‘ZEE MP-CG’ के पत्रकार कन्हैया ने एडिटर दिलीप तिवारी का असली चेहरा प्रबंधन को दिखाया, पढ़ें पत्र

जी मीडिया समूह के प्रतिभाशाली टीवी पत्रकार हैं कन्हैया शुक्ला. इन्होंने करियर की शुरुआत ही जी मीडिया से की थी. पहले वो नोएडा में असाइनमेंट पर थे. बाद में उनके टैलेंट को देखते हुए उन्हें छत्तीसगढ़ भेजा गया. रायपुर में कन्हैया ने जमकर काम किया और सबको अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया. प्रबंधन ने भी कन्हैया को समुचित सम्मान और शाबासी से नवाजा. Continue reading

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

जी न्यूज के इस संपादक पर लगा बीस करोड़ रुपये मांगने का आरोप

पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने जी न्यूज के पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के संपादक दिनेश शर्मा पर बीस करोड़ रुपये मांगने का सनसनीखेज आरोप लगाया है. मजीठिया का कहना है कि गत विधानसभा चुनाव के दौरान संपादक दिनेश शर्मा ने उनसे बीस करोड़ रुपये की मांग की थी. धनराशि देने से इनकार किए जाने पर इस चैनल ने उनके खिलाफ दुष्प्रचार शुरू कर दिया. Continue reading

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

डॉ सुभाष चंद्रा ने दी जगदीश चंद्रा को भावभीनी विदाई, अब पुरुषोत्तम वैष्णव देखेंगे काम

https://www.bhadas4media.com/wp-content/uploads/2016/10/images_0a_00000jc.jpg

Zee ग्रुप से इस्तीफा देने वाले Zee मीडिया के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर जगदीश चंद्रा के सम्मान में कंपनी के चेयरमैन डॉ सुभाष चंद्रा ने शुक्रवार की देर रात दिल्ली स्थित अपने निवास पर एक डिनर का आयोजन किया जिसमें Zee मीडिया की पूरी टॉप लीडरशिप वहां मौजूद रही। Continue reading

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

जी न्यूज का रिपोर्टर फोन पर अस्पताल मालिक को क्या दे रहा ‘नसीहत’, सुनें टेप

यूपी के कुशीनगर जिले के जी न्यूज़ के पत्रकार हैं महेश मिश्र. इनका एक आडियो वायरल हो रहा है. बताया जाता है कि कुशीनगर के नेबुआ नौरंगिया ब्लाक के पकड़ीयार बाज़ार स्थित सिद्धि विनायक हास्पिटल में एक सप्ताह पहले महेश मिश्र एंड टीम ने छापा मारा था. बाद में वहां कुछ मैनेज-वैनेज किए जाने की बात हुई और टीम लौट आई.

कहा जाता है कि जब मैनेज किए जाने का वादा पूरा नहीं हुआ तो हास्पिटल मालिक को जी न्यूज़ कुशीनगर रिपोर्टर महेश मिश्र ने फोन किया और बात की. ये आडियो दोनों के बीच हुई बातचीत की है. हास्पिटल के मालिक को पत्रकार साहब ने नसीहत दी है कि हास्पिटल चलाना है तो मैनेज करके चलाइए. सुनिए पूरी बात…

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

डीएनए से भास्कर समूह की छुट्टी, जी ग्रुप ने किया टेकओवर, जगदीश चंद्रा देखेंगे सारे एडिशन्स

Zee Group Takes over DNA Jaipur and Ahmedabad Editions… Zee ग्रुप का हुआ DNA जयपुर और अहमदाबाद अखबार… डीबी कोर्प लिमिटेड से ले लिया गया प्रकाशन का जिम्मा..

(जयपुर DNA का कार्यभार सँभालने के दौरान डीएनए सीईओ जगदीश चन्द्र केक काटते हुए. साथ में हैं डीएनए जयपुर एडिटर सिद्धार्थ बोस, भास्कर के स्टेट एडिटर LP पन्त.)

देश के सबसे बड़े मीडिया हाउस जी ग्रुप ने शुक्रवार को जयपुर के डीएनए संस्करण को प्रकाशित करने की जिम्मेदारी डीबी कोर्प लिमिटेड से ले ली है.. अब DNA जयपुर को जी ग्रुप संचालित करेगा. शुक्रवार दोपहर 1 बजे भास्कर-डीएनए भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में जी रीजनल चैनल्स और डीएनए के सीईओ जगदीश चन्द्र ने कार्यभार ग्रहण किया. इसी अवसर पर केक काटा गया. कार्यक्रम में दैनिक भास्कर के स्टेट एडिटर एलपी पन्त, डीएनए जयपुर के रेजिडेंट एडिटर सिद्धार्थ बोस के अलावा डीएनए स्टाफ और जी राजस्थान से जुडा स्टाफ भी मौजूद रहा.

इस अवसर पर जगदीश चन्द्र ने भास्कर ग्रुप के पूर्व चेयरमैन स्व- रमेश अग्रवाल की को याद करते हुए कहा कि पत्रकारिता के क्षेत्र में रमेश अग्रवाल जी के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता. जगदीश चन्द्र ने भास्कर ग्रुप और जी ग्रुप की भागीदारी के बारे में कहा कि फिछले कई वर्षोंं से भास्कर ग्रुप और जी ग्रुप साथ मिल कर काम कर रहे हैं और दोनों के बीच नेचुरल गठबंधन है. जी ग्रुप के चेयरमैन श्री सुभाष चंद्रा और स्व. रमेश चन्द्र के संयुक्त लीडरशिप में डीएनए का प्रकाशन किया जा चुका है.

जगदीश चन्द्र ने यह भी कहा कि जी ग्रुप के संस्थापक डॉ सुभाष चंद्रा के विज़न के अनुसार ही जी ग्रुप ने जयपुर और अहमदाबाद डीएनए को प्रकाशित करने की जिम्मेदारी डीबी कोर्प से ली है. गौरतलब है कि गुरुवार को अहमदाबाद में आयोजित एक कार्यक्रम में डीएनए के अहमदाबाद संस्करण को भी जी ग्रुप ने प्रकाशित करने की जिम्मेदारी ली है जहाँ डीएनए सीईओ जगदीश चन्द्र ने कार्यभार संभाला.

जगदीश चन्द्र ने डॉ सुभाष चंद्रा के विज़न की तारीफ करते हुए कहा कि डॉ सुभाष चंद्रा के विज़न के अनुसार आने वाले दिनों में प्रिंट और टेलीविज़न के बीच शानदार सामंजस्य दिखाई देगा जिसमें डीएनए की एक्सक्लूसिव खबरों को जी मीडिया के न्यूज़ चैनल्स पर दिखाया जाएगा वहीँ न्यूज़ चैनल्स के रिपोर्टर्स द्वारा दी जाने वाले खबरों को dna में भी प्रकाशित किया जायेगा.

इस प्रकार अब जी ग्रुप दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद और  जयपुर से प्रकाशित होने वाले चारों संस्करणों का संचालन करेगा और इन सभी के सीईओ जगदीश चन्द्र होंगे जो जी मीडिया कारपोरेशन लिमिटेड के रीजनल चैनल्स, Zee हिंदुस्तान,  zee सलाम के सीईओ होने के अलावा ZMCL के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर भी हैं.

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

भव्य समारोह में सीईओ जगदीश चंद्रा ने लांच किया ‘जी हिंदुस्तान’ न्यूज चैनल

नोयडा में कल Zee मीडिया के नए नेशनल न्यूज़ चैनल ”जी हिंदुस्तान” की लॉन्चिंग हुई. “States make the Nation” की थीम पर आधारित ‘जी हिंदुस्तान’ को चैनल के सीईओ जगदीश चन्द्र ने केक काट कर लांच किया. नोएडा में आयोजित इस लॉन्चिंग सेरेमनी में जी चैनल्स के एडिटोरियल, सेल्स, फाइनेंस सहित सभी विभागों से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.

इस मौके पर जगदीश चन्द्र ने कहा कि ‘जी हिंदुस्तान’ देश के १२५ करोड़ लोगों की आवाज बनेगा और बिना किसी एजेंडा के देश के सभी राज्यों की खबरों को कवर करेगा… जगदीश चन्द्र ने यह भी कहा कि एक या दो मुख्यमत्रियों पर फोकस करने वाले नेशनल चैनल्स से हट कर इस चैनल पर देश के सभी मुख्यमंत्रियों के कवरेज को प्राथमिकता दी जाएगी.

एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन डॉ सुभाष चंद्रा और जगदीश चन्द्र द्वारा की जा रही इस पहल से अब देश के सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को इस नेशनल न्यूज़ चैनल ”zee हिंदुस्तान” पर जगह मिल पायेगीI यही नहीं उनके द्वारा किया जा रहे कामों को लेकर चैनल पर रोजाना रात 11 बजे ”’CMs’ कार्नर” नाम से एक कार्यक्रम भी प्रसारित किया जायेगाI एस्सेल ग्रुप के स्थापना दिवस पर लांच हुए इस नए राष्ट्रवादी चैनल का उद्घाटन करते हुए जगदीश चन्द्र ने कहा कि आने वाले दिनों में ‘जी हिंदुस्तान’ देश की आवाज बन कर सामने आएगा और देश का हर व्यक्ति अपने क्षेत्र की खबरों को इस चैनल पर पायेगा.

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टेन अमरिंदर सिंह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, गिरिराज सिंह सहित कई राजनेताओं ने चैनल की सफलता की शुभकामनाये दी. फ़िल्मी क्षेत्र से जुड़े मधुर भंडारकर, बिपासा बासु, इरफ़ान खान, स्वरा भास्कर सहित दूसरे क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने भी चैनल की सफलता की कामना की हैI यह चैनल आज पहले ही दिन से देश के सभी DTH प्लेटफार्म पर उपलब्ध है.

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

Zee न्यूज़ पर अगले 24 घंटे ये कार्यक्रम दिखाए जाएंगे :)

देखते रहें ZEE NEWS… Zee न्यूज़ का अगले 24 घंटे का प्रसारण शेड्यूल इस प्रकार है…

6-7 AM : “तीन तलाख”

7-8 AM : “डर गया चीन”

8-9 AM : “फिर आया फतवा”

9-10 AM : “घिर गया बगदादी”

10-11 AM : “अब बनेगा भारत विश्वशक्ति”

11-12 AM : “मुस्लिम अशिक्षा”

12-01 PM : “पाकिस्तान खौफ में”

01-02 PM : “मुस्लिम महिला”

02-03 PM : “अब होगा आतंकवाद का खात्मा”

03-04 PM : “विकास पुरुष”

04-05 PM : “गऊ रक्षा”

05-06 PM : “अब होगा भरष्टाचार का अंत”

06-07 PM : “देशविरोधी नारे लगाने वालों का समर्थक कौन”

07-08 PM : “अमेरिका में बजा भारत के विकास का डंका।

इस प्रकार, छी न्यूज देखते रहें… और, अपने बच्चों का भविष्य बर्बाद करते रहे….

पत्रकार Desh Deepak की एफबी वॉल से.

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

NDTV के परम पवित्र मालिकों से तो लाख गुना बेहतर है ज़ी ग्रुप के मालिक डॉ सुभाष चन्द्रा!

Abhishek Upadhyay : ज़ी ग्रुप के मालिक डॉ सुभाष चन्द्रा राज्य सभा पहुंच गए। बीजेपी के समर्थन से। तो क्या हुआ? लॉयल्टी है तो खुलेआम है। इसमें छिपाना क्या! NDTV के परम पवित्र मालिकों से तो लाख गुना बेहतर है ये। आप 2G केस के चार्जशीटेड आरोपी की कंपनी से साझेदारी करो। आप विदेशों में अंधाधुंध कम्पनियां खोलकर भारत में उस कमाई का हिसाब ही न दो। आप आरबीआई के निर्देशों की ऐसी की तैसी कर दो। आपकी मरी हुई दुकान के शेयर आसमान छूती बोलियों में खरीद लिए जाएँ और कोई एजेंसी आपसे सवाल तक न पूछे? कि भइया! ये चमत्कार हुआ कैसे?

आप माल्या के साथ “Good times” का सुहाना सफ़र भी कर लो। नीरा राडिया से भी सट लो। सारे करम कर लो। पर आपके सारे ख़ून माफ़! क्यों? इसीलिए न कि आप 10 जनपथ के चरणों में नतमस्तक हो! इसीलिए न कि कांग्रेस ऑफिस की ईंटों में ही आपको अपना काबा और काशी नज़र आता है। राजनीतिक सरपरस्ती के इस सुख के आगे तो राज्य सभा जाना बहुत छोटी बात है। फिर किस दौर में नही रही है ये लॉयलिटी। बस हिम्मत रखो खुशवंत सिंह की तरह सच क़ुबूल करने की। महान लेखक खुशवंत सिंह ने खुद ही ज़ाहिर कर दिया था कि वे संजय गांधी की सिफारिश पर हिन्दुस्तान टाइम्स के एडिटर बने थे। इससे उनकी महानता घट नही गई।

राजीव शुक्ला ने ‘रविवार’ मैगज़ीन में राजा मांडा वीपी सिंह की ऐसी की तैसी की। तो की। खुलकर राजीव गांधी का साथ दिया। सन्तोष भारती, उदयन शर्मा, एमजे अकबर, दीनानाथ मिश्र, चन्दन मित्रा, शाहिद सिद्दीकी राजनीतिक पार्टियों के साथ आए। तो खुलकर आए। ये लुकाछिपी का खेल क्यूं? ये पूरा लेख इस मसले पर लिखा ही नही है कि पत्रकार का राजनीति में आना सही है या ग़लत। सही गलत की परिभाषाएं वैसे भी अपनी समझ में नही आतीं। सबके अपने-अपने सत्य होते हैं। यहां तो मुद्दा सिर्फ इतना है कि गुरू अगर खेलना है तो खुलकर खेलो। नकाब पहनकर मैच नही खेले जाते। फाउल हो जाएगा एक दिन!

इंडिया टीवी में कार्यरत पत्रकार अभिषेक उपाध्याय के उपरोक्त एफबी स्टेटस पर आए पत्रकार विवेक सत्य मित्रम का लंबा कमेंट पढ़िए….

Vivek Satya Mitram : कमाल करते हो अभिषेक। अबे डर नहीं लगता क्या तुम्हें? पानी में रहकर मगर से बैर! सच कहूं तो तुम कालिदास से कम नहीं हो। कौन नहीं जानता कि आजकल मीडिया खासकर टीवी न्यूज़ इंडस्ट्री में नौकरियां पाना, उन्हें बचाकर रखना, सिर्फ और सिर्फ पीआर/ गुटबंदी/ गिरोह बाज़ी/ चमचागिरी और मक्खबाज़ी के दम पर होता है? वो तो तुम कर नहीं पाए कभी और अब बची खुची गुंजाइश खुल्लमखुल्ला गरिया कर खत्म कर रहे हो। किस मिट्टी के बने हो भाई? कितनी ही बार तो महसूस किया होगा तुमने कि तुम्हारे टैलेंट/ तुम्हारे काम और तुम्हारे अनुभव की कद्र की वजह से नौकरियां नहीं मिलती। फिर भी दिमाग ठिकाने न आया। जानते नहीं क्या तुम, किस पत्रकार को किसकी सिफारिश पर कहां नौकरी मिल गई? किस पत्रकार ने सिर्फ नौकरी बचाकर रखने के लिए किस हद तक अपनी अंतरआत्मा गिरवी रख दी? किस पत्रकार को उसका बॉस रात दिन कुत्तों की तरह ट्रीट करता है, फिर भी वो चूं नहीं करता? किस पत्रकार ने अपनी राजनीतिक निष्ठा को इनकैश करके क्या-क्या पा लिया, हासिल कर लिया? किस पत्रकार ने लेफ्ट से राइट और राइट से लेफ्ट होने में रत्ती भर वक्त नहीं गंवाया जब मामला बेहतर अवसर का आया तो? किस पत्रकार को किस मीडिया हाउस में किस पार्टी के इशारे पर अहम पद मिला? कौन से पत्रकार की किस पार्टी के साथ क्रांतिकारी सांठ-गांठ है? किस पत्रकार ने किसके स्पांसरशिप पर फॉरेन यात्रा की? किस पत्रकार को किस राजनेता की अनुकंपा से जनसत्ता अपार्टमेंट में मकान मिला? किस पत्रकार को किस पार्टी में रसूख की वजह से फिल्म सिटी में कौड़ियों के भाव ज़मीन मिली? किस पत्रकार को अपने संस्थान से इतर भी सैलरी मिलती है? अबे सब तो जानते हो। फिर भी लिखते हो ये सब।

डरो बे, नहीं तो नौकरी चली जाएगी। तुम ये भी तो जानते हो कि कितना छोटा कुंआं है ये मीडिया, जहां सब आपस में मिले हुए हैं। तुम्हारा मन नहीं करता क्या इतने महान चैनल में नौकरी करने का जहां दुनिया के सबसे महानतम पत्रकार इतने सालों से नौकरी बजा रहे हैं? वैसे भी कौन मानेगा अभिषेक उपाध्याय की बात कि रवीश कुमार जैसा क्रांतिकारी पत्रकार चोट्टों के चैनल में काम करता है। खैर, ये भी मुमकिन है कि न मालूम हो उन्हें ये सब, बड़े मासूम हैं। पर तुम नहीं सुधरे तो बड़ी दिक्कत हो जाएगी। ना तो कोई सियासी रिश्ता बना पाए तुम कभी, राजस्थान में रहे तो वसुंधरा की ऐसी तैसी करके रख दी, यूपी में मायावती की बैंड बजा के रखी, गुजरात गए तो मोदी के फाइव स्टार फास्ट की हवा निकाल दी। कब सुधरोगे? तुम्हारा तो कोई गॉडफादर तक नहीं मीडिया में। फिर कहां से आती है हिम्मत सच बोलने की, इतना करारा लिखने की? जिस दौर में लोग महज़ नौकरी के लिए नींद में सपने देखते हुए भी सावधानी रखते हैं कि सब सधा रहे, उसी दौर में तुम बिना परवाह खुल्लमखुल्ला लिखने का दुस्साहस करते हो। लोग तुम्हें पक्का पागल समझते होंगे। तुम्हें फर्क नहीं पड़ता क्या? सुधर जाओ, तुम भी तो बाप हो किसी के, तुम्हें डर क्यों नहीं लगता जैसा हज़ारों पत्रकारों को लगता है जो रोज़ मां-बहन की गालियां खाकर, अपना आत्म सम्मान, अपना ईमान गिरवी रखकर इसलिए नौकरी बचाके रखते हैं क्योंकि महीने के आखिर में सैलरी की दरकार होती है। ऐसा भी क्या कि अपने ही बिरादरी के खिलाफ़ लिखो? थोड़ा प्रैक्टिकल बनो यार, तुम तो खामखा दिल पर ले लेते हो! नौकरी के बारे में सोचो, वही आखिरी सच है!

वैसे एक बात बोलूं दोस्त, मज़ा आ गया, फ़क्र है कि तुम मेरे दोस्त हो! ईश्वर ऐसा कलेजा सबको दे। मुझे याद आ गया इलाहाबाद यूनिवर्सिटी का अभिषेक, जो तुम्हारे अंदर आज भी बाक़ी है। और ये बात मामूली नहीं! बधाई कि तुम वो दिखा सकने कि हिम्मत रखते हो जो तुम हो वरना लोग तो यहां नक़ाबों को अपना वजूद समझ बैठे हैं। तुम्हें नहीं मालूम, इस बेफिक्री में तुम्हें जो कुछ हासिल है, वो अहसास लोगों के नसीब में नहीं। यूं ही रहना, वरना कम से कम मैं तो तुम्हें माफ़ नहीं करूंगा।

Abhishek Upadhyay : मेरे दोस्त Vivek Satya Mitram, अपनी ताऱीफ सुनने से बड़ा सुख और क्या है। ये जानते हुए भी कि आप राई-रत्ती भर भी उस तारीफ को deserve नही करते। तुमने NDTV जैसों की शान में गुस्ताख़ी की धूल उड़ाते मेरे लिखे को शेयर करते हुए मेरे बारे में ही इतना लिख दिया। ये जानते हुए भी कि इसे शेयर करना अपनी आत्म-मुग्धता की खोखली तलवार को धार देने से अधिक और कुछ न होगा। बावजूद इसे शेयर कर अपनी वॉल पर तुम्हारे प्यार की खुशबू बिखरा रहा हूँ। रही बात डर की तो वो लगता है, पर ज़्यादा नही। बहुत पहले संजय दत्त को एक फ़िल्म में बोलते हुए सुना था–“ब्रेन ट्यूमर हो जाने के बाद मौत का डर खत्म हो जाता है।” कुछ कुछ वैसी ही स्थिति है 🙂

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

‘जी न्यूज’ के पक्ष में प्रदर्शन! सुधीर चौधरी हुए खुश, देखें तस्वीर

 

Sanjaya Kumar Singh : ज़ी न्यूज कार्यालय के बाहर इन युवकों ने ज़ी न्यूज की खबरों से एकजुटता दिखाते हुए प्रदर्शन किया और इसे जी न्यूज के रामनाथ गोयनका पुरस्कार विजेता, संपादक सुधीर चौघरी ने अपने फेसबुक पेज पर लगाया है। कैप्शन लिखा है:

Youngsters outside Zee News office to show solidarity with Zee News. It’s very heartening to see the young generation supporting a news channel which is very rare these. Thank you guys!

“यह देखकर बहुत अच्छा लग रहा है कि युवा पीढ़ी एक समाचार चैनल का समर्थन करे, जो इन (दिनों) बहुत दुर्लभ है। शुक्रिया गाइज।”

(अब गाइज की हिन्दी मैं जानबूझकर नहीं लिख रहा हूं। आप जो चाहें समझ लें)।

चार घंटे में इसे 431 शेयर, 4028 लाइक और 328 कमेंट मिल चुके हैं। है ना अच्छे दिन?

अब समाचार चैनल के पक्ष में युवा इस तरह एकजुटता दिखाएं और संपादक अपने चैनल के समर्थन को इस तरह फेसबुक पर प्रचारित प्रसारित करें तो टीवी पर बेचारा कपिल शर्मा क्या करेगा?”

वरिष्ठ पत्रकार संजय कुमार सिंह के फेसबुक वॉल से.

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

राम रहीम की मिमिक्री करने पर जीटीवी चैनल और उसके प्रोड्यूसर व कलाकारों पर दर्ज हुआ केस

कैथल (हरियाणा) : डेरा सच्चा सौदा प्रेमियों की शिकायत पर थाना सिविल लाइन पुलिस ने जीटीवी, इस चैनल पर प्रसारित एक कार्यक्रम के कलाकारों और प्रोड्यूसर पर धार्मिक भावनाओं को भड़काने के आरोप में केस दर्ज किया है। डेरा सच्चा सौदा समर्थक गांव ग्योंग निवासी दलशेर सिंह और गांव नौच निवासी उदय सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 27 दिसंबर को जीटीवी पर प्रसारित जश्ने उम्मीद कार्यक्रम में बाबा राम रहीम की छवि को खराब करने का प्रयास किया गया। इससे डेरे से जुड़ी संगत की भावनाओं को ठेस पहुंची है।

उनका आरोप है कि प्रसारित कार्यक्रम में एमएसजी फिल्म फिल्म की तरह बाबा राम रहीम की पोशाक पहनकर मोटरसाइकिल पर कलाकार आया। उसने लड़कियों के साथ नाच और शराब का प्रदर्शन किया। जबकि बाबा राम रहीम 112 कार्य ऐसे कर रहे हैं, जो मानवता की भलाई के लिए हैं। मामले में जांच अधिकारी एसआई ईश्वर सिंह ने बताया कि पुलिस ने शिकायत के आधार पर टीवी चैनल सहित कलाकार कीकू शारदा, गौरव गेरा, अगर अली, राजीव ठाकुर, पूजा बनर्जी, मुन्ना राय, गौतम गुलाटी, शाना खान और प्रोड्यूसर समेत कई कलाकारों के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में केस दर्ज किया है। एसपी कृष्ण मुरारी ने बताया कि पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

डेस्क वाला स्ट्रिंगरों को फोन कर बोलता है कि पांच स्पेशल खबरें भेजो तो उसमें से एक चलेगी

श्रीमान संपादक महोदय
भड़ास 4 मीडिया
विषय : जी पुरवईया बिहार में संकट

जी ग्रुप का चैनल जी पुरवईया में शिव पूजन झा संपादक को हटा कर नया चेहरा अनुभव खंडूरी को लाया गया. अनुभव खंडूरी ने आते ही अपना तेवर दिखाया और जिलों से स्ट्रिंगर की खबर लगने लगी. इस कारण स्ट्रिंगर में उत्साह दिखा और खबर का फ्लो भी बढ़ा. खंडूरी सर ने एक मीटिंग बुलाया जिला के स्ट्रिंगरों का. उसमें कहा कि खबर चलेगी, आप सभी मन लगा कर काम करें. उन्होंने कहा कि पहले क्या हुआ, उससे मतलब नहीं है.

उन्होंने जी पुरवईया चैनल की शुरुआत में 6 माह के बकाया पैसा और फिर मई जून में हुए पैसे के खेल पर कुछ भी बोलने से परहेज किया.  हद तो ये है कि इस बार स्ट्रिंगर को अभी तक न तो पेमेंट मिला है और न ही अब जिला की खबर लगती है. डेस्क पर बैठा एक शख्स जिसकी कोई औकात नहीं है, वह अब स्ट्रिंगरों को फोन कर बोलता है कि 5 खबर स्पेशल भेजो तो उसमें से एक चलेगी.  क्राइम की खबर में जो फुटेज ब्रेकिंग न्यूज़ में चल गया, उसका बिल में नहीं जुटता है. 

स्ट्रिंगर हो गए हैं बेहाल
डेस्क से कहा जाता है कि अब एजेंसी से खबर ले कर चैनल चलेगा.

भाई खूब बतकही बा जे खून पसीना के कर के खबर बना की भेजे ल ओकड़ा के लेल रुपया न बा और एजेंसी लेल हिनका गाड़ में डदम बा

इहे हाल रहेगा तो एक दिन जी पुरवईया को बंद करना होगा या फिर स्ट्रिंगर की छंटनी कर के दूसरा के रखेगा

इहो बात चल रहा है एगो डेक्स के आदमी ने कहा है कि परफॉर्मेंश के आधार पर स्ट्रिंगर को हटाा जाएगा

तब दूसरे के रख के खून चूसी खंडूरी

इस बात की भी चर्चा है कि खबर नहीं चलने के बावजूद दरभंगा जिला का मार्केटिंग में काम करने वाला जी पुरवईया में है, वह जबरदस्ती विज्ञापन के लिए दबाव बना रहा है

खंडूरी खड्यंत्र में लगा है कि अपना आदमी लोग को जिला में रखें

वहीँ खंडूरी का चमचा सब भी इसी फिराक में लगा हुआ है अपना आदमी सब को जिला में रखने के लिए

एक स्ट्रिंगर द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

जिसने किया महिला टीचर का सम्मान तार-तार, उसे मिला रामनाथ गोयनका सम्मान

Vineet Kumar : जी न्यूज के दागदार संपादक सुधीर चौधरी को 16 दिसंबर 2012 में हुए दिल्ली गैंगरेप की पीडिता के दोस्त का इंटरव्यू करने के लिए साल 2013 का रामनाथ गोयनका सम्मान दिया गया. ये सम्मान सुधीर चौधरी के उस पत्रकारिता को धो-पोंछकर पवित्र छवि पेश करती है जिसके बारे में जानने के बाद किसी का भी माथा शर्म से झुक जाएगा. पहली तस्वीर में आप जिस महिला के कपड़े फाड़ दिए जाने से लेकर दरिंदगी के साथ घसीटने,बाल नोचने के दृश्य दे रहे हैं, ये शिक्षक उमा खुराना है. इन पर साल 2007 में लाइव इंडिया चैनल ने स्टिंग ऑपरेशन किया और लोगों को बताया कि ये महिला शिक्षक जैसे पेशे में होकर छात्राओं से जिस्मफरोशी का धंधा करवाती है. चैनल ने इस पर लगातार खबरें प्रसारित की.

नतीजा ये हुआ कि दिल्ली के तुर्कमान गेट पर बलवाईयों ने इस महिला को घेर लिया..कपड़े फाड़ दिए और मार-मारकर बुरा हाल कर दिया. पुलिस की सुरक्षा न मिली होती तो इस महिला की जान तक चली जाती. बाकी देश के लाखों लोगों की निगाह में ये शिक्षक ऐसी गुनाहगार थी जिसका फैसला लोग अपने तरीके से करने लग गए थे. लेकिन जल्द ही पता चला कि चैनल के रिपोर्टर प्रकाश सिंह ने कम समय में शोहरत हासिल करने के लिए जिस स्टिंग ऑपरेशन को अंजाम दिया था वो पुरी तरह फर्जी है. उस वक्त चैनल के प्रमुख यही सुधीर चौधरी थे और उन्होंने अपने रिपोर्टर को क्रिमिनल बताते हुए साफ-साफ कहा कि इसने हमें धोखे में रखा और इस खबर की हमें पहले से जानकारी नहीं थी. चैनल एक महीने तक ब्लैकआउट रहा. प्रकाश सिंह थोड़े वक्त के लिए जेल गए..फिर छूटकर दूसरे न्यूज चैनल और आगे चलकर राजनीतिक पीआर में अपना करिअर बना लिया और इधर खुद सुधीर चौधरी तरक्की करते गए.

इस फर्जी स्टिंग ऑपरेशन के देखने के बाद जनता ने शिक्षक उमा खुराना के साथ जो कुछ भी किया, उसकी कोई भरपाई नहीं हुई..अब वो कहां हैं, क्या करती हैं, किस हालत में है इसकी मीडिया ने कभी कोई खोजखबर नहीं ली लेकिन अब जबकि सुधीर चौधरी को महिलाओं के सम्मान के लिए ये अवार्ड मिला है तो कोई जाकर उनसे अपने चिरपरिचत अंदाज में पूछे कि आपको ये खुबर सुनकर कैसा लग रहा है तब आपको अंदाजा मिल पाएगा कि महिलाओं का सम्मान कितना बड़ा प्रहसन बनकर रह गया है. बाकी जी न्यूज के इस दागदार संपादक पर बोलने का मतलब देशद्रोही होना तो है ही. ‪

कथित दलाली मामले में जेल जा चुके संपादक को मिला रामनाथ गोयनका सम्मान… एक तरफ कथित दलाली मामले में जेल जा चुके ज़ी न्यूज़ के दागदार संपादक सुधीर चौधरी को भारतीय पत्रकारिता का सर्वश्रेष्ठ रामनाथ गोयनका सम्मान मिला है तो दूसरी तरफ हर साल की तरह मेरे उन दोस्तों को जो मीडिया में रहते हुए मेनस्ट्रीम मीडिया के खिलाफ अपनी आवाज़ बुलंद करते रहे हैं. कायदे से तो ऐसे दागदार संपादक पर हमें बात करनी छोड़ देनी चाहिए. भई जिसे देश की एक बड़ी जमात उसे राष्ट्रवादी मीडियाकर्मी मानकर सम्मान से डीएनए शो देखती है तो दूसरी तरफ खुद मीडिया के भीतर के लोग उन्हें पुरस्कार से नवाजते हैं.लेकिन इन सबके बीच मेरे दिमाग में एक सवाल तो बार-बार उठता ही है- क्या पुरस्कार चयन समिति में वो मीडियाकर्मी भी शामिल रहे हैं जिन्होंने 100 करोड़ की कथित दलाली मामले में कभी सौ सुधीर चौधरी का विरोध किया था? बाकी ब्रांड के मेकओवर के लिए रामनाथ गोयनका अवार्ड तो असरदार विम लिक्विड है ही..सारे दाग-धब्बे साफ़

और हां, रामनाथ गोयनका सम्मान से मोदी और उनकी सरकार को कोई लेना-देना नहीं है… कुछ लोग जी न्यूज के दागदार संपादक सुधीर चौधरी को पुरस्कार दिए जाने पर मोदी सरकार की आलोचना कर रहे हैं. प्लीज ऐसा न करें. इस पुरस्कार से सरकार का कोई लेना-देना नहीं है. इस तरह की बातें करने से संदर्भ बदल जाते हैं और एक सीरियस बात मजाक में बदल जाती है. ये पुरस्कार इंडियन एक्सप्रेस समूह के संस्थापक रामनाथ गोयनका की याद में उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए दी जाती है और इसका पूरा खर्च समूह अपने ढंग से वहन करता है. हां ये जरूर है कि कार्यक्रम में रौनक लाने के लिए हर साल बड़े पैमाने पर राजनीतिक और सरकार से जुड़े लोगों को आमंत्रित किया जाता है लेकिन इस पुरस्कार के दिए जाने में उनकी कहीं कोई भूमिका नहीं होती.

युवा मीडिया विश्लेषक और ब्लागर विनीत कुमार के फेसबुक वॉल से.


मूल खबर>

कुलदीप नैयर को लाइफ टाइम अचीवमेंट… इन 56 पत्रकारों को भी मिला रामनाथ गोयनका एवार्ड…

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

धंधेबाज और चरित्रहीन जी न्यूज (एमपी-सीजी) वालों ने एक इमानदार रिपोर्टर को यूं बेइज्जत कर निकाला

घटना छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर सरगुजा की है. यहां मनीष सोनी नामक पत्रकार कई वर्षों से जी न्यूज एमपी-सीजी से जुड़े हुए हैं. आज उन्होंने अचानक देखा कि चैनल स्क्रीन पर उनका नाम लिखकर यह चलाया जा रहा है कि मनीष सोनी को चैनल से निकाल दिया गया है, उनसे कोई किसी प्रकार का संबंध अपने जोखिम पर रखे. ऐसी ही कुछ लाइनें बदल बदल कर लगातार चल रही थी. मनीष सोनी को यकीन न हुआ कि आखिर उनके साथ ऐसा क्यों किया जा रहा है. उन्होंने न तो दलाली की है, न बेइमानी की है, न चोरी की है, न अपराधी हैं, तो चैनल वाले ये सलूक क्यों कर रहे हैं.

इस पूरे प्रकरण को लेकर जब मनीष सोनी ने दाएं बाएं से पता किया तो मालूम चला कि चैनल के धंधेबाज वरिष्ठ पदाधिकारी अपनी धंधेबाजी बढ़ाने और अपनी काली करतूतों को विस्तार देने हेतु उन्हें बलि का बकरा बनाकर हटा दिया है और किसी दूसरे धंधेबाज को चैनल की बागडोर सौंप दी जाएगी. इस हटाने के लिए पूरी एक कहानी गढ़ी गई और उसके आधार पर उन्हें बर्खास्त करके इसकी सूचना सीधे चैनल पर प्रसारित करवा दी गई. मनीष सोनी ने अपने चैनल के वरिष्ठों को एक पत्र लिखकर ऐसी हरकत करने के पीछे का कारण पूछा है… पढ़िए एक इमानदार पत्रकार का दर्द.

मनीष का पत्र अगले पेज पर है जहां जाने के लिए नीचे क्लिक करें>

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

यूपी में जी मीडिया और राजस्थान में समाचार प्लस के संवाददाता मांग रहे पैसे (सुनें टेप)

: जी मीडिया का संवाददाता बाबा से मांग रहा है पांच लाख रुपये : समाचार प्लस राजस्थान के संवाददाता ने स्कूल संचालक से मांगे पैसे : इलाहबाद के पास है कौशाम्बी. यहां कुछ ऐसे लोग हैं जो मीडिया को बेच रहे हैं. कौशाम्बी में पत्रकार हैं अजय कुमार जो कथित तौर पर जी न्यूज़ में काम कर रहे हैं. इन महाशय ने तीन कैमरामैन भी रख लिया है. ये पूरा गिरोह मिलकर खबर के चलाने रोकने के नाम पर मोटी रकम की डिमांड कर रहे हैं. एक बाबा से रिपोर्टर अजय कुमार और उनके एक सहयोगी की बातचीत का आडियो वायरल हुआ है. इसमें अजय के सहयोगी धारा यादव ने बाबा से खबर न चलवाने के नाम पर जी मीडिया को विज्ञापन देने के लिए 500000 रुपये की मांग की. अजय कुमार पर शराब के नशे में बिजली विभाग के जेई से मारपीट की मामला मंझनपुर कोतवाली में दर्ज हो चुका है. टेप सुनने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें: https://www.youtube.com/watch?v=bUP6J2nn4_Y

उधर, राजस्थान के बूंदी जिले के हिण्डोली तहसील में टीपू सुल्तान नाम का एक संवाददाता है जो समाचार प्लस राजस्थान चैनल में काम करता है. आरोप है कि बूंदी शहर से लेकर हिण्डोली कस्बे के सभी निजी स्कूलों को यह धमकाता रहता है और उनसे पैसे मांगता है. यह संवाददाता स्कूल वालों पर नियम कानून तोड़कर स्कूल चलाने का आरोप लगाता है और स्टिंग करके चैनल पर चलाने की बात कहता है. इस सबका मकसद अवैध वसूली करना होता है. ऐसे ही एक केस में संवाददाता का आडियो लीक हो गया और पूरी बातचीत वायरल हो गई. इस टेप के बाद बूंदी शहर में समाचार प्लस विवादों में आ गया है. इस ऑडियो में संवाददाता टीपू सुल्तान और स्कूल संचालक के बीच बातचीत है. टेप सुनने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें: https://www.youtube.com/watch?v=aSMQtjoTal0

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

16 वर्ष से सेवा दे रहे संजीव ने धोखा मिलने के बाद ज़ी मीडिया से दिया इस्तीफा, मोहित शर्मा प्रेम बने हिमाचल के नए प्रभारी

ज़ी मीडिया के हिमाचल प्रदेश प्रभारी संजीव शर्मा ने आखिर इस सोमवार को ज़ी से किनारा कर ही लिय. संजीव 1999 से इस चैनल के साथ जुड़े हुए थे. हिमाचल पंजाब और हरियाणा में उन्होंने अपनी रिपोर्टिंग की साख को बचाये रखा मगर ज़ी मीडिया के कुछ लोगों की मिलीभगत के चलते उनको इस लम्बे साथ को छोड़ना पड़ा. पिछले लगभग एक वर्ष से उन्हें हर प्रकार से तंग किया जा रहा था. यही नहीं उनको ज़ी मीडिया द्वारा इस्तीफ़ा देने के लिए मजबूर कर दिया गया. उनके प्रदेश प्रभारी होते हुए ही प्रबंधन ने शिमला में उनसे जूनियर रिपोर्टर को उनके ऊपर बिठा दिया. कई महीने तक उनका मानदेय रोके रखा गया. इस सबसे परेशान होकर संजीव ने ज़ी से इस्तीफा दे दिया. संजीव शर्मा के इस्तीफा देते ही प्रदेश की आधी से ज्यादा टीम ने भी अपने इस्तीफे जी मीडिया को भेज दिए. कुल मिलकर कुशल लोगों के छोड़ जाने के बाद अब हिमाचल में ज़ी मीडिया का क्षेत्रीय चैनल राम भरोसे ही हो गया है.

संजीव के इस्तीफे से कई महीने पहले ही ज़ी हिमाचल ने शिमला में संजीव को ब्यूरो प्रमुख से हटा कर मोहित प्रेम शर्मा को ये सीट सौंप दी थी. मोहित प्रेम शर्मा का रिपोर्टिंग का अनुभव बहुत ही कम है और संजीव को उनके अधीन काम करने के लिए दबाव डाला जा रहा था. मोहित प्रेम शर्मा साधना न्यूज में हिमाचल प्रभारी के रूप में काम किया और उनके नेतृत्व में ही साधना को हिमाचल का बुलेटन बंद कर देना पड़ा. उसके बाद उन्होंने ख़बरें अभी अभी का रुख किया, मगर इस चैनल का भी यही हाल हुआ. जल्द ही चैनल को हिमाचल से किनारा करना पड़ा. ततपश्चात मोहित ने डे एंड नाइट न्यूज में एंट्री मारी, मगर हिमाचल में अपनी जबरदस्त पकड़ बना चुका यह क्षेत्रीय चैनल एक वर्ष भी मोहित के भार को नहीं संभाल पाया. हिमाचल में मोहित प्रेम शर्मा के साथ ये काला इतिहास भी जुड़ चुका है कि जिस चैनल में इनकी एंट्री होती है उस चैनल को बंद ही होना पड़ता है. जब इनकी ज़ी में एंट्री हुई तब ये अफवाहों का बाजार एक बार फिर से गर्म हुआ था. आज संजीव के चैनल छोड़ जाने के बाद ज़ी का हाल भी कुछ ऐसा ही नजर आ रहा है. ज़ी हिमाचल अब तीसरे-चौथे नंबर के चैनल के रूप में देखा जा रहा है. ऐसे में अब सबकी नजरे इसी बात पर टिकी है कि चैनल कब हिमाचल से रुखसत होता है.

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

complaint to NBA against Zee News for spreading communal hatred

Date: 2nd august 2015

To

News Broadcaster Association    
Reg. Off.: Juris House Ground Floor
22, Inder Enclave, Paschim Vihar
New Delhi 110087          
New Delhi                                                                                                                                                                            

Sir,       

Subject  :  Complaint against zee news who is spreading communalism and hatred though news channel

This is to inform you that I am a citizen of india , who feels that zee news is spreading hatred and communalism and working as an agent of saffron outfits. Now a days zee news has become an anti muslim news broadcaster. Sudhir chowdhry whos is chief editor of zee news  and other journalists belong to zee group are puppet of BJP and sangh parivar . this is going to divide the secular minds of our country.

On 2nd august 2015, zee news telecasted a programme named ‘kathghare me Azmi aur Owaisi’ between 7:57 pm and 8:27pm. In this programme zee targeted some muslim leaders who were not in favour of yaqub memon’s hanging  while a lot of  leaders from other communities and activists did the same before and after the hanging of yaqub memon. But Zee news targeted only  Muslim leaders and used the defamative languages against them. Anchor of programme used the words like “aap ko sharm nahi aati hay” for a reputed leader of Mahrashtra , “Akberuddin Owaisi jo is desh ko galiyan deta hay” while he is Member of Telangana Assembly etc.

Even , Anchor of programme insulted Indian judiciary by saying that  “ aap ko pata nahi Indian judiciary slow hay”

Sir, I want to remind you that during post Godra riot zee news conducted an exclusive interview of then Gujarat CM mr. Narendra modi in which he explained the theory of Newton. During the investigation , Hon. Court issued the summon thrice to the zee news to produce the CD of that interview but they never did . This was also an act of insult to judiciary.

Last year , they telecasted a fabricated program named ‘love jihad aur sab se badi panchayat’ . Due to use of anti Islamic word during the debate I went to Hon. Gujarat High court. On my petition , Hon. Gujarat High Court issued notice to Ahmedabad Police Commissioner to take action accordance to law on my complain which was pending in the police station of Bapu Nagar. Later Noida police taken statements of zee news official . But they don’t care any one .

I don’t expect more from News Broadcaster Association, if possible atleast issue a notice to zee news and editor. Hope you will inform me regarding any progress of this complaint

I apeal to NBA to consider my pain and save fairness of Indian media

Thans & Regard
Mohd kaleem siddiqui
89-1509 sundaram Nagar, Rakhial
Ahmedabad 380023
Mob. : 9276848549                                                                                                                                            

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

जी पुरवइया कथा : कांप्रोमाइज न करने पर प्रताड़ित की जा रही महिला पत्रकार ने खोला कच्चा चिट्ठा, दिया इस्तीफा (पढ़ें पूरा पत्र)

नमस्कार सभी को…

अब मैं ज़ी पुरवईया की हिस्सा नहीं हूं… इसलिए कुछ बातें बताना बेहद ज़रूरी है… आप सभी को ये लग रहा होगा कि अचानक आख़िर मैंने क्योँ रिज़ाइन कर दिया… मुझे पता है संपादक महोदय ठीक उसी तरह कहेंगे जैसे अभिमन्यु सर के इस्तीफे के बाद कहा गया था कि मैंने उसे निकाला है… इसलिए मैं ख़ुद उस इस्तीफ़े की कॅापी इस मेल में लगा रही हूँ… ताकि लोगों को सच्चाई भी पता चले और बहुरुपिया संपादक का काला और घिनौना चेहरा भी सामने आए… मेरे छोड़ने का कारण नीचे दिए गए त्याग पत्र की कापी में उल्लखित है….

इस्तीफ़े की कॅापी ये है…

सर,

बहुत अफ़सोस हो रहा है ये कहते हुए कि अब मैं इस चैनल में काम नहीं कर सकती… ऐसी कोई वजह ही नहीं बची अब कि मैं इस संस्थान में काम कर पाउं…. सबसे पहले यहां के सबसे उच्च अधिकारी (शिवपूजन झा) के द्वारा ‘कॉंप्रोमाइज़’ की बात की अवहेलना करना… जिसका ख़ामियाज़ा मुझे अप्रेज़ल में चुकाना पड़ा… और पिछले कुछ दिनों में बिना वजह मेरे साथ जो सौतेला व्यवहार किया जा रहा है.. अब मैं उन सभी चीज़ों से थक गई हूं….. मैंने कई दफ़े अपनी बात दिल्ली तक भी पहुंचाने की कोशिश की… पर उनको सबूत चाहिए था… एक लड़की अपने साथ हुए ‘उस व्यवहार’ का सबूत कैसे दे… ये मैं नहीं समझ पाई… क्या मुझसे उस वीडियो की उम्मीद की जा रही थी जो कॉंप्रोमाईज़ करने के बाद बतौर सबूत मैं पेश कर सकती थी…

अफ़सोस होता है सर… करियर के शुरुआत में ही ऐसा धक्का मुझे मिला है इस चैनेल से, जो मेरे शब्द भी शायद ज़ाहिर ना कर पाएं…. मिडिल क्लास से ताल्लुक रखने की वजह से ये सीखा कि चीज़ों को संभाल कर चलूं… नज़रअंदाज़ करके चलूं.. पर हूं तो आख़िर इंसान ही… ज़ी पुरवईया में काम सीखा… रोटी मिली… कुछ अच्छे रिश्ते भी बने… पर साथ ही बहुत सारी कड़वी यादें भी लेकर जाउंगी… जो भगवान ना करे मेरी उम्र की किसी लड़की के हिस्से में कभी आए…. मेरा परिवार यहीं है… बहुत ख़ुश थी जब इंटर्न बनकर यहां आई थी… पर अब मुझे यहां सिवाय मानसिक प्रताड़ना के कुछ नहीं मिल रहा… ऐसी जगह मैं बिल्कुल काम नहीं करना चाहती जहां लोग अपनी ग़लती छिपाने के लिए दूसरे की गरदन मरोड़ देते हों…. मेरा भविष्य यहां नहीं..इसलिए मुझे जल्द से जल्द यहां से आज़ाद करें… बहुत कृपा होगी क्योंकि मेरा दम अब घुटता है यहां… कृपया इस इस्तीफ़े को क़बूल करें और मुझे अतिशीघ्र इस चैनल से मुक्त करें…

धन्यवाद

प्रतिभा


इन्हें भी पढ़ें…

‘झा-झा गैंग’ बनाकर मलाई जीम रहे शिवपूजन, ‘जी पुरवैया’ चले या भाड़ में जाए

xxx

‘ज़ी पुरवइया’ ने अपने आठ मीडिया कर्मियों को नौकरी से निकाला

xxx

‘ज़ी पुरवइया’ से एंकर सैयद हुसैन का इस्तीफ़ा

xxx

भुखमरी की कगार पर पहुँच गए जी पुरवइया के स्ट्रिंगर

 

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

जी संगम : मैडम को खुश करने के लिए एक और पत्रकार की नौकरी खा गए वाशिंद्र मिश्रा

जी मीडिया का एक और चैनल एक बार फिर अपनी काली करतूतों की वजह से सुर्खियों में है। जी संगम के एडिटर वाशिंद्र मिश्रा बड़ी नैतिकता की बात करते हैं लेकिन वह अपने चेलो के साथ मिलकर गरीब पत्रकार की नौकरी खा जाते हैं। वह न्यूज रूम की एक मैडम को खुश करने के लिए एक और परिवार पर गाज गिरा गए।

कुछ दीन पहले जी संगम में कर्मियों का इंक्रिमेंट हुआ था। हर बार की तरह अपने चमचों को वाशिंद्र मिश्र ने खूब पैसे बांटे लेकिन आधे से ज्यादा स्टाफ हाथ मलता रह गया। इन में से एक असिस्टेंट प्रोड्यूसर विधु भी था। अच्छा काम करता था। अपनी जिम्मेदारियों को समझता था। शायद यही उसकी गलती थी। वाशिंद्र मिश्रा ने दो साल से विधु का एक पैसा नहीं बढ़ाया। पूरे न्यूज रूम में विधु ने वाशिंद्र की एक चमची से कहा कि मैडम आप को सजा ऊपर वाला ही देगा। बस यही से विधु की उल्टी गिनती शुरू हो गई। 

कुछ दिन पहले वाशिंद्र ने अपने चमचों के साथ मिल कर एचआर को कांफिडेंस में लिया और विधु को जी संगम से बाहर करा दिया। एक फैमिली वाले जर्नलिस्ट की नौकरी खा गए। इसके बाद तो मैडम के वाणी में फूहड़ सा ओज आ गया, बोलने लगीं- देखा, हमारा यहां कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। जी संगम में क्या चल रहा है, समझना मुश्किल नहीं है। कर्मचारी आपस में बातें करने लगे हैं कि क्या ये सब जी मीडिया के मालिक सुभाष चंद्रा को नहीं दिख रहा है। क्या ये सब सीईओ को नहीं पता है।  

एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

ज़ी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ से एक साथ 15 लोगों के जबरन इस्तीफे

ज़ी मध्यप्रदेश – छत्तीसगढ़ के चैनल हेड दिलीप तिवारी ने चैनल के कुछ रिपोर्टर सहित इनपुट और आउटपुट के कुल 15 लोगों से जबरिया इस्तीफा ले लिया है।

यही नहीं, कुल 26 जिलों के स्टिंगर भी हटाये जा रहे हैं। इस्तीफा देने वालों में चैनल के मध्यप्रदेश ब्यूरो हेड रहे अतुल पाठक, भोपाल की संवाददाता सीमा वर्मा, इंदौर के ब्यूरो हेड कृष्णपाल सिंह, छत्तीसगढ़ के ब्यूरो हेड रवि नामदेव सहित इनपुट और आउटपुट के कई बड़े दिग्गजों से जबरन इस्तीफे ले लिए गए हैं। सभी को बिना कारण बताए हटने के लिए मजबूर किया गया है। यही नहीं, विगत 6 महीनों से किसी भी स्टिंगर को पेमेंट नहीं किया गया है और खबर है कि पेमेंट नहीं दिया जायेगा। 

अन्दर की खबर यह है की चैनल हेड पहले नेशनल चैनल में पोलिटिकल एडिटर के रूप में काम करते थे।  दिलीप तिवारी को नेशनल चैनल से हटा कर आर्थिक रूप से गर्त में चल रहे ज़ी मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ की जिम्मेदारी दी गयी थी। आर्थिक पोषण के लिए दिलीप तिवारी ने हद से ज्यादा प्रयास किये पर चैनल की आमदनी नहीं बढ़ा सके। अपनी कुर्सी बचाने के लिए अब वो अपने गुर्गे चैनल में फिट करना चाहते हैं।

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

सुधीर चौधरी ने कुमार विश्वास को ‘कामुक कविराज’ कहा तो कुमार ने सुधीर को ‘तिहाड़ी’ करार दिया!

ट्विटर पर जी न्यूज के संपादक सुधीर चौधरी और कवि व ‘आप’ के नेता कुमार विश्वास के बीच जबरदस्त आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है. सुधीर चौधरी ने कुमार विश्वास को एक ट्वीट में ‘कामुक कविराज’ कहा तो कुमार विश्वास ने सुधीर चौधरी को ‘तिहाड़ी’ करार देते हुए पूछा कि उन्हें उनके घर के किस सदस्य ने कामुक जैसी गोपनीय जानकारी दी है. दोनों के आरोप-प्रत्यारोप संबंधी ट्वीट का स्क्रीनशाट यूं है…

ज्ञात हो कि सुधीर चौधरी तिहाड़ जेल की यात्रा कर आए हैं इसलिए उन्हें तिहाड़ी कहकर कुमार विश्वास ने चिढ़ाया. उधर, सुधीर चौधरी ने जी न्यूज पर कुमार विश्वास पर लगे आरोपों को लगातार दिखाकर उन्हें ‘कामुक कविराज’ साबित करने की कोशिश की. इस आरोप प्रत्यारोप में कुमार विश्वास ने फोकस न्यूज पर चली वो क्लिप शेयर कर दी जिसमें सुधीर चौधरी और समीर अहलूवालिया की जमानत रद्द करने को लेकर कोर्ट ने पूछा है. वीडियो लिंक यूं है: https://www.youtube.com/watch?v=rSJsNYP8zNU

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

चौधरी साब ने बजा दिया बाजा : छठें नंबर का चैनल हुआ ‘जी न्यूज’

एक अच्छा खासा न्यूज चैनल नए जमाने की धंधेबाज पत्रकारिता की सोहबत में पड़ा और देखते ही देखते पतन के पराकाष्ठा तक पहुंच गया. जिस जी न्यूज चैनल को लोग नंबर वन न्यूज चैनल की तरह ट्रीट करते थे और इसे नंबर वन न्यूज चैनल आजतक का प्रतिद्वंद्वी मानते थे, वह जी न्यूज अब छठें नंबर का न्यूज चैनल बन चुका है. इस सारे पतन के पीछे सिर्फ एक शख्स का नाम लिया जा सकता है और वह हैं सुधीर चौधरी. चौधरी साहब एजेंडा पत्रकारिता यानि सुपारी पत्रकारिता यानि रंगदारी पत्रकारिता के बादशाह माने जाते हैं. कभी जिंदल ग्रुप तो कभी कुमार विश्वास. कभी केजरीवाल तो कभी कोई अन्य.

जिसके खिलाफ ये ठान लेते हैं, बस अभियान चलाने लगते हैं, चलाते ही जाते हैं, आंय बांय सांय कुछ भी… बिना दूसरे की सुने. जिंदल ग्रुप से खबर रोकने के मामले में रंगदारी मांगकर तिहाड़ हो आए सुधीर चौधरी ने नवीन जिंदल को जी न्यूज के दुष्प्रचार से बचाने और अपना पक्ष रखने के लिए फोकस न्यूज चैनल खरीदने चलाने पर मजबूर कर दिया तो इन्हीं चौधरी साहब ने पिछले कुछ समय से कुमार विश्वास को निशाने पर ले रखा है. कुमार विश्वास ने सोशल मीडिया की ताकत का जमकर इस्तेमाल करते हुए जी न्यूज और सुधीर चौधरी को इस कदर जवाब दिया कि एलीट लोग यानि पढ़े लिखे लोग अब इस न्यूज चैनल यानि जी न्यूज को देखने से परहेज करने लगे हैं. ज्ञात हो कि कुमार विश्वास की फेसबुक से लेकर ट्विटर और यूट्यूब तक पर कुल मिलाकर करोड़ों की फालोइंग है. साथ ही इनका सोशल मीडिया में जबरदस्त दखल हैं. डा. कुमार विश्वास के चाहने वाले उनके खिलाफ एक शब्द नहीं सुनना चाहते. ऐसे में जी न्यूज ने बर्र के छत्ते में हाथ डाल दिया और खुद अपने पैर पर कुल्हाड़ी मार ली.

जाने क्या बात है कि सुभाष चंद्रा की नजर से सुधीर चौधरी गिरते ही नहीं. लोग कहते हैं कि डा. सुभाष चंद्रा को डर है कि कहीं सुधीर चौधरी सरकारी गवाह न बन जाएं. यानि अगर सुधीर चौधरी को सुभाष चंद्रा ने छेड़ा तो जिंदल रंगदारी प्रकरण में सरकारी गवाह बनकर सुभाष चंद्रा को जेल भिजवा सकते हैं सुधीर चौधरी. इस बड़े भय खौफ के मारे सुभाष चंद्रा तब तक सुधीर चौधरी के खिलाफ कुछ नहीं बोल कर कह सकते हैं जब तक कि जिंदल वाला मुकदमा निपट न जाए. अपने दो संपादकों के जेल जाने के दौरान सुभाष चंद्रा पर भी गिरफ्तारी और तिहाड़ जाने की तलवार लटकी थी लेकिन जाने किस किस तरह के मैनेजमेंट के खेल खेलते हुए चंद्रा साहब खुद को जेल जाने से बचा सके थे. ऐसे में सुभाष चंद्रा अब सुधीर चौधरी को छेड़कर कोई रिस्क नहीं लेना चाहते, भले ही चैनल की टीआरपी नंबर तीन से नंबर छह पर चली आए. जी न्यूज के अंदरूनी हालात भी काफी संकटग्रस्त है. जो पुराने, ईमानदार और संजीदा किस्म के लोग थे, उन्हें प्रताड़ित पीड़ित परेशान कर बाहर जाने को मजबूर कर दिया गया है. अब जो नए लोग हैं वे चौधरी साहब के पसंद हैं और इनका समर्पण पत्रकारिता या जी न्यूज के प्रति न होकर सिर्फ और सिर्फ चौधरी साहब के प्रति है. ऐसे में कंटेंट और विजन को लेकर सोचा जा सकता है कि यह चैनल किस तरफ जा रहा है. हां, इस पूरी कवायद में सुधीर चौधरी की अपनी ब्रांडिंग बड़ी और तगड़ी हो चुकी है, जी न्यूज रसातल में जाए तो जाए.

आइए, इस साल के 22वें हफ्ते की टीआरपी देखें जिसमें सबसे ज्यादा नुकसान जी न्यूज को हुआ है….

Weekly Relative Share

Source: BARC, HSM, TG:15+,TB:0600Hrs to 2400Hrs, Wk 22

Aaj Tak 16.0 up 0.5
ABP News 15.5 up 1.5
India TV 13.8 up 0.5
News Nation 10.7 up 1.2
India News 9.7 up 0.3
Zee News 8.0 dn 1.9
Tez 7.3 dn 0.2
News24 7.0 dn 0.5
IBN7 5.8 dn 0.7
NDTV India 4.8 dn 0.7
DD News 1.5 same

TG: AB Male 22+

Aaj Tak 15.4 dn 0.1
India TV 15.2 up 0.9
ABP News 12.9 dn 0.2
India News 9.9 up 1.6
News Nation 9.2 up 0.6
Zee News 8.7 dn 0.4
News24 8.0 up 0.3
Tez 8.0 up 0.6
IBN 7 6.2 dn 1.1
NDTV India 4.7 dn 2.2
DD News 1.8 up 0.1


इसके पहले वाले सप्ताह की टीआरपी जानने के लिए इस शीर्षक पर क्लिक करें…

टीआरपी 21वां सप्ताह : इंडिया टीवी नंबर तीन पर खिसका

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

जी मीडिया के चेयरमैन सुभाष चंद्रा ने दी केजरीवाल को नसीहत

जी मीडिया के चेयरमैन सुभाष चंद्रा ने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा है, ‘सीएम अरविंद केजरीवाल को लगता है कि मीडिया किसी को भी बनाऔर बर्बाद कर सकता है पर ये गलत है, मैं उनसे ये रिक्वेस्ट करता हूं कि वह न सिर्फ जी बल्कि किसी भी मीडिया से अपने दुश्मन जैसा बर्ताव नहीं करें.’

उल्लेखनीय है कि हाल ही में बॉलीवुड सिंगर सोनू निगम ने ज़ी नेटवर्क पर बैन लगाने का आरोप लगाया था. सोनू ने मुताबिक उन पर यह बैन आम आदमी पार्टी के नेता डॉ कुमार विश्वास के समर्थन में आवाज़ उठाने के कारण लगाया गया था. सोनू निगम ने ट्वीट करके कहा था कि ” तो ज़ी न्यूज़ ने मुझ पर बैन घोषित कर दिया है. मैं क्या कहूं.. ईश्वर सब पर कृपा करें. यह सही हो या गलत, एक बात स्पष्ट है किसी को बैन करना पूर्ण रूप से दुर्भाग्य पूर्ण है.’

कुछ दिन पहले ज़ी न्यूज़ ने डॉ. कुमार विश्वास की एक वीडियो दिखाया था, जो आम आदमी पार्टी की जंतर मंतर पर हुई किसान रैली का था. वीडियो में कुमार विश्वास पर कथित तौर पर आरोप लगाया गया था कि जब किसान गजेंद्र सिंह ने पेड़ पर लटक कर आत्महत्या की थी तब कुमार विश्वास ने कहा था कि ‘लटक गया’. सोनू निगम ने इस वीडियो पर लिखा था- ‘मैं राजनीति से बहुत दूर हूं लेकिन मेरे कवि दोस्त कुमार विश्वास की खातिर इसकी सच्चाई बाहर आनी चाहिए.’

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

अपने गिरेबान में झांकने की बजाय सुभाष चंद्रा ने केजरीवाल के खिलाफ निकाली भड़ास

सुपारी पत्रकारिता को संगठित तरीके से अंजाम देने वाले सुभाष चंद्रा बजाय अपनी गिरेबान में झांकने के, दूसरों को ही समझाने पर उतारू हो जाते हैं. अबकी उनके निशाने पर दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल हैं. जी मीडिया पर बार-बार आम आदमी पार्टी को बदनाम करने का आरोप लगाने वाले दिल्ली के सीएम केजरीवाल के खिलाफ भड़ास निकालते हुए जी मीडिया के चेयरमैन सुभाष चंद्रा ने अपने ट्विटर अकाउंट पर ट्विट कर लिखा है, ‘सीएम केजरीवाल को लगता है कि मीडिया किसी को भी बना और बर्बाद कर सकता है पर ये गलत है, मैं उनसे ये रिक्वेस्ट करता हूं कि वह न सिर्फ जी बल्कि किसी भी मीडिया से अपने दुश्मन जैसा बर्ताव नहीं करें.

ज्ञात हो कि बॉलीवुड सिंगर सोनू निगम ने ज़ी नेटवर्क पर बैन लगाने का आरोप लगाया था. सोनू ने मुताबिक उन पर यह बैन आम आदमी पार्टी के नेता डॉ कुमार विश्वास के समर्थन में आवाज़ उठाने के कारण लगाया गया था. सोनू निगम ने ट्वीट करके कहा, ”तो ज़ी न्यूज़ ने मुझ पर बैन घोषित कर दिया है. मैं क्या कहूं.. ईश्वर सब पर कृपा करें”. उन्होंने आगे ट्वीट करके, ”यह सही हो या गलत, एक बात स्पष्ट है किसी को बैन करना पूर्ण रूप से दुर्भाग्य पूर्ण है.”

दरअसल ज़ी न्यूज़ ने डॉ. कुमार विश्वास का एक वीडियो दिखाई था. यह वीडियो आम आदमी पार्टी की जंतर मंतर पर हुई किसान रैली का था. इस वीडियो में कुमार विश्वास पर कथित तौर पर आरोप लगाया गया था कि जब किसान गजेंद्र सिंह ने पेड़ पर लटक कर आत्महत्या की थी तब कुमार विश्वास ने कहा था कि ‘लटक गया’. सोनू निगम ने इस वीडियो के लिंक के साथ लिखा था- मैं राजनीति से बहुत दूर हैं लेकिन मेरे कवि दोस्त कुमार विश्वास की खातिर इसकी सच्चाई बाहर आनी चाहिए. इसी के बाद जी ग्रुप भड़क गया और सोनू निगम पर पाबंदी लगा दी.

केजरीवाल को लेकर सुभाष चंद्रा का ट्वीट ये है:  Dr. Subhash Chandra @_SubhashChandra : CM Kejriwal believes media can help or damage any one. It is untrue & urge him not to treat zee or any media as enemy.

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

कुमार विश्वास के पक्ष में ट्वीट करना सोनू निगम को पड़ा महंगा, जी ग्रुप ने किया बैन!

: सोनू निगम के गाने नहीं खरीदेगा ज़ी ग्रुप : ज़ी न्यूज़ की झूठी खबर के खिलाफ सोनू निगम के एक सच्चे ट्वीट का नतीजा :  27 अप्रैल को मशहूर बॉलीवुड गायक सोनू निगम ने एक वीडियो ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने ज़ी न्यूज़ की बेईमानी का साफ़तौर पर खुलासा कर दिया। हुआ यूं कि ज़ी न्यूज़ ने अपने चैनल पर बार-बार दिखाया था कि गजेन्द्र की मृत्यु के समय आप नेता कुमार विश्वास ने मंच से ‘लटक गया’ शब्द बोला था। सोनू निगम ने जो वीडियो ट्वीट किया, उसमें साफ़ दिख रहा है कि ‘लटक गया’ शब्द कुमार विश्वास द्वारा नहीं बोला गया था, बल्कि वह आवाज़ बाहर से भरी गई थी। इसका उद्देश्य निश्चित रूप से कुमार को बदनाम करना था।

सोनू निगम ने सच लिखते हुए अपने मित्र कुमार विश्वास के पक्ष में वह वीडियो ट्वीट कर दिया। इस ट्वीट से ज़ी न्यूज़ का षड़यंत्र साफ़-साफ सबको नज़र आने लगा। इसके बाद जी न्यूज ने उन्हें बैन कर दिया। ट्विटर पर इस प्रकरण को लेकर काफी गहमा-गहमी है। फिलहाल #IStandWithSonuNigam ट्रेंडिंग में हैं। कई बॉलीवुड गायकों ने सोनू निगम के पक्ष में ट्वीट किए हैं। 

सोनू निगम का शुरुआती ट्विट यूं है जिसके बाद जी ग्रुप भड़क गया…  Sonu Nigam @sonunigam : I am far from politics but I feel this truth should come out for the sake of my poet friend Kumar Vishwas. https://youtu.be/xmdtxzuyFi8

जी ग्रुप द्वारा बैन किए जाने पर सोनू निगम ने जो ट्वीट किया, वह इस प्रकार है… Sonu Nigam @sonunigam : Wonder should it not be illegal to ban someone on the pretext of nothing in a democracy? Influencing others to not work with an individual.

इस मामले की खबरें मीडिया माध्यमों पर भी आने लगी हैं… देखें एक खबर…

Zee not to buy music with Sonu Nigam songs

Zee News has put a ban on Bollywood singer Sonu Nigam. The channel will not buy music with ‘Sonu Nigam songs’, according to sources.  Speculations is going around that the ban came as a result after Nigam raised his voice in suppot of AAP leader Dr Kumar Vishwas. The channel ran a video footage of Dr Kumar Vishwas and quoted him saying ‘Latak Gaya’ on the recent farmer’s suicide case during AAP rally at Jantar Mantar.  Sonu Nigam tweeted, “So now Zee announces a ban on me. 🙂 What do I say.. God bless everyone.” He further quoted, “Well legal or illegal, one thing’s for sure. Banning someone, is definitely unGodly.”

इसे भी पढ़ें…

कुमार विश्वास के पक्ष में वीडियो ट्वीट पर ज़ी ने रद्द किए ‘Sonu Nigam songs’ के छह करार


वो कौन सा वीडियो है जिसे ट्वीट करने के बाद सोनू निगम पर जी ग्रुप भड़क गया, उस वीडियो को आप भी देखें… इस लिंक पर क्लिक करें: https://youtu.be/xmdtxzuyFi8

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

कुमार विश्वास के पक्ष में वीडियो ट्वीट पर ज़ी ने रद्द किए ‘Sonu Nigam songs’ के छह करार

दिल्ली में जंतर मंतर पर पिछले दिनो दौसा के किसान गजेंद्र सिंह कल्याणवत ने पेड़ पर फांसी लगा ली थी। कई दिनो तक वह घटनाक्रम मीडिया की सुर्खियों में रहा। अब ‘आप’ नेता कुमार विश्वास के बारे में ‘जी न्यूज’ पर प्रसारित एक झूठी खबर पर मशहूर बॉलीवुड गायक सोनू निगम के एक वीडियो ट्वीट ने मामले को एक बार फिर गरमा दिया है। फेसबुक पर टिप्पणियां आ रही हैं कि ‘आम आदमी पार्टी और कुमार विश्वास के बारे में भारत के मशहूर गायक सोनू निगम ने भी सच का साथ दिया और दलाल मीडिया ज़ी न्यूज़ को आईना दिखाया।’

पूरा वाकया कुछ इस तरह है। गत 27 अप्रैल को सोनू निगम ने एक वीडियो ट्वीट कर ज़ी न्यूज़ की खबर के झूठ का पर्दाफाश कर दिया। ज़ी न्यूज़ ने अपने चैनल पर बार-बार दिखाया था कि जंतर मंतर पर किसान गजेन्द्र की मृत्यु के समय ‘आप’ नेता कुमार विश्वास ने मंच से ‘लटक गया’ शब्द बोला था। इस पर सोनू निगम ने वीडियो ट्वीट किया कि उसमें साफ़ दिख रहा है, ‘लटक गया’ शब्द कुमार द्वारा नहीं बोला गया था, बल्कि वह आवाज़ बाहर से भरी गई थी। इसका उद्देश्य निश्चित रूप से कुमार को बदनाम करना था। सोनू निगम ने सच लिखते हुए अपने मित्र कुमार विश्वास के पक्ष में वह वीडियो ट्वीट कर दिया, जिसमे ज़ी न्यूज़ का पारा हाई हो गया। 

उस ट्वीट की प्रतिक्रिया में अब जी न्यूज ने पूर्व में सोनू निगम के साथ किए गए छह फिल्मों के करार को रद्द कर दिया है। उल्लेखनीय है कि खबरों को लेकर जी न्यूज की विश्वसनीयता पिछले संसदीय चुनाव के समय से अत्यंत संदिग्ध रही है। उससे पूर्व केंद्रीय मंत्री नवीन जिंदल की कंपनी से कथित तौर पर 100 करोड़ रुपये की जबरन वसूली की कोशिश करने के आरोप में दिल्ली पुलिस द्वारा ‘जी’ समूह के अध्यक्ष सुभाष चंद्रा, ‘जी न्यूज’ के संपादक सुधीर चौधरी और ‘जी बिजनेस’ के संपादक समीर आहलूवालिया के खिलाफ आरोप-पत्र दायर करने और आरोपियों की गिरफ्तारी ने तो इस मीडिया घराने की विश्वसनीयता और बेपर्दा कर दी थी। उसके बाद से जी ग्रुप को किसी राजनीतिक छत्रछाया की तेज तलब लगी और लोकसभा तथा दिल्ली विधानसभा चुनावों में वह साफ साफ भाजपा का तरफदार बन गया। आज भी वह सिलसिला जारी है। दिल्ली चुनावों के दौरान उसी प्रतिशोधी मिजाज में जी न्यूज ने वर्तमान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को टारगेट किया था। जंतर मंतर की घटना ने उसे एक बार फिर बैठे ठाले गंदा खेल खेलने का कुअवसर दे दिया। 

खबरों के साथ जी न्यूज के इस ताजा खेल और उस पर ‘आप’ नेताओं के प्रत्याक्रमण ने इस प्रकरण को सोशल मीडिया पर भी रोचक अंजाम तक पहुंचा दिया है। लिखा जा रहा है – ” सोनू निगम के गाने नहीं खरीदेगा ज़ी ग्रुप – एक सच्चे ट्वीट नतीजा। ज़ी न्यूज़ ने सोनू निगम को बैन कर दिया। क्यों? क्योंकि सोनू निगम ने ट्वीट किया था। क्यों? क्योंकि ज़ी न्यूज़ ने झूठी खबर दिखाई थी। क्यों? ये आप तय करें!!” 

29 अप्रैल को सोनू निगम ने ट्वीट किया कि ज़ी न्यूज़ ने उन्हें बैन कर दिया है 

https://twitter.com/sonunigam/status/593165185377964032

सच बोलने के बदले ऐसा होने से आहत सोनू ने और भी कई ट्वीट किए हैं 

https://twitter.com/sonunigam/status/593182715513413632

https://twitter.com/sonunigam/status/593179495563022336

ट्विटर पर इस बात को ले कर काफी गहमा-गहमी है। फिलहाल #IStandWithSonuNigam ट्रेंडिंग में हैं। कई बॉलीवुड गायकों ने सोनू निगम के पक्ष में ट्वीट किए हैं। लाइव इंडिया ने भी आज इस ब्यौरे को प्रसारित किया। 


वो कौन सा वीडियो है जिसे ट्वीट करने के बाद सोनू निगम पर जी ग्रुप भड़क गया, उस वीडियो को आप भी देखें… इस लिंक पर क्लिक करें: https://youtu.be/xmdtxzuyFi8


इसे भी पढ़ें…

कुमार विश्वास के पक्ष में ट्वीट करना सोनू निगम को पड़ा महंगा, जी ग्रुप ने किया बैन!

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

जी न्यूज में तुगलकी फरमान, मोबाइल फोन के साथ आफिस के अंदर नहीं घुस सकेंगे!

खबर है कि जी न्यूज प्रबंधन ने एक तुगलकी फरमान जारी किया है. इसके मुताबिक अब मीडियाकर्मी आफिस के अंदर मोबाइल फोन लेकर नहीं घुस सकेंगे. कहा जा रहा है कि कुछ लोग मोबाइल फोन के जरिए अंदर की सूचनाएं बाहर कर रहे थे. मुखबिरी और लीक से परेशान जी प्रबंधन ने मोबाइल को दूर रखने का आदेश जारी कर दिया.

अब सभी को लैंडलाइन फोन से बात करना होगा और सारे लैंडलाइन फोन रिकार्डिंग मोड में रहेंगे यानि जो भी बातचीत होगी उसे रिकार्ड किया जाएगा. जी न्यूज से जुड़े एक मीडियाकर्मी ने बताया कि आफिस के अंदर माहौल काफी खराब हो चुका है. हर कोई अघोषित तनाव व डर के साये में काम करता है. (कानाफूसी)

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

ज़ी के CEO पहुंचे मप्र के माइनिंग माफिया के कॉलेज में

बीजेपी के नेताओं ने माइनिंग माफिया और व्यापम घोटाले के सरगना सुधीर शर्मा से भले ही कन्नी काट ली हो लेकिन बिज़नेस बढ़ाने के चक्कर में ज़ी म.प्र. के नए हेड दिलीप तिवारी ने वो कर दिया जो किसी ने नहीं किया। तिवारी ज़ी न्यूज़ के ceo आशीष पंडित को सुधीर शर्मा के VNS कॉलेज के कार्निवाल में मुख्य अतिथि बनाकर ले गए। बेचारे ceo को माइनिंग और व्यापम माफिया सुधीर शर्मा के बारे में क्या पता हो।

लेकिन अपनी शेखी बघारने के चक्कर में तिवारी सब भूल गये। एक तरफ सुधीर शर्मा पूरे मप्र ही नहीं बल्कि देश में व्यापम घोटाले और माइनिंग माफिया के रूप कुख्यात हो गए हैं बल्कि अभी जेल की हवा भी खा रहे है। ऐसे में शर्मा के VNS कॉलेज में ज़ी के CEO के जाने से चैनल की साख मिटटी में मिल गई। अब पूरे मामले की लीपापोती की कोशिश की जा रही है।

एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

Zee Media gets Sebi’s nod for Rs 200 crore rights issue

Zee Media Corporation has received capital market regulator Sebi’s approval to raise up to Rs 200 crore through rights issue. In a rights issue, shares are issued to existing investors in line with their holding at pre-determined price and ratio. The company had filed its application with the capital market regulator for the proposed rights issue in January through its lead merchant banker Axis Capital Ltd.

According to the latest update by the Securities and Exchange Board of India (Sebi), the regulator issued its final ‘observations’ on the draft offer documents on February 18. Issuance of ‘observations’ on offer documents by Sebi is considered as a clearance to the issuer to go ahead with the share issues through routes like rights issue, IPOs and FPOs.

Sebi, last month, had sought clarification from the merchant banker regarding the issue. The funds raised from the issue would be utilised towards purchase of equipment and accessories for production and broadcasting, repayment of certain loans availed by the company, funding subsidiaries for repayment of loans, and other general corporate purposes.

Zee Media Corporation Ltd (ZMCL), formerly known as Zee News LtdBSE 2.80 %, broadcasts 10 news channels including two national ones – Zee News and Zee Business. Its regional news channels are Zee 24 Taas, 24 Ghanta, Zee Sangam, Zee Madhya Pradesh Chhattisgarh, Zee Purvaiya, Zee Marudhara, Zee Punjab Haryana Himachal and Zee Kalinga. Earlier in October, the company’s board of directors had “approved, in-principle, raising of funds for an amount not exceeding Rs 200 crore through issue of equity shares of the company to its eligible shareholders.

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

Sebi seeks clarification on Zee Media’s Rs 200 cr rights issue

The Securities and Exchange Board of India (Sebi) has sought clarification from the merchant banker of Zee Media Corp on the firm’s proposed Rs 200-crore rights issue. Without disclosing the details, Sebi has said “clarifications (are) awaited from lead manager” for the proposed rights issue. In a rights issue, shares are issued to existing investors in line with their holding at pre-determined price and ratio.

According to the latest weekly update to the processing status of draft offer documents filed with Sebi, the regulator has said clarifications were awaited on the proposed rights issue of Zee Media as on January 23 this year. Sebi had received last communication from the company on the issue on January 21.

The status is updated on a weekly basis by the regulator and the next update of the status as on January 30, would be uploaded on Sebi website on the next working day. Sebi said that it might issue observations on Zee Media document within 30 days from the date of receipt of satisfactory reply from the lead merchant bankers to the clarification or additional information sought from them.

The regulator had received the draft offer documents on January 2 this year through its lead manager Axis Capital. The company’s proposed rights issue is estimated to raise up to Rs 200 crore. The funds raised from the issue would be utilised towards purchase of equipment and accessories for production and broadcasting, repayment of certain loans availed by the company, funding subsidiaries for repayment of loans, and other general corporate purposes.

Zee Media Corporation Ltd (ZMCL), formerly known as Zee News Ltd, broadcasts 10 news channels including two national ones – Zee News and Zee Business. Its regional news channels are Zee 24 Taas, 24 Ghanta, Zee Sangam, Zee Madhya Pradesh Chhattisgarh, Zee Purvaiya, Zee Marudhara, Zee Punjab Haryana Himachal and Zee Kalinga. Earlier in October, the company’s board of directors had “approved, in-principle, raising of funds for an amount not exceeding Rs 200 crore through issue of equity shares of the company to its eligible shareholders.

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

न्यूज नेशन नंबर चार तक पहुंच गया, जी न्यूज रसातल की ओर

इस साल के तीसरे हफ्ते की टीआरपी में सबसे बड़ा उलटफेर जी न्यूज और न्यूज नेशन के बीच हुआ है. जी न्यूज जो लगातार चौथे नंबर का चैनल बना हुआ था, अब पांचवें नंबर पर खिसका कर भगा दिया गया है. न्यूज नेशन ने चार नंबर की कुर्सी अपने नाम कर ली है. इस तरह जी न्यूज रसातल की ओर चल पड़ा है. मोदी और सरकार का चौबीसों घंटे गुणगान करने का खामियाजा चैनल को भुगतना पड़ रहा है. आईबीएन7 की स्थिति थोड़ी सुधरी है और यह एनडीटीवी से उपर निकल गया है. टीआरपी के आंकड़े इस प्रकार हैं….

Wk 3, 0600Hrs to 2359Hrs, TG: CS15+, HSM:

Aaj Tak 16.7 dn 0.7
India TV 15.7 up 0.3
ABP News 14.6 dn 0.1
NEWS NATION 10.2 up 0.3
Z News 9.6 dn 0.9
India News 8.3 up 0.4
News 24 7.7 up 0.4
IBN 7 5.5 up 0.4
NDTV India 4.7 up 0.2
TEZ 4.7 up 0.4
DD News 1.4 dn 0.6
Samay 0.8 dn 0.2

CS Males 25+ ABC

Aaj Tak 18.0 dn 0.1
India TV 15.6 up 0.3
ABP News 14.9 up 1.3
NEWS NATION 10.5 up 0.1
Z News 10.2 dn 1.1
India News 7.5 dn 0.3
News 24 6.6 dn 0.4
IBN 7 5.3 up 0.2
NDTV India 4.7 dn 0.1
TEZ 4.4 up 0.5
DD News 1.4 dn 0.2
Samay 0.8 dn 0.2


इसके पहले के सप्ताह की टीआरपी जानने के लिए यहां क्लिक करें…

टीआरपी सेकेंड वीक : सारे चैनल ठंड में ठिठुर रहे, अपनी-अपनी जगह बर्फ बने

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें: