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राज्यसभा टीवी के लिए हो रहे इंटरव्यू में उम्मीदवारों का चयन मनमाने तरीके से!

राज्य सभा टीवी में एक्जीक्यूटिव एडिटर, एक्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर (इनपुट) के लिए इंटरव्यू हो रहे हैं। लेकिन ए़डीशनल सेकेट्री ए.ए.राव ने उम्मीदवारों का चयन मनमाने तरीके से किया है। इस पद के लिए उनको भी छांट दिया गया है जो कि प्रधान संपादक पद के लिए अर्ह थे।

लिस्ट में कौन से नाम हैं, ये भी गोपनीय रखे गए हैं जबकि गुरदीप सप्पल के कार्यकाल के दौरान पूरी लिस्ट आनलाइन कर दी जाती थी। संदेहास्पद प्रक्रिया के तहत सब कुछ गोपनीय रखा गया है। वैसे भी सब जानते हैं कि ‘नाम तय है’।

बहुत सी खबरें मिलने के बाद चयन समिति के सदस्य श्री राम बहादुर राय ने इस चयन प्रक्रिया में शामिल होने से इंकार कर दिया है। इस बात की पुष्ट सूचना है।

https://www.youtube.com/watch?v=55NezS4H4_4

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
5 Comments

5 Comments

  1. Rajiv

    July 24, 2018 at 2:54 pm

    यशवंत जी मेरा अनुभव इस बारे में जो रहा उसे जरूर शेयर करना चाहूंगा। मैंने आजतक कई टीवी चैनल के जॉब के साक्षात्कार दिए पर मुझे कभी कोई परेशानी नही हुयी।पैनल के सभी सवालों का जबाव देकर मैं हर साक्षात्कार में पास हुआ।पर राज्यसभा के जॉब के लिए एक साक्षात्कार में पैनल में शामिल सात लोगों ने ऐसे ऐसे बेतुके सवाल पूछे जिनके जबाव देना आसान नही था।दूसरे शब्दों में कहे तो सुनियोजित तरीके से मुझे गेंद की तरह एक दूसरे के पाले में डालते रहे। मुझे ये एहसास हो गया कि सलेक्शन लिस्ट पहले ही तैयार हो चुकी है।
    बीच बीच में वो सदस्य एहसास भी करा रहे थे कि इतने सालों के अनुभव के बाद भी आप हमारे सवालों का जबाव नही दे पाए।
    सच में उस दिन से सोच लिए कि निष्पक्षता जब तक न हो इन भर्तियों में तब तक कभी इन सरकारी चैनल के लिये हाथ पैर मारना बेकार है। जिनको लेना होता है वो पहले ही तय हो जाता है।

  2. NK

    August 1, 2018 at 6:16 pm

    Rajeevji pls share your number.

  3. annonymus

    August 29, 2018 at 4:28 am

    RSTV has lots of flaws, लोगों के चयन पर क्या बताएं, राज्य सभा टीवी केवल एपरोचियों से भरा है, यंहा तक के यंहा महिलाओं को exploit करने की भी कोशिश की जाती है। जो महिला इनके चंगुल में फस जाए वो आज तक टिकी हैं और जो इंकार कर दे उसे तो एंकर रहने का भी हक नही दिया जाता।
    मीनिस्टर की बेटी नीधी chaturvedi तो अपने कुत्ते तक को office लाती है और काम के नाम पर केवल टाइम पास. आने जाने का कोई समय नही, एसे बहुत से लोग हैं जो extra marital affair की वजह से यंहा टिके हुए हैं। निहायती गंदा चैनल बन गया है। लूट के नाम पर पिछले higher position walo को भी नही भूलना चाहिए । क्या कहें its all dirty politics…

  4. रहस्य

    September 17, 2018 at 6:40 pm

    सर न्यूज चैनलों की बात की जाए तो अब सारे चैनल अब राजनीति से घिर चुके हैं अगर सच्ची पत्रकारिता करना चाहते हैं तो यूट्यूब सोशल मीडिया से जुड़े हैं और उनसे पत्रकारिता करें न कि इन चैनलों से.जय हिन्द….

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