अस्पताल में एक बेड पाने की जद्दोजहद करते सबको अलविदा कह गए कैंसर पीड़ित पत्रकार योगेश सोलंकी

नई दिल्ली। ‘तेज निगाहें’ के प्रधान सम्पादक एवं सहारा समय के वरिष्ठ पत्रकार योगेश सोलंकी का गत दिनों निधन हो गया। उन्हें शिव विहार स्थित श्मशान घाट पर उनके पुत्र प्रिंस सोलंकी ने मुखाग्नि दी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार निष्पक्ष पत्रकारिता करने वाले जोहरी पुर निवासी योगेश सोलंकी को कैंसर की घातक बीमारी थी परंतु जब तक बीमारी का पता चलता, तब तक देर हो चुकी थी।

विडंबना है कि जिस शख्स ने समूची जिंदगी गरीबों की निस्वार्थ सेवा की, जरूरत पड़ने पर अस्पताल भी पहुंचाया, परंतु जब उन्हें इलाज की जरूरत पड़ी तो किसी ने भी मदद करने की जहमत नहीं उठाई।

वह आखिरी वक्त तक अस्पताल में एक बेड पाने के लिए धक्के खाते रहे। उनके बेटे प्रिंस सोलंकी के अनुसार पापा की खराब हालत के बाद बावजूद किसी भी नेता या अधिकारी ने उनकी मदद नहीं की। बड़ी मुश्किल से अस्पताल में बेड मिला था। यह बात कहते कहते उनके बेटे प्रिंस सोलंकी बिलख पड़े।

योगेश सोलंकी पत्रकार की शव यात्र में भारी संख्या में समाजसेवी छोटे बड़े प्रतिष्ठानों के पत्रकार संपादक शामिल हुए। अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके शोक संतप्त परिवार में पत्नी, एक बेटा और दो बेटियां हैं।

योगेश सोलंकी तो चले गए परंतु जाते-जाते समाज को आईना जरूर दिखा गए कि छोटे-मझोले पत्रकार बिरादरी की सुध लेने वाला कोई नहीं है।

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