भड़ास4मीडिया के संस्थापक और निर्भीक पत्रकार यशवंत सिंह का जन्मदिन महज़ एक निजी उत्सव नहीं, बल्कि उस बेबाक कलम का पर्व है जिसने सत्ता, तंत्र और व्यवस्था से सवाल पूछने का साहस दिखाया। जीवन को निस्पृह भाव से जीते हुए उन्होंने पत्रकारिता को गुलामी से मुक्त कर एक नया विकल्प खड़ा किया, जहां सच को लिखना और कहना ही सबसे बड़ा धर्म है। साथी उन्हें सिर्फ़ पत्रकार नहीं, बल्कि एक संस्थान, एक आंदोलन और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा मानते हैं।

तमाम प्रतिक्रियाओं से पहले भड़ास एडिटर यशवंत आजकल क्या दिनचर्या फॉलो कर रहे हैं, वह पढ़ें…
यशवंत सिंह-
मेरे जीवन में कोई रस नहीं बचा है। अपनी निजी कोई उम्मीद – आकांक्षा शेष नहीं है। धरती को मैंने बूझ लिया है, उतना जितना विजिबल आँखो मस्तिष्क से देखा समझा जा सकता है। मनुष्य की गतिविधियों के ओर छोर को पकड़ा जा चुका है। इस रसहीन गंधहीन बासी संसार में यात्राएँ थोड़ी ताजगी देती हैं। मिलना जुलना वक्त काटने का सबसे बढ़िया तरीका होता है।

क्षत्रिय परिवार में जन्म लिया लेकिन जब कामरेड बना तो परिवार और जाति दोनों को त्याग दिया। अब दोनों को पकड़ लिया है। इस तरह समय का एक चक्र पूरा हुआ। दोनों की दशा दिशा को यथासंभव ठीक करने की कोशिश है। हो पाए तो ठीक। न हो पाए तो ठीक।
कुछ भी तो हमारे वश में नहीं है। यह संसार किसी अदृश्य के लिखे के मुताबिक चला जा रहा है। जैसे सब कुछ तय हो पहले से। हमारे आपके प्रयास बस एवें ही हैं। हम सब कुछ न कुछ करने के लिए प्रोग्राम्ड हैं इसलिए करते जाने को मजबूर हैं। नतीजा निकले या न निकले।
लखनऊ क्षत्रिय पत्रकार सम्मेलन में बहुत से साथियों से मिलना जुलना हुआ, परिचय हुआ। क्षत्रिय समाज को अपने विकास के लिए ब्राह्मणों जैसा धैर्य और ज्ञान व वणिक जैसा व्यापार बुद्धि अपनाने की ज़रूरत है। सिर्फ़ साहस दुस्साहस मान अभिमान रखने से काम न चलेगा। अपडेट अपग्रेड न होंगे तो सिक्योरिटी गार्ड बनकर सलामी ठोंकते नज़र आयेंगे।
बदले दौर में जातियों को अपने अपने खोल से निकल कर टेक्नोलॉजी के साथ कदमताल करते हुए प्रभु वर्ग में शामिल होना होगा तब उनकी पूछ होगी। और हाँ, पत्रकारिता वाया अदानी अंबानी अब सत्ताओं की रखैल है या पोलिटिकल पार्टीज की आई टी विंग! इसलिए पत्रकारिता के पतन पर चिंता करना बंद कर दीजिए क्योंकि मरों हुओं के लिए चिंतित नहीं हुआ जाता, श्रद्धांजलि दी जाती है।
अपने को, अपने परिवार को अपनी जाति को सुधार दीजिए, ये समाज ये देश ख़ुद सुधर जाएगा!
जै जै
मनोज अभिज्ञान-
कभी-कभी किसी इंसान का जीवन ही कविता बन जाता है, जिसमें हर शब्द संघर्ष से जन्म लेता है और हर पंक्ति सच्चाई की ओर इशारा करती है। यशवंत सिंह जी का सफर भी कुछ ऐसा ही है। उन्होंने पत्रकारिता की चकाचौंध से दूरी बनाकर अपने भीतर की बेचैनी को आवाज़ दी और भड़ास4मीडिया जैसे मंच को जन्म दिया। यह मंच दरअसल उन अनसुनी और दबाई गई कहानियों का घर है, जहाँ सच्चाई साँस लेती है।
उनकी लेखनी तलवार की धार जैसी रही है, जिसमें संवेदनशीलता का गहरा स्पर्श भी है। वे न तो सत्ता के चमकते गलियारों में खोए, न ही किसी नामचीन पहचान के मोह में बंधे। उन्होंने सच को उसकी खुरदुरी मिट्टी से उठाया और वैसे ही सामने रखा, जैसे किसान हल चलाते हुए ज़मीन का सीना चीरता है। यही वजह है कि उनकी भाषा में खुरदरापन भी है और आत्मीयता भी। भड़ास4 मीडिया के मंच पर वे मीडियावालों की अस्पष्टता, संगठन की राजनीति, खबरों के पीछे की प्रक्रियाएं, और पत्रकारिता की सहजता-मुक्त भावनाओं को बेझिझक उजागर करते रहे। यही वजह है कि भड़ास4 मीडिया सिर्फ पोर्टल न रहकर आत्मीय, लेकिन सच्चाई पर आधारित आवाज बन गया है।
उनकी हिम्मत और संवेदनशीलता सिर्फ शब्दों तक सीमित नहीं रही। जब उन्होंने समाज में मौजूद अन्याय, पक्षपात, और असमानता के खिलाफ बात की, तो यह महज़ पत्रकारिता नहीं थी बल्कि आवाज थी, साहस था, और शायद थोड़ी सी बगावत भी।
आज उनके जन्मदिन पर शुक्रिया उस हिम्मत के लिए, उस आवाज़ के लिए, और उस इरादे के लिए, जिसने उन्हें अनसुनो की आवाज़ बनने का साहस दिया। आपका यह जन्मदिन अपने भीतर एक दूसरा जन्म लेकर भी आए। आपके भीतर की जिजीविषा, पत्रकारिता की सच्चाई, और सवाल पूछने की हिम्मत इसी तरह लगातार बनी रहे। जन्मदिन की बहुत-बहुत शुभकामनाएँ, यशवंत सिंह जी।
अनिल कुमार-
शानदार पत्रकार, जानदार इंसान, लेखनी के धनी तथा संवेदनशील मनुष्य, दूसरे के दुखों से द्रवित हो जाने वाले यशवंत भइया को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं! आप स्वस्थ रहें, मस्त रहें भगवान से यही कामना है!

जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएँ आदरणीय बड़े भाई एवं हमारे मार्गदर्शक यशवंत सिंह जी को! आप सिर्फ हमारे बड़े भाई ही नहीं, बल्कि गुरु, प्रेरणा और जीवन की सच्ची दिशा दिखाने वाले पथप्रदर्शक भी हैं। आपका साथ हमारे लिए आशीर्वाद है और आपकी छाया में हमें हमेशा विश्वास, साहस और सच्चाई पर टिके रहने की ताक़त मिलती है। आपका यह विशेष दिन उतना ही महान और उज्ज्वल हो जितना आपका व्यक्तित्व है। आप स्वस्थ रहें, दीर्घायु हों और आपकी कलम, आपका मार्गदर्शन और आपका आशीर्वाद यूँ ही समाज को रोशनी देता रहे। जन्मदिन की अनंत शुभकामनाएँ और कोटि-कोटि प्रणाम।
-सुजीत सिंह प्रिंस
कन्हैया शुक्ला-
जे हैं यशवंत सिंह .. Yashwant Singh… आज इनका हैप्पी बर्थडे है ..आज के दिन अगर इनका जन्म न हुआ होता तो Bhadas4media का भी जन्म न हुआ होता ..इनको लोग कई नामों से पुकारते हैं जैसे भड़ासी बाबा , स्वामी भड़ासानन्द .. असल में इनके साथ जिसका जैसा अनुभव वैसे लोग इनको जानते हैं पर इनकी सबसे बड़ी विशेषता है कि कुछ भी कहीं से सोचते हैं किसी भी विषय पर किसी भी कोने से इनकी इसी सोच ने ही इनको आज पत्रकारिता की यूनिवर्सिटी बना दिया हैं ..ये इनकी बड़ी उपलब्धि है कि किसी बड़े संस्थान की ग़ुलामी न करके ख़ुद को ही संस्थान बना दिया ..!

जीवित इंसान के लिए एक ही उत्सव है वो है उसका जीवन अगर जीवन ही नहीं तो उत्सव किस बात का ..इसलिए जीवन का हर दिन उत्सव की तरह से मनाओ ..!
यशवंत भैया जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं ..! आप भी इनको 9999330099 इस नंबर पर बधाई दे सकते हैं ..
साहब दीन यादव-
अपनी मेहनत और बेबाक कलम से पत्रकारिता की दुनिया में अलग पहचान बनाने वाले… दुनिया की खबर लेने वालों की…. खबर करने वाले भड़ास4मीडिया के संपादक, हमारे बड़े भईया यशवंत जी को जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएं और हार्दिक बधाई।
ईश्वर आपको दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य और अपार खुशियों से नवाज़े… आप यूं ही निर्भीक पत्रकारिता की मिसाल बने रहें और सच्चाई की लौ जलाते रहिए..
बीपी परमार-
जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ प्रिय Yashwant Singh जी… आज का दिन सिर्फ़ आपका जन्मदिन ही नहीं है, बल्कि उस निर्भीक और जुझारू कलम का भी पर्व है, जिसने हिंदी पत्रकारिता को भड़ास4मीडिया जैसा साहसी और सशक्त मंच दिया।
आपने अपने लेखन और सोच से यह साबित किया है कि पत्रकारिता सिर्फ़ खबरें लिखना नहीं, बल्कि सत्ता, तंत्र और व्यवस्थाओं से सवाल करने का साहस है। आपके संघर्ष, आपकी पारदर्शिता और आपकी बेबाकी आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है।
ईश्वर से प्रार्थना है कि आपको लंबी आयु, उत्तम स्वास्थ्य और निरंतर ऊर्जा प्रदान करें, ताकि आपकी कलम यूँ ही अन्याय और विसंगतियों के खिलाफ आवाज़ बुलंद करती रहे। आपका जीवन इसी तरह सार्थक, प्रेरणादायी और जनपक्षधरता से भरा रहे।
डॉ अतुल मोहन सिंह-
ग्रुप के सम्मानित सदस्य, हम सबके प्रिय अग्रज श्रीमन यशवंत सिंह Yashwant Singh जी का आज जन्मदिन है। वह आज किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। वह भले ही किसी ब्रांड में कार्यरत न हों पर उनका नाम स्वयं में ही ब्रांड है। ‘ऊर्जस्वी कुलश्रेष्ठ कुटुम्ब मिलन, सहभोज एवं सम्मान समरोह-2025’ के बाद से अभी तक वह सोशल मीडिया में ट्रेड कर रहे हैं। आपकी लोकप्रियता का आलम यह है कि हर मीडिया संस्थान के लोग आपके नाम को अपने मालिक के नाम से अधिक बेहतर जानते हैं। आप यशश्वी, ओजस्वी, तेजस्वी हों। ईश्वर से प्रार्थना है कि आप स्वस्थ और सानंद रहें। पुनः जन्मदिन की हार्दिक बधाई और शुभकामनायें। जय हो



जिन्होंने कलम से क्रांति की है। मैं बात कर रहा हूँ हमारे प्रिय क्रांतिकारी पत्रकार यशवंत भैया की। यशवंत भैया वे व्यक्तित्व हैं, जिन्होंने कभी भी सच कहने से परहेज़ नहीं किया। चाहे परिस्थिति कितनी भी कठिन क्यों न हो, उन्होंने हमेशा साहस के साथ सच को समाज के सामने रखा। उनकी कलम केवल लिखती नहीं है, बल्कि अन्याय और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज़ उठाती है। उनकी बेबाकी भरी बातें समाज को जगाने का काम करती हैं। उन्होंने यह साबित किया है कि पत्रकारिता सिर्फ़ पेशा नहीं बल्कि समाज की सच्ची सेवा है। सत्ता के दबाव में भी जो झुके नहीं, और सच के लिए हमेशा डटे रहे, वही असली क्रांतिकारी कहलाते हैं और यशवंत भैया इस परिभाषा के सबसे बड़े उदाहरण हैं। आज के इस पावन अवसर पर हम सब मिलकर उन्हें जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएँ देते हैं। ईश्वर से प्रार्थना है कि उन्हें दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य और निरंतर ऊर्जा प्रदान करें, ताकि उनकी कलम यूँ ही समाज की आवाज़ बनती रहे। जन्मदिन मुबारक हो यशवंत भैया!
-आकाश राय, मुंबई
रंजन बाजपेई-
जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं! मेरे विपत्ति के दिनों के साथी, बड़े भैया और भड़ास फार मीडिया के संस्थापक आदरणीय यशवंत सिंह जी को जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएं व बधाई।
यशवंत जी ने भारतीय पत्रकारिता जगत में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। जब मीडिया संस्थान दबाव और समझौते की राह पकड़ रहे थे, तब भड़ास फार मीडिया जैसे मंच की स्थापना कर उन्होंने पत्रकारों और मीडिया कर्मियों को अपनी बात रखने का सशक्त माध्यम दिया।
उनका जीवन संघर्ष, साहस और सच कहने की निर्भीकता का प्रतीक है। पत्रकारिता की दुनिया में वे उस मशाल की तरह हैं जो अंधेरे में रोशनी फैलाती है।
हम सबकी यही दुआ है कि ईश्वर उन्हें लंबी उम्र, उत्तम स्वास्थ्य और सफलता प्रदान करें।
आप जिएं हजारों साल, साल के दिन हों पचास हजार।
जन्मदिन की अनंत शुभकामनाएं यशवंत भैया!
पूर्वांचल की माटी के लाल, निर्भीक पत्रकारिता के पर्याय आदरणीय यशवंत भइया को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं और सादर लाल सलाम।
आपने अपनी निडर, मुखर और निष्पक्ष पत्रकारिता से सत्ता के अहंकार व जनविरोधी नीतियों के खिलाफ कलम की ताकत को हमेशा जिंदा रखा है।
भड़ास4मीडिया के माध्यम से आपने हाशिये पर खड़े लोगों, वंचित समाज और पीड़ित आमजन की आवाज बनकर पत्रकारिता की असली परिभाषा प्रस्तुत की है।
आज जब तथाकथित मेनस्ट्रीम मीडिया सत्ता की दलाली, चाटुकारिता और धन संचय में लिप्त है, तब आपका संघर्ष, ईमानदारी और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता हम सबको राह दिखाती है।
आपका यह विचार – “भविष्य की चिंता छोड़ वर्तमान को जिया जाए” – हर युवा और समाज के लिए प्रेरणा है।
भइया, आप यूं ही निर्भीक लेखनी और विचारों से समाज को दिशा देते रहें।जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं और सादर प्रणाम
लाल सलाम!-डॉ चंद्रशेखर यादव

Bhadas4media के संस्थापक बड़े भाई आदरणीय यशवंत सिंह जी को जन्मदिन की शुभकामनाओं के साथ उनकी पत्रकारिता, बाग़ी तेवर और कठिन समय में साथ खड़े होने की भूमिका को सलाम करता हूँ।
पूरे भारत देश की पत्रकारिता में यदि कोई हनुमान है तो वो यशवंत सिंह जी है। हनुमानजी ने रावण की लंका में आग लगा दी थी और यशवंत सिंह जी ने पीत पत्रकारिता की लंका लगाई हुई है।
यशवंत सिंह सिर्फ़ इंसान नहीं, बल्कि सच और संघर्ष की एक पूरी आंदोलनात्मक शक्ति हैं।
आदरणीय जन्मदिन की हार्दिक बधाई शुभकामनाएं…-हेमंत जैमन दबंग, अलवर
ख़ुर्शीद अनवर ख़ान-
पत्रकार सबके दुख दर्द लिखता है लेकिन पत्रकारों का दर्द सिर्फ़ यशवंत सिंह लिखते हैं। मीडिया सारी दुनिया की ख़बर रखता है लेकिन मीडिया हाउसों में पत्रकारों की क्या स्थिति है यह सिर्फ़ यशवंत सिंह बताते हैं। सरकारी अफसरों की ट्रांसफर पोस्टिंग आपको अख़बार बताता है लेकिन पत्रकारों , संपादकों के ट्रांसफर पोस्टिंग की जानकारी सिर्फ़ यशवंत सिंह देते हैं। छात्र , जवान , किसान सबके शोषण की कहानी पत्रकार लिखते हैं लेकिन मीडिया संस्थानों द्वारा पत्रकारों के शोषण की कहानी सिर्फ़ यशवंत सिंह लिखते हैं।मुल्क में हिंदी पत्रकारिता से जुड़ा हुआ शायद ही कोई पत्रकार होगा जो यशवंत सिंह और उनके पोर्टल भड़ास को न जानता हो।
शायद सन 2002 के आस पास अमर उजाला के दौर में मैने पहली बार यशवंत भैया का नाम सुना था।फेसबुक का ज़माना आया तो उनको देखने पढ़ने का अवसर मिला।बीते बरस उनसे पहली बार मिलने की खुशनसीबी भी हासिल हुई। मनमौजी यशवंत भैया गज़ब के इंसान हैं। शायद फक्कड़ी शब्द इन्हीं के लिए गढ़ा गया था।बेहद संवेदनशील सरल और नेक स्वभाव है। लेकिन सुलग गए तो स्वाहा करके ही दम लेते हैं। बेहद मुश्किल वक्त में यशवंत भैया जिस तरह मेरा सहारा बन कर खड़े हुए उसे ताज़िंदगी नहीं भूल सकता।
आज पत्रकारों के पत्रकार Yashwant Singh भैया का जन्मदिन है।एक बेहद शानदार शख्सियत को जन्मदिन की मुबारकबाद पेश करते हुए यह दुआ भी करता हूं कि इश्वर उन्हें अच्छी सेहत और लंबी उम्र दे! जन्मदिन मुबारक हो भैया!
देश के जबरदस्त क्रांतिकारी पत्रकार।जेल भी जिनकी जानेमन हो जाती है।संबंधों को जान देने और लेंने तक निभाने के बेमिशाल शौर्य वाहक न्यू मीडिया के प्रखर प्रवक्ता बेहद संवेदनशील भावुक हृदय के स्वामी और देश के अति लोकप्रिय भड़ास फॉर मीडिया के मालिक स्वभाव से फक्कड और अघोर विचार प्रखर वाहक श्री यशवंत सिंह जी को जन्मदिवस की हार्दिक बधाई और मंगल कामनाए!
-धीरेंद्र प्रताप सिंह, देहरादून

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प्रशांत राव गौतम-
बेजान पत्रकारिता की जान Bhadas4media के संस्थापक , निर्भीक, जुझारू, सेवारत Yashwant Singh सर को जन्मदिन की ढेर सारी बधाई। कुदरत से कामना है आप हमेशा स्वस्थ्य रहें, दीर्घायु हों ऐसी मेरी कामना है।

ज़ियाउर रहमान-
Bhadas4media के संस्थापक/संपादक, देशभर के पत्रकारों और शोषितों, वंचितों की बुलंद आवाज, बड़े भाई श्री Yashwant Singh जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं। अल्लाह आपको हमेशा सलामत रखे, यही दुआ है।



