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देहरादून सहारा के यूनिट हेड मृदुल बाली ने अखबार छोड़ा

देहरादून राष्ट्रीय सहारा के यूनिट हेड मृदुल बाली ने गत दिनो आधिकारिक तौर पर बता दिया कि वह सहारा छोड़ रहे हैं। हालाँकि उनके जाने की चर्चा पहले से जोरों पर थी, जिसे उन्होंने बातचीत के दौरान हड़ताली कर्मचारियों से स्वीकार किया था। हड़ताल समाप्त होने वाले दिन से अवकाश पर चले गए थे । 

देहरादून राष्ट्रीय सहारा के यूनिट हेड मृदुल बाली ने गत दिनो आधिकारिक तौर पर बता दिया कि वह सहारा छोड़ रहे हैं। हालाँकि उनके जाने की चर्चा पहले से जोरों पर थी, जिसे उन्होंने बातचीत के दौरान हड़ताली कर्मचारियों से स्वीकार किया था। हड़ताल समाप्त होने वाले दिन से अवकाश पर चले गए थे । 

बाली शुरुआती दौर से ही सहारा से जुड़े थे । दिल्ली के आलावा लखनऊ, कानपुर और देहरादून में उन्होंने अपनी सेवाएं दीं। वे सहारा के कर्मठ अधिकारियों में से एक थे । अपने मिलनसार स्वभाव, नेतृत्व क्षमता और वाकपटुता के कारण वे हमेशा स्टॉफ के प्रिय रहे ।

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6 Comments

6 Comments

  1. Siddarth

    August 16, 2015 at 3:11 pm

    Pankaj ji…jitne bakwass yahan kar rahe ho iska 1 percent bhi kamm haridwar bureau office mein kar lete na peece laat nahi padti. Kaam karo kaam rajneeti mat kro is field mein bacche ho tum…

  2. sahariyan

    August 4, 2015 at 12:41 pm

    😮 😥 😛 सुनने में आया है कि पटना में हुए एक घोटाले में बाली जी को दोषी पाया गया है. उनकी यह विदाई उसी का नतीजा लगती है. वैसे बाली साहब सहारा की मीटिंगों में ‘सहाराश्री’ के जितने गुणगान कर-करके अपने आप को बचाने का प्रयास कर रहे थे, वो बेकार ही गए.

  3. पितामह भीष्म

    August 5, 2015 at 5:32 pm

    मृदुल बाली साहब ने जितना टाइम स्टाफ को प्रवचन दिया उसका 1/4 काम करते तो यूनिट डाउन ना जाती। हर एक स्टाफ को सहारा की मजबूती बताते और खुद ही समय से पहले बाहर, वाह कर्तव्ययोगी।

  4. द्रोणाचार्य

    August 6, 2015 at 6:21 am

    बाली साहब को सहारा का अंतिम प्रणाम
    बाली साहब आपने जिस प्रकार देहरादून यूनिट के कर्मचारियों की मेहनत की कमाई नोएडा भेज भेज कर अपने नंबर कमाने चाहे, वो कबीले तारीफ था। … पर न ही नंबर कमा पाये और न ही नौकरी। । अब जय राम जी की बोलूं या सहारा प्रणाम

  5. pankaj

    August 6, 2015 at 11:03 am

    अच्छा हुआ चले गये।पूरे यूनिट के नाक मे दम कर रखा था।काम तो कुछ करते नहीं थे बस भाषणबाजी और पूरे दिन सहारा का बखान करके टाइम काटते थे।

  6. abc

    August 11, 2015 at 7:47 am

    वैसे देहरादून यूनिट मै बाली जी धमाल करने आये थे पर कुछ करने का जज्बा भासण बाजी तक ही सीमित रह गया. जो थोड़ा बहुत अखबार बाजार मै बिक भी रहा था वो भी नीचे आ गया.

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