कन्हैया शुक्ला-
विष्णु देव सरकार का ये हाल है .. असल में छत्तीसगढ़ ने कभी विष्णु देव साय को मुख्यमंत्री के रूप में स्वीकार ही नहीं किया, क्योंकि विष्णु देव को मुख्यमंत्री बनने के पहले छत्तीसगढ़ की अधिकांश जनता जानती ही नहीं थे की ये भी कोई नेता हैं। ये एक एक्सीडेंटल CM हैं जो केंद्र के नेताओं द्वारा थोपे गए मुख्यमंत्री हैं .. आज हाल ये है की छत्तीसगढ़ में जनता और ज़मीनी स्तर के अधिकारियों को ये झेलना पड़ रहा है।
इसका सबसे बड़ा कारण हाउस के क़रीबी अधिकारी हैं, जो CM को राज्य का वास्तविक स्थिति ही नहीं बताते और सब विष्णु के राज्य में गुणगान के लिए रामराज्य बताते हैं.. ये तो तय है कि अगली बार चुनाव सिर्फ़ हाऊस के अधिकारी हरवाएँगे ..और जिसकी सरकार बनेगी उसमें जा के ये गिरगिट की तरह रंग बदल के फिट हो जाएंगे .. आज चंद अधिकारियों से घिरे हुए मुख्यमंत्री महोदय को ये तक पता नहीं रहता कि उनके राज्य में क्या चल रहा है..?
विरोध कितना हो रहा है..लोग कितना गरिया रहे हैं .. असल में साय साहेब कभी जननेता थे ही नहीं इसलिए ये न तो बीजेपी के ज़मीनी कार्यकर्ता से अपडेट लेते हैं न ही जनता से .. असल में ये किस्मत के धनी हैं और शुरुवात में जूदेव से मिले ..मुख्यमंत्री के पहले जो भी मिला वो जूदेव जी की वजह से मिला ..अब क़िस्मत से केंद्र की बीजेपी नेताओं ने दिया ..पर अब आगे क्या होगा ..?
लगता है आने वाले समय में छतीसगढ़ में सबसे कमज़ोर , सबसे निष्क्रिय , सबसे असहाय CM साय साहेब ही होंगे जो हाऊस में चंद अधिकारियों के गुटबाज़ी को पूरा छत्तीसगढ़ समझ बैठे हैं ..उनको पता ही नहीं चल रहा है कि छत्तीसगढ़ के ज़मीनी स्तर पर कितना लोगों के अंदर इस समय सरकार के ख़िलाफ़ माहौल बन चुका है ..!
बड़ी उम्मीद है साय साहब आपसे छतीसगढ़िया लोगों की .. थोड़ा अपने महल से बाहर निकलें और दरबारियों के चापलूसी के मज़े के अलावा भी दुनिया है उसको अहसास करें ..!
जनता आपकी है और वही आपको बैठाई है ..कोई एग्जाम दे के अधिकारी ने आप पर ये कृपा नहीं बरसाई है ..तो जनता के लिए ऐसा कुछ तो करिये साहेब जो जनता आपस में बता सके कि मेरे CM ने हमारे लिए ये किया है ..ज़मीनी कार्यकर्ता के बारें में आपको पता नहीं होगा क्योंकि सब क़िस्मत के भरोसे मिला है पर अब उनसे भी मिलिए जो पार्टी के लिए ज़मीन पर सालों से घिस रहे हैं ..!
बाक़ी आपकी मर्ज़ी ..भूतपूर्व CM का दर्जा तो हमेशा मिलेगा ही ..!


