आधे घंटे तक ब्लैकआउट रहा राज्यसभा टीवी!

राज्यसभा टीवी एक बार फिर सुर्खियों में है. सोमवार को करीब आधे घंटे के लिए यह चैनल ब्लैकआउट रहा. अचानक चलते-चलते चैनल का प्रसारण रूक गया. इसका कारण क्या है, ये पता नहीं चला है लेकिन ऐसा पहली बार नहीं हुआ है. Share on:कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

RSTV में करप्शन : भड़ास ने महीनों पहले जिस विभाकर का नाम लिखा, उन्हीं का हो गया सेलेक्शन!

मोदी राज में राज्यसभा टीवी में करप्शन की घनघोर धारा बह रही है. भड़ास ने महीनों पहले जिस शख्स का नाम लिख दिया था कि इसी का सेलेक्शन होना पहले से तय है, बाकी सारा इंटरव्यू फर्जीवाड़ा है, हुआ भी उसी शख्स का सेलेक्शन. राज्यसभा टीवी में एक्जीक्यूटिव एडिटर के पद पर विभाकर की नियुक्ति …

राज्यसभा टीवी के प्रधान संपादक के संपादन की योग्यता देखिए!

Zaigham Murtaza : ये Rajyasabha Television के प्रधान संपादक की संपादन योग्यता है। प्रति माह 3 लाख रुपये से ज़्यादा का ख़र्च है इसे पालने का। ये पैसा हमारे आपके टैक्स से जाता है… Share on:कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

गुरदीप सिंह सप्पल ला रहे हैं नया न्यूज चैनल- ‘न्यूज प्लेटफार्म’

राज्यसभा टीवी के संस्थापक गुरदीप सिंह सप्पल एक नया न्यूज चैनल लांच करने जा रहे हैं. नाम है ‘न्यूज प्लेटफार्म’. चर्चा है कि यह न्यूज चैनल इस महीने के आखिर या अगले महीने के पहले सप्ताह तक लांच हो जाएगा. Share on:कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

आरएसटीवी में कार्यरत डेली वेजेज वीडियो एडिटर्स के साथ भेदभाव क्यों?

आरएसटीवी में कार्य कर रहे फ्रीलांसर / डेली वेजेज वीडियो एडिटर्स भेदभाव के शिकार हैं. इनके साथ अन्याय हो रहा है लेकिन प्रबंधन सब देखकर भी चुप है. जबसे यह आरएसटीवी चैनल शुरू हुआ है तब से वहां वीडियो एडिटर्स को 1300 रुपये प्रतिदिन दिया जाता है. जो अन्य लोग कांर्टैक्ट पर कार्यरत हैं उनकी …

राज्यसभा टीवी के लिए हो रहे इंटरव्यू में उम्मीदवारों का चयन मनमाने तरीके से!

राज्य सभा टीवी में एक्जीक्यूटिव एडिटर, एक्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर (इनपुट) के लिए इंटरव्यू हो रहे हैं। लेकिन ए़डीशनल सेकेट्री ए.ए.राव ने उम्मीदवारों का चयन मनमाने तरीके से किया है। इस पद के लिए उनको भी छांट दिया गया है जो कि प्रधान संपादक पद के लिए अर्ह थे। Share on:कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद …

संघ के वैचारिक भौंपू बने RSTV से पत्रकार ज़ैग़म मुर्तज़ा का इस्तीफा, पढ़ें उनकी पीड़ा

Zaigham Murtaza आख़िर 7 साल कम नहीं होते लेकिन गुज़रने थे सो गुज़र गए और अच्छे से गुज़रे। किसी भी संस्थान में थोड़ी बहुत खींचतान और राजनीति लाज़िमी है मगर आख़िर के कुछ महीनों में काम से ज़्यादा राजनीति से सामना हुआ। इसे राजनीति भी कहना सही नहीं होगा। ये विचारधारा का द्वंद था। उन्हे …

RSTV : कभी इसे ‘भारत का बीबीसी’ कहा जाता था, आज का ताजा हाल देखें

Om Thanvi : “परम पूज्य” सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत “जी” मंच पर मौजूद?? ये हाल हो गया है राज्यसभा टीवी का। आपके-हमारे पैसे से चलता है, पर चिलम नागपुर की भरता है। कभी चैनल की चर्चा भारत का बीबीसी कहते हुए होती थी, क्योंकि सरकार से पैसा लेकर भी सरकार की जगह दर्शकों के प्रति …

राज्य सभा टीवी- श्रम कानूनों की ऐसी तैसी

बंद दरवाजे के पीछे बहुत परदा है करीब एक साल बहुत लंबे इंतजार के बाद 7 मई 2018 को राज्यसभा टीवी में बंपर वैकेंसी आयी तो 43 पोस्टों के लिए 2500 से अधिक पत्रकारों ने अर्जी दे डाली। बड़ी संख्या में पत्रकार आखिरी तारीख यानि 21 मई को तालकटोरा स्टेडियम और गुरुद्वारा रकाबगंज रोड पर …

राज्यसभा टीवी के बाद गुरदीप सिंह सप्पल ने लांच किया नया वेंचर- ‘हिंद किसान’

गुरदीप सिंह सप्पल

आज के दौर में जब मुख्यधारा की मीडिया नान-इशूज पर फोकस कर जनता का ध्यान बुनियादी मुद्दों से हटाने के सत्ता-तंत्र के खेल में पूरी तरह लिप्त हो गया है, कुछ साहसी किस्म के लोग आम जन के प्रति मीडिया की प्रतिबद्धता को जीने में लगे हुए हैं. गुरदीप सिंह सप्पल के नेतृत्व में राज्यसभा टीवी लांच हुआ और देखते ही देखते यह चैनल पत्रकारिता के असल मानकों का प्रतीक बन गया. इंटरव्यूज हों या ग्राउंड रिपोर्टिंग… आदिवासियों का मसला हो या किसानों का जीवन हो… सब कुछ को बेहद संजीदगी और सरोकार के साथ चैनल पर प्रसारित किया गया. कई आईएएस सेलेक्ट हुए छात्रों ने कुबूल किया कि वे सिविल सर्विस की तैयारी के दिनों में न्यूज चैनलों में केवल राज्यसभा टीवी देखते थे.

Know How a Senior Editor is being FORCED to Leave RSTV

Rajya Sabha TV- Deceit, Deception, Dishonesty, Anything but Parliamentary

Rajya Sabha: How to SET Editor-in-Chief selection

The story of war for control at Rajya Sabha TV (RSTV) could make the most intriguing episode of Game of Thrones a run for TRPs. The channel has been in controversy for years now. There have been incessant allegations of misuse of public money, nepotism, corrupt practices in RSTV. There have been reports of CAG objections. Leading media organizations like DNA, Tehelka wrote articles alleging splurging of Rs 1700 crores. It another matter that both the organizations tendered apology for factually incorrect reporting to the Privileges Committee of Rajya Sabha, when nearly all political parties in the House, except BJP, collectively moved privilege motion against wrong reporting.

अफवाहों-दुष्प्रचारों के बीच राज्यसभा टीवी पर हुए खर्च की हक़ीक़त जानिए

भड़ास तहक़ीक़ात : राज्यसभा टीवी ने पिछले छः साल में एक धारदार और पेशेवर टीवी चैनल की पहचान बनायी है। लेकिन चैनल पर लगातार ख़र्च को ले कर आरोप लगते रहे हैं। WhatsApp पर लगातार मैसेज मिलते रहे हैं कि चैनल ने 1700 करोड़ रुपए ख़र्च कर दिए। लेकिन पिछले हफ़्ते स्वयं वेंकैय्या नायडू के ऑफ़िस के हवाले से ख़बर आयी कि राज्यसभा टीवी पर सात साल में 1700 करोड़ रुपए नहीं मात्र 375 करोड़ रुपए ख़र्च हुए हैं।

RSTV का वार्षिक बजट 62.50 करोड़ था, इसमें से 25 करोड़ रुपये एनडीएमसी को किराया जाता था

Gurdeep Singh Sappal : अब जब ये साफ़ कर दिया गया है कि RSTV का वार्षिक बजट केवल ₹62.50 करोड़ था और उसमें भी ₹25 करोड़ केवल NDMC को जाता था, मुझे उम्मीद है कि ₹1700 करोड़ -₹ 3000 करोड़ ख़र्च का झूठा प्रचार अब थम जाएगा। राज्य सभा टीवी ईमानदार नीयत और निष्ठा से एक असरकारक पब्लिक broadcaster के रूप में स्थापित किया गया था। मैं आशा करता हूँ कि इसकी दूसरी पारी भी शानदार रहेगी।

”RSTV wasn’t possible without you, All the very best Gurdeep sir”

राज्यसभा टीवी के संस्थापक प्रधान संपादक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी गुरदीप सिंह सप्पल ने अपना लंबा-चौड़ा इस्तीफानामा अपने एफबी वॉल पर पोस्ट किया है, जिस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. ज्यादातर लोगों ने गुरदीप सिंह सप्पल को राज्यसभा टीवी जैसा एक चैनल खड़ा करने के लिए बधाई दी और आगे के करियर की लिए शुभकामनाएं. पढ़िए सैकड़ों कमेंट्स में से कुछ चुनिंदा…

इतिहास रचने के बाद राज्यसभा के सीईओ और एडिटर इन चीफ पद से गुरदीप सिंह सप्पल ने दिया इस्तीफा

गुरदीप सिंह सप्पल भारतीय मीडिया में एक इतिहास रच चुके हैं. राज्यसभा टीवी के माध्यम से वे सरकारी और निजी, दोनों ब्राडकास्टर्स के लिए एक रोल माडल पेश कर गए हैं कि देखो, ऐसा होता है कोई चैनल. एडिटर इन चीफ और सीईओ के रूप में राज्यसभा टीवी की नींव रखकर उसे प्रतिष्ठा की बुलंदियों तक गुरदीप सिंह सप्पल ने पहुंचाया. उप राष्ट्रपति पद से हामिद अंसारी के इस्तीफा के बाद राज्यसभा टीवी के सीईओ और एडिटर इन चीफ पद से जीएस सप्पल को जाना ही था.

नए उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू एडिटर इन चीफ और सीईओ के लिए नई नियुक्ति करेंगे. लेकिन जीएस सप्पल ने जो लकीर खींच दी है, उसके पार जा पाना किसी भी दूसरे एडिटर इन चीफ और सीईओ के लिए संभव न होगा. आईएएस में चयनित होने वाले प्रतिभागी जब कहते हैं कि वे राज्यसभा टीवी का ‘बिग पिक्चर’ डिबेट शो देखकर सम-सामयिक मामलों में अपनी सोच-समझ को निर्मित करते हैं, तो समझा जा सकता है कि इस चैनल पर प्रसारित होने वाले कार्यक्रम कितनी गहराई और प्रामाणिकता लिए हुए होते हैं.

गुरदीप सिंह सप्पल की सबसे बड़ी बात, जो उनके साथ काम करने वाले बताते हैं, कि ये आदमी बेहद डेमोक्रेटिक है. वे क्रिएटविटी और एडिटोरियल फ्रीडम को पूरी तरह जीने देते हैं. यही कारण है कि उन्होंने राज्यसभा टीवी के लिए ऐेसे मीडियाकर्मियों का चयन किया जिनके लिए पत्रकारिता जनसरोकार और एक मिशन रही है. गुरदीप सिंह सप्पल का अंदाज और तेवर उनके इस्तीफानामा में भी देखा जा सकता है, जो उन्होंने अपने एफबी वॉल पर पोस्ट किया है. उनका इस्तीफानामा नीचे पढ़ा जा सकता है.

-यशवंत, एडिटर, भड़ास4मीडिया

वीपीआई हामिद अंसारी का विदाई समारोह : संजय राउत ने चुटकी ली- ‘राज्यसभा टीवी चलता रहे!’

Shambhu Nath Shukla : हामिद अंसारी साहब बहुत याद आएंगे। पूरे दस साल वे भारत के वाइस प्रेसीडेंट रहे और राज्य सभा में कड़क प्रिंसिपल की तरह। सबको डांटते रहे, लड़ियाते भी रहे। मगर आज विदाई के दिन उन्हें प्रिंसिपल का चोला उतार देना था। आज भी अपने सम्मान में वक्ताओं का समय भी उन्होंने ही तय किया और बीच-बीच में हड़काते भी रहे।

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की इंडियन नेशनल आर्मी उर्फ आईएनए और इसके जांबाजों पर आधारित है फिल्म ‘रागदेश’

The much awaited Tigmanshu Dhulia film ‘Raagdesh’ is all set to release on July 28th, 2017. Expected to be a crossover film, the film marries the historical authenticity with entertaining cinema, a genre much missed in Bollywood. Set in the backdrop of the famous ‘Red Fort Trials’, the film recreates the era of last days of freedom struggle in India, where the battles were being fought on borders, on streets, in media and curiously enough, in the court room.

राज्यसभा टीवी के सीईओ गुरदीप सिंह सप्पल निर्मित फिल्म ‘रागदेश’ का पोस्टर जारी, रिलीज 28 जुलाई को

राज्यसभा टीवी के सीईओ और एडिटर इन चीफ गुरदीप सिंह सप्पल के नाम एक और उपलब्धि जुड़ गई है. उन्होंने फिल्म निर्माण जैसा बड़ा काम कर दिखाया है. बतौर प्रोड्यूसर सप्पल ने जो फिल्म ‘रागदेश’ बनाई है, उसका निर्देशन जाने माने फिल्मकार तिग्मांशु धूलिया ने किया. फिल्म का पोस्टर जारी कर दिया गया है. फिल्म सिनेमाघरों में 28 जुलाई को पहुंचेगी.

The film is on Lal Quila Trial of officers of INA.

राज्यसभा टीवी के लिए आज होने वाला इंटरव्यू कैंसल

राज्यसभा टीवी के लिए आज जो इंटरव्यू होना था, वह स्थगित हो गया है. इस बाबत राज्यसभा टीवी की वेबसाइट पर जानकारी प्रकाशित की गई है, जिसका स्क्रीनशाट उपर अपलोड किया गया है. राज्यसभा टीवी चैनल ने पिछले दिनों बड़े पैमाने पर वैकेंसी निकाली थी. उसके लिए आज और कल वॉक-इन-इंटरव्यू होना था. भारी संख्या में मीडियाकर्मियों ने इसके लिए अप्लाई किया था. अब शुक्रवार और शनिवार को होने वाले वॉक-इन-इंटरव्यू स्थगित कर दिए गए हैं.

मोदी सरकार का यह मास्टर स्ट्रोक है : गुरदीप सिंह सप्पल

Gurdeep Singh Sappal : मोदी सरकार का यह मास्टर स्ट्रोक है। जिन भी बड़ी कम्पनी, राजनीतिक दल, भ्रष्ट अधिकारियों, बड़े व्यापारियों के पास बड़ा कैश जमा है, वे दिक़्क़त में आ गए हैं। बड़ी रक़म बैंक में जमा नहीं करा सकते, क्यूँकि सवाल उठेगा कि उस धन को पिछली Income Decleration Scheme में घोषित क्यूँ नहीं किया। साथ ही, अब केस भी चल सकेगा।

राज्यसभा टीवी के पांच साल होने पर चैनल के एडिटर इन चीफ गुरदीप सिंह सप्पल क्या कह रहे, पढ़िए

FIVE YEARS OF RSTV

Gurdeep Singh Sappal

Today we complete five years of Rajya Sabha Television. It’s been a satisfying journey. We have been able to set a benchmark in public broadcasting, despite all the usual constraints. In this journey, my colleagues, fellow editors, executive producers, anchors, guest participants and invisible faces working behind cameras and at the desk have contributed in equal measure. I thank all of them in persevering and working against odds and earning a name for the institution.

प्रसार भारती के संघी अध्यक्ष सूर्य प्रकाश को राज्यसभा टीवी के पत्रकार अरविंद कुमार सिंह ने दिया करारा जवाब

Arvind K Singh : राज्य सभा की भूमिका पर सवाल… प्रसार भारती के अध्यक्ष श्री ए.सूर्य प्रकाश ने दैनिक जागरण में राज्य सभा की भूमिका पर सवाल खड़ा किया है। तथ्यात्मक लेख है। वे संसदीय मामलों के जानकार हैं लेकिन इस लेख में जान बूझ कर तमाम तथ्यों को छिपाया है। विपक्ष को भरोसे में न ले पाना यह सरकार की कमजोरी हो सकती है। लेकिन इस आधार पर किसी सदन को समाप्त करने का विचार अलोकतांत्रिक है। संभव है कि उन्होंने प्रधानमंत्री को खुश करने के लिए ऐसा लिखा हो। लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कभी भी इसकी आलोचना नहीं की है।

जो लोग एनडीटीवी पर रवीश कुमार के मुरीद हैं, उन्हें एक बार राज्यसभा टीवी पर आरफा खानम शेरवानी को भी देखना चाहिए

Sushil Upadhyay : राज्यसभा टीवी, केरल, आरफा और हिंदी… कल रात साढ़े आठ बजे राज्यसभा टीवी पर आरफा खानम शेरवानी का कार्यक्रम देखकर मन खुश हो गया। जो लोग एनडीटीवी पर रवीश कुमार के मुरीद हैं, उन्हें एक बार राज्यसभा टीवी पर आरफा खानम शेरवानी को भी देखना चाहिए। खासतौर से, उनकी भाषा को। वे अपनी प्रस्तुति में रवीश कुमार की तुलना में ज्यादा संतुलित, शालीन और बौद्धिक नजर आती हैं। कल वे केरल में थीं, वहां से चुनावी मुहिम पर शो प्रस्तुत कर रही थीं। उनके पैनल के नाम देखकर एक पल के लिए मुझे लगा कि शायद आज का शो अंग्रेजी में होगा। पैनल में सीपीएम के वी. शिवदासन, आरएसएस के डॅा. के.सी. अजय कुमार, ईटीवी के प्रमोद राघवन, पत्रकार गिलवेस्टर असारी और केरल से प्रकाशित कांग्रेस के दैनिक अखबार के संपादक (जिनका नाम याद नहीं रहा) शामिल थे।

राज्यसभा टीवी में ढेर सारे पदों पर सीधे इंटरव्यू से होगी नियुक्ति, देखें विज्ञापन

राज्यसभा टीवी ने कैमरामैन, जूनियर कैमरामैन, जूनियर वीडियो एडिटर, सीनियर ग्राफिक्स डिजाइनर, ग्राफिक्स डिजाइनर विज आरटी एंड वर्चुवल स्टूडिया, ग्राफिक्स डिजाइनर, जूनियर ग्राफिक्स डिजाइनर, पैनल प्रोड्यूसर, ट्रांसपोर्ट कोऑर्डिनेटर के पदों पर तैनाती के लिए विज्ञापन निकाला है. इन पदों पर तैनाती डायरेक्ट इंटरव्यू के जरिए की जाएगी. अगर आप भी इन पदों में से किसी के लिए हैं दावेदार और आपकी उम्र 21 से 58 साल के बीच है तो वॉक-इन-इंटरव्यू के लिए हो जाइए तैयार.

हामिद अंसारी ने किया राज्यसभा टीवी के नए कलेवर का अनावरण

उप राष्ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी ने विज्ञान भवन में राज्यसभा टीवी के नए कलेवर का अनावरण किया। इस कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि देश में अभी भी अंधविश्वास और कुरीतियां हैं,जिन्हें दूर करने में विज्ञान और मीडिया बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। उपराष्ट्रपति ने देश में विज्ञान प्रसार के लिए नया टीवी चैनल लाने पर ज़ोर दिया।

राज्यसभा टीवी के इंटरव्यू में एक महिला प्रतिभागी पर अपना नाम वापस लेने का दबाव डाला गया!

इसी साल सितंबर महीने में राज्यसभी टीवी में हुए Consultant Anchor के वॉक इन इंटरव्यू के लिए मैं पहुंचा राज्यसभी टीवी के दफ्तर। कई दूसरे प्रतिभागी भी वहां पहुंचे। सभी मीडिया जगत के ही साथी थे। एक-एक कर हमारे सीवी को छांटा गया। फिर जो सभी पैमानों पर उनके विज्ञापन पर खरे उतरे, उन्हें रुकने को कहा गया। बाकी सबको धन्यवाद कह दिया गया। मेरी भी सीवी सिलेक्ट हो गई। मैं काफी समय से मेनस्ट्रीम मीडिया में नौकरी करता आया हूं और अभी भी करता हूं।

मोदी की नाक के नीचे राज्यसभा चैनल की नियुक्तियों में भारी खेल चल रहा है!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भले ही कितनी भी पारदर्शिता की बात कर लें, लेकिन सरकार की नाक के नीचे नियुक्तियों में भारी खेल चल रहा है। उसे वे नहीं रोक पा रहे हैं। ताजा उदाहरण राज्यसभा टीवी चैनल का है। सितंबर माह में चैनल ने कुछ पदों के लिए विज्ञापन दिया था, जिनमें चार अंग्रेजी एंकर के पदों का इंटरव्यू 27 अक्टूबर को हुआ। मजेदार बात यह है कि इस इंटरव्यू में कई ऐसे प्रतिभागी भी बुलाए गए हैं, जिन्होंने कभी अंग्रेजी की एंकरिंग नही की।

मीडियाकर्मियों के लिए राज्यसभा टीवी में बंपर वैकेंसी, करें आवेदन

राज्यसभा टीवी में मीडियाकर्मियों के लिए बहुत सारी वैकेंसी है. करीब 45 पदों को लेकर भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है. नियुक्ति स्थल नई दिल्ली है. कैमरा असिस्टेंट के कुल 10 पद हैं तो स्टूडियो असिस्टेंट के 07 पद. मेकअप आर्टिस्ट के 06 पद खाली हैं तो फ्रंट ऑफ़िस एग्जिक्यूटीव के 05 पद रिक्त हैं.

Freedom of Media and Privileges of Parliament

New Delhi : A privilege motion has been moved by 60 MPs of 14 major parties in Rajya Sabha in a matter related to RSTV. This extraordinary step is bound to raise a debate on freedom of media and privileges of Parliament. We, in RSTV, have practiced the highest ethical and professional standards of unbiased journalism and find ourselves morally suited to address the debate. I thank you for patronizing the channel and being our partner in the endeavour.