नई दिल्ली | ज़ी मीडिया ने वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च 2025) में अपने समेकित शुद्ध घाटे के बढ़ने की जानकारी दी है। कंपनी का यह घाटा बढ़कर 36.76 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह 6.51 करोड़ रुपये था। यह जानकारी ज़ी मीडिया कॉर्पोरेशन लिमिटेड (ZMCL) की नियामकीय फाइलिंग में दी गई है।
चौथी तिमाही में कंपनी की ऑपरेशन से आय 13 प्रतिशत घटकर 155.80 करोड़ रुपये रही। वहीं कुल खर्च 6.4 प्रतिशत बढ़कर 200.21 करोड़ रुपये हो गया।
इस तिमाही में ज़ी मीडिया की विज्ञापन से आय 13.5 प्रतिशत घटकर 145.44 करोड़ रुपये रही, जबकि सब्सक्रिप्शन से आय 6.9 प्रतिशत घटकर 10 करोड़ रुपये हो गई।
कुल आय (जिसमें अन्य आय भी शामिल है) 16.8 प्रतिशत घटकर 161.72 करोड़ रुपये रही।
पूरे वित्त वर्ष 2024-25 में ZMCL का शुद्ध घाटा बढ़कर 119.42 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले 98.43 करोड़ रुपये था। इस दौरान कंपनी की कुल समेकित आय 4.53 प्रतिशत घटकर 632.97 करोड़ रुपये रही।
लगातार गिरावट का दौर
ज़ी मीडिया बीते तीन वर्षों से लगातार गिरावट के दौर से गुजर रही है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी की समेकित आय में 21% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई थी और दो वर्षों की लाभप्रदता के बाद कंपनी फिर से घाटे में चली गई थी।
FY22 में जहां कंपनी की सालाना आय 654.88 करोड़ रुपये थी, वहीं FY23 में यह घटकर 516.93 करोड़ रुपये रह गई।
इसी तरह, FY22 में 83.55 करोड़ रुपये के मुनाफे के मुकाबले, FY23 में कंपनी को 44.99 करोड़ रुपये का घाटा हुआ।
कंपनी की ऑपरेटिंग मार्जिन में भी भारी गिरावट आई है—FY22 में 32.62% से घटकर FY23 में सिर्फ 8.68% रह गई, जबकि नेट प्रॉफिट मार्जिन 12.76% से गिरकर -8.70% हो गया।
ज़ी मीडिया ने FY21 में 59.14 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाकर खुद को FY20 के 288.51 करोड़ रुपये के भारी घाटे से उबारा था, लेकिन FY23 के नतीजे फिर से वित्तीय दबाव की ओर इशारा करते हैं।
FY23 में कंपनी को 44.69 करोड़ रुपये का प्री-टैक्स घाटा हुआ, जबकि FY22 में 109.47 करोड़ रुपये का प्री-टैक्स लाभ दर्ज किया गया था।
ZMCL, जिसे पहले ज़ी न्यूज़ लिमिटेड के नाम से जाना जाता था, भारत की अग्रणी समाचार नेटवर्कों में से एक है। कंपनी 20 टीवी न्यूज चैनलों का संचालन करती है।
सोमवार को ZMCL के शेयर बीएसई पर 2.93% की बढ़त के साथ 14.38 रुपये पर बंद हुए।


