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सुख-दुख

संतोष तिवारी की प्रतिभा को अंकुरित-पल्लवित होते बहुत निकट से देखा था मैंने

Rajendra Rao : दैनिक ट्रिब्यून के संपादक और मेरे अजीज संतोष तिवारी का असमय प्रस्थान स्तब्ध और उदास कर गया। सत्तर के दशक में मैंने उनकी प्रतिभा को अंकुरित और पल्लवित होते बहुत निकट से देखा था। तब वे इंटर में पढ़ते थे। लेखन का जुनून सवार था और अपनी प्रारंभिक रचनाएं दिखाने लाल कालोनी (किदवई नगर) से मेरे घर (अर्मापुर) नियमित रूप से आते थे। उनकी पहली ही कहानी धर्मयुग में छपी और फिर उन्होंने मुड़ कर नहीं देखा।

Rajendra Rao : दैनिक ट्रिब्यून के संपादक और मेरे अजीज संतोष तिवारी का असमय प्रस्थान स्तब्ध और उदास कर गया। सत्तर के दशक में मैंने उनकी प्रतिभा को अंकुरित और पल्लवित होते बहुत निकट से देखा था। तब वे इंटर में पढ़ते थे। लेखन का जुनून सवार था और अपनी प्रारंभिक रचनाएं दिखाने लाल कालोनी (किदवई नगर) से मेरे घर (अर्मापुर) नियमित रूप से आते थे। उनकी पहली ही कहानी धर्मयुग में छपी और फिर उन्होंने मुड़ कर नहीं देखा।

मैंने उन्हें रविवार के संपादक एसपी सिंह से मिलवाया तो उनकी फ्री लांस पत्रकारिता का दौर शुरू हो गया। आनंद बाजार ग्रुप की अंग्रेजी पत्रिका संडे के लिए रिपोर्टिंग करने को एमजे अकबर ने उन्हें प्रोत्साहित किया। वे हिंदी में रिपोर्टिंग करके भेजते थे और अकबर उन्हें अंग्रेजी में अनुदित करवा कर छापते थे। जैसे ही संतोष तिवारी कानपुर छोड़ कर गए दिल्ली ने उन्हें लपक लिया।

दिनमान में कैरियर की पारी शुरू कर के वे हिंदुस्तान, इंडिया टी वी, दैनिक जागरण होते हुए ट्रिब्यून में शीर्ष पर पहुंचे। पत्रकारिता की तूफानी दुनिया के झंझावातों के बीच साहित्य उनसे छूट गया। एक विलक्षण प्रतिभा के सहसा विलोप हो जाने से हिंदी पत्रकारिता की अपूरणीय क्षति हुई है। मेरे कानों में अब भी उनका ‘भाई साहब’ संबोधन प्रतिध्वनित हो रहा है।

साहित्यकार राजेंद्र राव की एफबी वॉल से.

मुख्यमंत्री तथा सूचना एवं जन सम्पर्क मंत्री का संपादक के निधन पर शोक व्यक्त

शिमला : मुख्यमंत्री श्री वीरभद्र सिंह ने दैनिक ट्रिब्यून समाचार पत्र के सम्पादक श्री सन्तोष तिवारी के निधन पर शोक व्यक्त किया है। उनका आज पीजीआई चण्डीगढ़ में देहांत हो गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री तिवारी एक जाने-माने पत्रकार थे, जिन्होंने विभिन्न समाचार पत्रों तथा टी.वी. चैनलों में वरिष्ठ सम्पादकीय पदों पर कार्य कर पिं्रट तथा इलैक्ट्रॉनिक मीडिया में एक बड़ा योगदान दिया है।

श्री वीरभद्र सिंह ने शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी सवेंदनाएं प्रकट की हैं और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है। सूचना एवं जन सम्पर्क मंत्री श्री मुकेश अग्निहोत्री ने भी वरिष्ठ पत्रकार के निधन पर गहरा दुःख प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि श्री तिवारी ने पत्रकारिता के क्षेत्र में चार दशकों से अधिक अवधि के दौरान उत्साहपूर्वक एवं समपर्ण भाव से कार्य किया है और वह लम्बे समय तक नवोदित पत्रकारों के लिए एक प्रेरणास्त्रोत रहेंगे। (विजयेन्दर शर्मा की रिपोर्ट.)

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