Connect with us

Hi, what are you looking for?

सियासत

भारत के आंतरिक मामलों में दखल देने वाले एलन मस्क के स्वागत में राहुल गांधी ने इतनी जल्दबाजी क्यों दिखाई?

Screenshot of Rahul Gandhi's tweet saying 'Welcome to India, Elon. Wait till you discover the other guy.' Below is Elon Musk's tweet about Starlink licensing, with a red pen annotation visible in the screenshot.
Screenshot of Elon Musk's Twitter post thanking Rahul Gandhi, with Rahul Gandhi's quoted tweet about Elon Musk (titled 'Welcome to India, Elon').

यशवंत सिंह-

राहुल गांधी जल्दबाज और हड़बड़िया हैं। दुनिया का सबसे ताकतवर आदमी एलन मस्क भारत का टेलीकॉम बाजार पाने के लिए इस देश की सरकार को अंबानी का नाम लेकर ट्रोल कर रहा है और राहुल गांधी ख़ुश होकर एलन मस्क का स्वागत कर रहे हैं। अंबानी के अलावा अदानी के बारे में भी जानने को कह रहे हैं। आख़िर विदेशी ताक़त के स्वागत में इतनी हड़बड़ी क्यों है।

अच्छा होता राहुल भारतीय टेलीकॉम बाजार में एलन मस्क के स्टार लिंक की एंट्री के फायदे नुकसान को लेकर एक गंभीर रिसर्च पेपर जारी करते या प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस के रुख़ को रखते। लेकिन ये क्या मतलब कि“मोदी का दुश्मन मेरा मित्र” वाली पालिसी अपनाकर देश की इज्जत को मिट्टी में मिला रहे हैं! तो क्या मान लिया जाए दुनिया के सबसे धनी आदमी से आपकी डील हो चुकी है?

यही तो अतीत में भारत के शासकों और शासन से वंचित असंतुष्टों के द्वारा किया जाता रहा है। एक हिस्सा विदेशी से लड़ रहा होता तो दूसरा विदेशी का स्वागत कर रहा होता। मोदी-शाह की तानाशाही नीतियों और वोट चोरी से मैं भी सहमत नहीं हूँ लेकिन इसका मतलब ये भी नहीं कि इनका अंध-विरोध करूँ।

अमेरिकी उद्योगपति द्वारा भारतीय शासकों को ट्रोल करने और टेलीकॉम बाजार खोलने के लिए दबाव बनाए जाने की मैं कड़ी निंदा करता हूँ। ऐसे तो फिर कोई देश सुरक्षित नहीं है। किसी भी देश के बाजार में घुसने के लिए उसके आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करो और शासक को घुटने पर गिरा लो। ये सरासर अमेरिकी ब्लैकमेलिंग है। मुझे पता है इस ब्लैकमेलिंग के ख़िलाफ़ मोदी-शाह भी मुँह खोलने वाले नहीं है क्योंकि इन लोगों को अमेरिका के नाम से ही कंपकंपी आती है। #elonmusknews #Starlink #ambanifamily #ModiGovernment #RahulGandhi


बहुत पहले ही इलोन मस्क के साथ इंटरनेट को लेकर अंबानी और मित्तल का समझौता हो चुका है. राहुल गांधी जी के क़रीबी लोगों को इसका पता नहीं होगा, पर यह समझौता सार्वजनिक रूप से सबको पता है.

मामला फँसा है माल और मुनाफे के बँटवारे का.

दुनिया का पहला ट्रिलियनायर दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के विपक्षी नेता की औसत बुद्धि की सोशल मीडिया टीम के साथ खेल गया.

कई दिनों से राइट विंग के हैंडल सोशल मीडिया पर माहौल बना रहे थे कि देश को अस्थिर करने की कोशिश विदेश से हो रही है.

अब राइट विंग कहेगा कि सबूत ख़ुद राहुल गांधी ने दे दिया. इसका कोई जवाब कांग्रेस के पास नहीं होगा.

-प्रकाश के रे

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन