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राजस्थान

ज़ी मरुधरा चैनल के स्टिंग अभियान के खिलाफ बिल्डरों ने मोर्चा खोला

राजस्थान में साल भर पहले लांच हुए ज़ी ग्रुप के रीजनल न्यूज चैनल जी मरुधरा के खिलाफ बिल्डरों ने मोर्चा खोल दिया है. आरोप है कि चैनल बिल्डरों को ब्लैकमेल करता है. बिल्डर एसोसिएशन द्वारा सभी सदस्य बिल्डरों को संगठित कर ज़ी समूह के सभी चैनलों पर भविष्य के लिये विज्ञापनों पर पूर्ण प्रतिबंध का फैसला लिया गया है. क्रेडाई ने अपने संगठन के सभी सदस्य बिल्डरों से अपील की है की वे रेपोर्टरों की ब्लैकमेलिंग या निगेटिव न्यूज़ से डरकर उन्हें  किसी प्रकार कोई नगद, फ्लैट, ज़मीन या गिफ्ट आदि देकर शोषण के कारोबार को बढ़ावा ना दें.

राजस्थान में साल भर पहले लांच हुए ज़ी ग्रुप के रीजनल न्यूज चैनल जी मरुधरा के खिलाफ बिल्डरों ने मोर्चा खोल दिया है. आरोप है कि चैनल बिल्डरों को ब्लैकमेल करता है. बिल्डर एसोसिएशन द्वारा सभी सदस्य बिल्डरों को संगठित कर ज़ी समूह के सभी चैनलों पर भविष्य के लिये विज्ञापनों पर पूर्ण प्रतिबंध का फैसला लिया गया है. क्रेडाई ने अपने संगठन के सभी सदस्य बिल्डरों से अपील की है की वे रेपोर्टरों की ब्लैकमेलिंग या निगेटिव न्यूज़ से डरकर उन्हें  किसी प्रकार कोई नगद, फ्लैट, ज़मीन या गिफ्ट आदि देकर शोषण के कारोबार को बढ़ावा ना दें.

शुरुआत में बिल्डरों की आपसी प्रतिस्पर्धा के कारण जिन 2-3 बिल्डरों ने अपने लिये पोजिटिव न्यूज़ की कोशिश की थी उन्ही पर इनकम टैक्स विभाग का छापा पड़ गया। इसके बाद से अब बिल्डर निगेटिव न्यूज़ से भी नहीं डर रहे हैं। बिल्डर इसलिए भी संगठित हैं क्योंकि यदि मरुधरा की इस परिपाटी के आगे झुकते हैं तो अन्य स्थानीय चैनल भी ब्लैकमेलिंग की शुरुआत कर देंगे.

सबसे पहले गुरुप्रज्ञा बिल्डर द्वारा काउंटर स्टिंग करने और चैनल के खिलाफ लीगल एक्शन की तैयारी की गई. ब UDB, SNG, ARG, सुहाल्का बिल्डर आदि द्वारा मुख्यमंत्री को शिकायत के बाद ब्लैकमेलिंग का मामला और गरमा गया है। इस शिकायत के बाद मुख्यमंत्री ने चैनल से जुड़े पत्रकारों पर निगरानी बढ़ा दी है। साथ ही इन पत्रकारों की सहायता करने वाले मंत्रियों और अफसरों पर सख्त कार्यवाही का आश्वासन दिया है।

कहा जा रहा है कि बिल्डर एसोसिएशन द्वारा इनकम टैक्स विभाग में भी ब्लैकमेलिंग की शिकायत दर्ज करा दी गई है. महानिदेशक ने बिल्डरों को आश्वासन दिया है की यदि उपरोक्त शिकायत सही है और सबूत उपलब्ध कराये जाते हैं तो चैनल के खिलाफ उचित कार्यवाही की जाएगी। अब कई चैनल व अखबार भी बिल्डरों का साथ देकर उनका हितैषी बनने में जुट गए हैं।

एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.

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