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यशवंत उत्पीड़न प्रकरण पर पीएम, एचएम, एलजी और सीपी को किसान नेता राजाराम त्रिपाठी ने भेजा पत्र

”प्रधानमंत्री जी, गृहमंत्री जी, दिल्ली के राज्यपाल जी और दिल्ली के पुलिस आयुक्त जी… चारों को कॉपी चली गई है. चारों के लिफाफा का फोटो आपको भेज रहा हूं.”

ये संदेश भड़ास4मीडिया तक भेजा है देश के जाने माने किसान नेता राजाराम त्रिपाठी ने. छत्तीसगढ़ निवासी राजाराम ने दिल्ली पुलिस के एसीपी संजीव कुमार और इंस्पेक्टर सूरजपाल द्वारा भड़ास संपादक यशवंत का उत्पीड़न किए जाने से नाराज होकर ये पत्र देश के प्रमुख लोगों को लिखा और भेजा. देखें तस्वीरें-

ये भी पढ़ें-

किसान नेता राजाराम त्रिपाठी ने ‘यशवंत उत्पीड़न’ प्रकरण पर स्पीड पोस्ट के जरिए गृह मंत्री अमित शाह को भेजा पत्र


उधर देश भर के गणमान्य नागरिकों, पत्रकार संगठनों और सोशल मीडिया इनफ्लूएंशर्स का भड़ास4मीडिया के पास संदेश आना जारी है… देखें अधिवक्ता गोविंद चौहान का ये मैसेज-

दिल्ली पुलिस के द्वारा भड़ास 4 मीडिया के संपादक वरिष्ठ पत्रकार यशवंत सिंह के साथ किया गया व्यवहार निंदनीय : एडवोकेट गोविंद चौहान

एडवोकेट गोविंद चौहान ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कहा कि दिल्ली के भारत नगर थाने में एक वरिष्ठ पत्रकार भड़ास फॉर मीडिया के संपादक यशवंत सिंह के साथ जिस तरह एसीपी संजीव जैसे बड़े पुलिस अधिकारी की मौजूदगी में जिस तरीके से इंस्पेक्टर सूरजपाल के द्वारा बदतमीजी का सलूक किया गया वह निंदनीय है. गृहमंत्री को तुरंत संज्ञान लेकर दोषी पुलिस कर्मियों को पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर देना चाहिए। भारत देश में जहां पत्रकारिता की अस्मिता अधर में लटकी हुई है, ऐसी स्थिति में जो पत्रकार पत्रकारिता की अस्मिता को बचाने की जद्दोजहद कर रहे हैं, उनमें से एक नाम है देश के प्रतिष्ठित वरिष्ठ पत्रकार यशवंत सिंह का। उनके जैसे संभ्रांत सामाजिक व्यक्ति के साथ यदि पुलिस अपराधी जैसा व्यवहार करती है तो निसंदेह वह कानून की नजर में भी गलत है।

पत्रकार समाज का आईना होते हैं. वह कम संसाधनों में समाज को उसका आईना दिखाने का काम करते हैं. उन विषयों को मुखरता से भड़ास मीडिया छापता है जिन्हें मेंनस्ट्रीम मीडिया छापने से बताने से कतराता है. ऐसी स्थिति में यदि ऐसे पत्रकारों पर पुलिस इस तरह से व्यवहार करके प्रताड़ना करेगी तो पत्रकारिता को बहुत दिनों तक स्वतंत्र रख पाना मुमकिन नहीं होगा।


सोशल मीडिया पर लगातार आ रहीं प्रतिक्रियाओं में से कुछ चुनिंदा देखें-

Ziaul Haque
दुर्भाग्यपूर्ण घटना।। यशवंत भैया पत्रकारिता जगत के मज़बूत स्तम्भ हैं, आप वो हैं जिन्होंने कलम से समझौता कभी नहीं किया, कलम की धार पर पुलिस का ये वार बेहद दुःखद है। हम सब इसकी निंदा करते हैं।

Mahendra Awdhesh
यशवंत जी, आप अकेले नहीं हैं। इतना तो साफ तौर पर स्पष्ट है। मैं दो बच्चियों, उनकी मां समेत आपके साथ हूं। डरने की जरूरत नहीं है।

Rudrapratap Singh
मैं आपके साथ हूं, दिल्ली पुलिस का रवैया बहुत ही धिक्कार जनक है इस विषय को ठीक से जांच कराई जानी चाहिए ताकि न्याय हो सके।

Sanjay Singh Thakur
प्रदीप राय व उनके आकाओं के पाप का घड़ा भर चुका है । अब जल्दी फूटने वाला है जो इनकी नीचताई का प्रमाण है

Singhasan Chauhan
यशवंत भाई आप दूसरों लर लिए प्रेरणा स्रोत हैं, मेरा भी आज बलिया CJM कोर्ट में 5 पुलिस वालों के खिलाफ बयान दर्ज हुआ है

Saurabh Varshney
भाई साहब, इन सभी पुलिस कर्मियों के विरुद्ध एक मुकदमा दर्ज कराईये। इनको बेनकाब करना भी जरुरी है।

Suraj Kumar Sinha
भारत नगर थाना की कल के आपके जाने की तिथि और समय सहित एवं लौटने के समय सहित स्टेशन डायरी की मांग करें।

रवि राय
भाई,आपके हिम्मत और हौसले को सलाम। ज़िंदाबाद

Udit Sharma Journalist
जब तक एक ऑन लाइन एफआईआर करा दीजिए।

अफ़लातून अफलू
पुलिस द्वारा फोन,लैपटॉप छीनने के खिलाफ एक general प्रतिवाद भी हो रहा है।अर्प उस लड़ाई का हिस्सा हैं।सुकामना।मेरे लायक कुछ हो तो नि;संकोच बताएं।

Kumar Sarvesh
भाईसाहब, फोन छिनैती या चोरी हो जाने की रिपोर्ट दिल्ली पुलिस या अन्य राज्यों की पुलिस कभी नही लिखती। पुलिस कहती है कि missing की रिपोर्ट दर्ज कराइए। यह बहुत ही गंभीर मामला है। इसके लिए तो न्यायपालिका और गृह मंत्रालय को एक्शन लेना चाहिए, ताकि कोई भी पुलिस झपटमारी और चोरी की ही रिपोर्ट दर्ज करे । असल में पुलिस की भी झपटमार गैंग से मिलीभगत रहती है। मुकदमे तो पुलिस और संबंधित थाने के खिलाफ भी होना चाहिए।


पूरे प्रकरण को समझने के लिए इसे भी पढ़ें-

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