायक मास्टर छोटेलाल ने भी अमर उजाला के प्रबंध संपादक राजुल माहेश्वरी व अन्य उच्च प्रबंधन को लिखित में पत्र भेजकर शिकायत दर्ज कराई थी। यूनिट संपादक विनीत सक्सेना के विशेष कृपा प्राप्त सुधाकर शुक्ला के विरुद्ध उच्च प्रबंधन ने कोई ठोस कार्रवाई तो नहीं की बल्कि विवादों से घिरे इस रिपोर्टर को यूनिट संपादक की सिफारिश पर प्रोन्नत कर लखीमपुर का ब्यूरो चीफ बना दिया जाना लोगों के बीच खासा चर्चा का विषय बना हुआ है।

बरेली से वरिष्ठ पत्रकार निर्मलकांत शुक्ला की रिपोर्ट.

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *