वरिष्ठ पत्रकार मधुसूदन आनंद ने जी न्यूज से इस्तीफा दिया, मानीटरिंग डिपार्टमेंट पर समीर अहलूवालिया ने गिराई गाज

वरिष्ठ पत्रकार मधुसूदन आनंद ने जी न्यूज से अपना नाता तोड़ लिया है. उन्होंने 31 मई 2014 को अपना इस्तीफा प्रबंधन को सौंप दिया. वे जी न्यूज के मानीटरिंग डिपार्टपेंट के हेड  हुआ करते थे. वे यह काम नवंबर 2013 से कर रहे थे. माना जा रहा है कि आलोक अग्रवाल के जी न्यूज से जाने के बाद मधुसूदन आनंद ने भी एक रणनीति के तहत इस्तीफा दिया  है. सूत्रों का कहना है कि मधुसूदन आनंद ने अपना इस्तीफा अपने स्वाभिमान के कारण दिया है. उन्हें कहा गया था कि वे आलोक अग्रवाल के जाने के बाद अंतरिम तौर पर सीईओ  बनाए गए रिश्वतकांड के आरोपी समीर अहलूवालिया को रिपोर्ट करें. ग्रुप सीईओ भास्कर दास ने मधुसूदन आनंद को जब समीर अहलूवालिया को रिपोर्ट करने संबंधी निर्देश दिया तो इससे मधुसूदन आनंद का इगो हर्ट हो गया.

 

इसी से आहत होकर मधुसूदन आनंद ने यह कहते हुए इस्तीफा दे दिया कि वे समीर अहलूवालिया को कभी नहीं रिपोर्ट करेंगे  क्योंकि एक जमाने में नवभारत टाइम्स में वह उनका जूनियर हुआ करता था. तब समीर सिंपल सब एडिटर हुआ करता था जब वे वहां बतौर सीनियर कार्यरत थे. मधुसूदन आनंद  ने इस्तीफा देने के साथ ही राकेश खर को मानिटरिंग डिपार्टमेंट का काम अंतरिम तौर पर देखने का प्रस्ताव किया जिसे समीर अहलूवालिया ने ठुकरा दिया.

मानीटरिंग डिपार्टमेंट में मधुसूदन आनंद के नीचे पांच लोग काम करते हैं. निकिता कोचर, पारूल सब्भरवाल, अमर्त्य सिन्हा, योगेंद्र कुमार और रविशंकर तिवारी. ये लोग जी ग्रुप के विभिन्न चैनलों की मानीटरिंग करते हैं. सूत्रों के मुताबिक इनमें से चार लोगों का अब दूसरे विभागों में तबादला कर दिया गया है. अमर्त्य सिन्हा को जी बिजनेस आनलाइन डेस्क पर भेजा गया है. पारूल सब्भरवाल को जी न्यूज एंटरटेनमेंट आनलाइन डेस्क पर रवाना किया गया है.

निकिता कोचर को जी बिजनेस का हिस्सा बनाया गया है जबकि रविशंकर तिवारी को जी पंजाबी डेस्क पर भेजा गया है. पांचवें सज्जन योगेंद्र कुमार को इस्तीफा देने के लिए मजबूर कर दिया गया. इस तरह से मानीटरिंग डिपार्टमेंट को पूरी तरह जमीदोंज कर दिया गया है.

ज्ञात हो कि पूर्ववर्ती सीईओ आलोक अग्रवाल ने मानीटरिंग विभाग की स्थापना जी ग्रुप के एडिटोरियल पालिसी पर नजर रखने के लिए की थी ताकि चैनलों पर प्रसारित कंटेंट को परखा समझा जा सके और किसी तरह के बायस्ड कंटेंट के प्रसारित होने पर रोक लगाया जा सके. देखना है कि समीर अहलूवालिया अब किस तरीके से ग्रुप के चैनलों पर प्रसारित कंटेंट पर नजर रखवाने की व्यवस्ता करते हैं.

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