वॉशिंगटन पोस्ट के मालिक जेफ बेजोस ने अखबार के ओपिनियन सेक्शन में बड़ा संपादकीय बदलाव करने की घोषणा की है। अब यह सेक्शन मुख्य रूप से व्यक्तिगत स्वतंत्रता (Personal Liberties) और मुक्त बाजार (Free Markets) के समर्थन में लेख प्रकाशित करेगा। इस नई नीति के तहत, उन विचारों को जगह नहीं दी जाएगी जो इन दो स्तंभों का विरोध करते हैं।
बेजोस के इस फैसले से वॉशिंगटन पोस्ट के ओपिनियन एडिटर डेविड शिपली सहमत नहीं थे, जिसके चलते उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। शिपली 2022 से वॉशिंगटन पोस्ट में ओपिनियन डेस्क का नेतृत्व कर रहे थे, लेकिन बेजोस के नए दिशा-निर्देशों को स्वीकार न करने के कारण उन्होंने पद छोड़ने का फैसला किया।
बेजोस का बयान: अखबार को स्पष्ट संपादकीय दिशा की जरूरत
बेजोस ने अपने कर्मचारियों को लिखे एक नोट में कहा, “हम हर दिन व्यक्तिगत स्वतंत्रता और मुक्त बाजार के समर्थन में लिखेंगे। अन्य विषयों को भी कवर किया जाएगा, लेकिन इन मूल सिद्धांतों का विरोध करने वाले विचारों को प्रकाशित नहीं किया जाएगा।”
उन्होंने आगे लिखा, “एक समय था जब अखबार सभी विचारों को स्थान देना अपनी जिम्मेदारी समझते थे। लेकिन आज, इंटरनेट यह काम कर रहा है। इसलिए हमें अपने दृष्टिकोण को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करना चाहिए।”
डेविड शिपली का इस्तीफा और नई संपादकीय नीति
बेजोस ने बताया कि उन्होंने डेविड शिपली को इस नए दृष्टिकोण के साथ काम करने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन जब उन्होंने इसे लेकर पूरी तरह से सहमति नहीं जताई, तो उन्होंने पद छोड़ने का फैसला किया। “मैंने उनसे कहा कि अगर इस बदलाव के प्रति उनका जवाब ‘हां’ नहीं है, तो इसका मतलब ‘ना’ है। यह एक बड़ा परिवर्तन है, इसे पूरी प्रतिबद्धता की जरूरत है, और मैं उनके फैसले का सम्मान करता हूं।”
अब वॉशिंगटन पोस्ट एक नए ओपिनियन एडिटर की तलाश कर रहा है, जो इस बदलाव को प्रभावी ढंग से लागू कर सके।
नए बदलावों को लेकर आलोचना
बेजोस के इस फैसले की मीडिया और पत्रकारिता जगत में मिश्रित प्रतिक्रिया मिल रही है।
कुछ लोग इसे वॉशिंगटन पोस्ट की संपादकीय स्वतंत्रता पर खतरा बता रहे हैं।
पूर्व कार्यकारी संपादक मार्टिन बैरन ने इस बदलाव की आलोचना करते हुए कहा कि “यह अखबार की स्वतंत्र आवाज़ को सीमित करने की कोशिश है।”




