संजय शर्मा का ‘वीकएंड टाइम्स’ पहुंचा उत्तराखंड, सीएम ने अपने आवास पर किया विमोचन

लखनऊ के चर्चित पत्रकार संजय शर्मा का नया पड़ाव देहरादून है. यूपी के लखनऊ से वीकएंड टाइम्स का प्रकाशन करने और इसे सफलता पूर्वक स्थापित करने के बाद उन्होंने अखबार का उत्तराखंड एडिशन लांच कर दिया है. वीकएंड टाइम्स उत्तराखंड एडिशन की लांचिंग देहरादून में मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित एक भव्य समारोह में हुआ. इस समारोह में खुद सीएम हरीश रावत ने अखबार को अपने हाथों लांच किया.

इस मौके पर कई वरिष्ठ पत्रकार, नेता, मंत्री, अफसर आदि मौजूद थे. इस कार्यक्रम का पूरा विवरण संजय शर्मा के एक अन्य अखबार 4पीएम, जो कि लखनऊ से प्रकाशित प्रतिष्ठित सांध्य दैनिक है, में विस्तार से प्रकाशित किया गया है. नीचे दिए गए दो लिंक पर क्लिक करके आप वीकएंड टाइम्स के उत्तराखंड संस्करण की लांचिंग समारोह से संबंधित पूरी विस्तृत खबर पढ़ सकते हैं :

UK Edition Launch News One

UK Edition Launch News Two

कार्यक्रम का प्रसारण ईटीवी पर भी किया गया. संबंधित वीडियो देखने के लिए नीचे क्लिक करें :

ETV par Prasaran

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Scribe who aired sting on Rawat’s PS booked for threatening man

DEHRADUN: Two days after a portion of a building owned by him was demolished, Ashok Pandey – the journalist who had “exposed” chief minister Harish Rawat’s personal secretary Mohammad Shahid in a sting operation — suffered another setback on Wednesday as a threatening case was registered against him at the Kotwali police station. 

Acting on the complaint of Surendra Chandra Agarwal, the police have registered a case against Pandey under sections 385 (putting person in fear of injury in order to commit extortion), 504 (intentional insult) and 506 (criminal intimidation), IPC. 

In his complaint, Agarwal, an acquaintance of Pandey, claimed that the latter allegedly threatened him of dire consequences over an issue when the demolition was being carried out. 

Giving information, circle officer Kotwali Manoj Kumar Katyal told TOI, “Prima facie it appears that there were differences between Pandey and Agarwal. A case has been registered and we are probing the matter thoroughly.” 

Pandey had ‘exposed’ Shahid, a senior Gujarat cadre IAS officer, in a sting that purportedly showed him negotiating bribes for changes to the state’s policy on sale of alcohol. The video was made public on July 22. 

On Tuesday, a part of the complex owned by Pandey was demolished as some norms had been flouted. Thereafter, claiming a threat to his life, Pandey “disappeared” from Dehradun. 

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देहरादून सहारा के यूनिट हेड मृदुल बाली ने अखबार छोड़ा

देहरादून राष्ट्रीय सहारा के यूनिट हेड मृदुल बाली ने गत दिनो आधिकारिक तौर पर बता दिया कि वह सहारा छोड़ रहे हैं। हालाँकि उनके जाने की चर्चा पहले से जोरों पर थी, जिसे उन्होंने बातचीत के दौरान हड़ताली कर्मचारियों से स्वीकार किया था। हड़ताल समाप्त होने वाले दिन से अवकाश पर चले गए थे । 

बाली शुरुआती दौर से ही सहारा से जुड़े थे । दिल्ली के आलावा लखनऊ, कानपुर और देहरादून में उन्होंने अपनी सेवाएं दीं। वे सहारा के कर्मठ अधिकारियों में से एक थे । अपने मिलनसार स्वभाव, नेतृत्व क्षमता और वाकपटुता के कारण वे हमेशा स्टॉफ के प्रिय रहे ।

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सहारा नोएडा की हड़ताल देहरादून पहुंची, लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, पटना में भी कार्य बहिष्कार, लखनऊ में झड़प

राष्ट्रीय सहारा मीडिया समूह के हेड ऑफिस नोएडा में विक्षुब्ध मीडिया कर्मियों की अंगड़ाई और उससे पहले दैनिक जागरण नोएडा में काली पट्टियां बांधकर हठी प्रबंधन की मनमानियों को खुलेआम चैलेंज देना पूरे मीडिया जगत के लिए साफ संकेत है कि आने वाले दिन अब उनके लिए पहले की तरह आसान नहीं होंगे। लखनऊ सहारा में संपादक और जनरल डेस्क इंचार्ज की आपस में झड़प हो गई। देहरादून के सहारा कर्मी भी शनिवार को हड़ताल पर चले गए। वाराणसी, गोरखपुर, पटना से भी सूचनाएं मिल रही हैं कि मीडिया कर्मी काम काज छोड़कर किनारे बैठ गए हैं। कमोबेश सभी यूनिटों में शनिवार शाम तक संपादकीय प्रबंधन के हाथ-पांव फूल चुके थे। चिंता थी कि कल तो अमर उजाला में पेपर छपवा लिया, आज अखबार कैसे निकलेगा। 

लखनऊ सहारा में शनिवार देर शाम तक न्यूज रूम का तापमान चरम की ओर था। प्रशांत दीक्षित को कामर्स का पेज बनवाने के लिए संपादक ने कहा तो उनका जवाब मिला कि नोएडा से पेज नहीं आ रहा तो वह कैसे बनवा दें। इस पर संपादक ने कहा कि आधा ही पेज बनवा दीजिए। इसके बाद दोनों में जमकर बहस-मुबाहसा हुआ। संपादक दोबारा प्रस्ताव लेकर आए कि नोएडा से ग्रुप के मीडिया हेड राजेश सिंह से उनकी बात हो गई है। राजेश सिंह ने आश्वासन दिया है कि इस महीने की सेलरी 20 जुलाई से पहले दे दी जाएगी। चलिए, आप लोग काम शुरू करिए। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रुप के मालिक सुब्रत राय से भी उनकी बात हो चुकी है। उन्होंने कहा दिया है कि सहारा कर्मियों को मजीठिया वेतनमान भी दे दिया जाएगा। 

संपादक को सुनने के बाद मीडिया कर्मियों ने कहा कि वे तो वही करेंगे, जैसा नोएडा करेगा, कहेगा। हम नोएडा पर निर्भर हैं। वहां से पेज मिलेगा, तभी तो उसमें स्थानीय खबरें लगा कर एडिशन छोड़ा जा सकेगा। देर शाम तक सारे मीडिया कर्मी न्यूज रूम से बाहर जमे हुए थे। कुछ-एक चमचा टाइप ही कर्मी ही न्यूज रूम में देखे गए। 

सहारा नोएडा की हड़ताल देहरादून (उत्तराखंड) तक दस्तक दे चुकी है। पटना, वाराणसी, गोरखपुर, लखनऊ सहारा में कल शाम से जारी आंदोलन की सुगबुगाहट ने शनिवार शाम नया मोड़ ले लिया। लखनऊ में मीडिया कर्मियों ने  कार्य-बहिष्कार कर दिया। देहरादून में हड़ताल हो गई। पटना, गोरखपुर, वाराणसी में भी मीडिया कर्मी हाथ-पर-हाथ धर लिए। हालात कितने गंभीर हो चले हैं कि कल नोएडा में संपादकीय प्रमुख को किसी तरह अखबार के पेज तैयार कराकर अमर उजाला में छपवाना पड़ा क्योंकि मशीन विभाग के समस्त कर्मचारी हड़ताल पर चले गए।

सहारा की सभी यूनिटों में वेतन न मिलने से भारी रोष है। एक-दो दिनों में कोई समझौतावादी रास्ता नहीं निकला तो ये हड़ताल सहारा की बाकी यूनिटों में भी पैर पसार सकती है। लखनऊ सहारा में शनिवार शाम जनरल डेस्क के इंचार्ज शशिधर द्विवेदी से स्थानीय संपादक मनोज तोमर की पेज बनाने को लेकर झड़प हो गई। सारे मीडिया कर्मी काम छोड़कर बरामदे में बैठ गए। डेस्क और रिपोर्टिंग सेक्शन दोनों के मीडिया कर्मियों ने नोएडा के हालात से खुद को जोड़ते हुए कार्य बहिष्कार कर दिया। हालात यहां तक पहुंच गए कि अखबार के लिए कोई संपादकीय लिखने वाला नहीं। रिटायर हो चुके रिपोर्टिंग इंचार्ज विजय शंकर पंकज को किसी तरह संपादकीय लिखना पड़ा। मीडिया कर्मी उनकी इस दयनीय हालत पर खिल्ली उड़ाते नजर आए।

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हिंदुस्तान, सहारा, पत्रिका और दूरदर्शन से आवाजाही की सूचनाएं

गोरखपुर हिंदुस्तान में इन दिनो संपादक दिनेश पाठक के जाने को लेकर चर्चाएं गर्म हैं। बताया जा रहा है कि इलाहाबाद से सुनील द्विवेदी को गोरखपुर स्थानांतरित किया जा रहा है। सुनील इससे पहले आइनेक्स्ट गोरखपुर में काम कर चुके हैं। गोरखपुर आइनेक्स्ट से कुछ रिपोर्टरों के हिंदुस्तान ज्वॉइन करने की संभावनाएं अभी से चर्चा में हैं। 

देहरादून राष्ट्रीय सहारा छोड़ कर जाने वालों का सिलसिला थम नहीं रहा है। पिछले हफ्ते अमित सिंह के जाने की सूचना के साथ ही कुछ और के संस्थान से अलग हो जाने की सूचनाएं है। संस्थान को अलविदा कहने वाले नए कर्मियं में अमित सिंह की पत्नी निधि सिंह और रोहित बिल्जवाण के जाने की अपुष्ट सूचनाएं हैं । बताया गया है कि निधि अपने पति के साथ दैनिक भास्कर से नई पारी की शुरुआत करने वाली हैं। वह लंबे समय से अवकाश पर हैं। सूत्रों ने बताया है कि रोहित दैनिक जागरण को अपनी सेवाएं देने वाले हैं। लगभग इनका फाइनल हो गया है। ये हिंदुस्तान छोड़ कर सहारा आए थे। नियमित वेतन न मिलने से इनका मोहभंग हुआ बताया गया है।

उधऱ, राजस्थान में भोलानाथ शुक्ल ने राजस्थान पत्रिका श्रीगंगानगर छोड़ कर दैनिक जनतंत्र लखनऊ ज्वॉइन कर लिया है।

दूरदर्शन में तीन दशक से ज्यादा समय तक काम कर चुके पूर्व निदेशक कृष्ण कुमार रत्तू अब जालंधर में डीएवी विवि में नए मीडिया निदेशक के तौर पर दूसरी पारी शुरू करेंगे। दो दिन पहले उन्होंने कार्यभार संभाल लिया है। प्रिंट और इलेक्ट्रोनिक्स मीडिया में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान  रखने वाले रत्तू डीएवी विवि के पत्रकारिता विभाग का कामकाज देखेंगे। उन्होंने मीडिया और अन्य विषयों से जुड़ी कोई पांच दर्जन से ज्यादा किताबें लिखी हैं। प्रतिष्ठित भारतेंदु सम्मान, पंजाब में साहित्य शिरोमणि पुरस्कार के अलावा देश के विभिन्न राज्यों से विभिन्न पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है। देश के विभिन्न हिंदी और पंजाबी के राष्ट्रीय समाचार पत्रों में वह नियमित स्तंभ भी लिखते रहे हैं। मीडिया के अलावा सामाजिक सरोकारों जैसे विषयों पर उनकी पकड़ को देखते हुए डीएवी प्रबंधन ने उनको यह अहम जिम्मेवारी सौंपी है। रत्तू कुछ माह पहले चंडीगढ़ दूरदर्शन  केंद्र में निदेशक पद से सेवानिवृत्त हुए थे। इससे पहले वह उत्तराखंड केंद्र में तैनात रहे।

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देहरादून सहारा से अमित सिंह के जाने की खबर

सहारा को बेसहारा करने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है । आये दिन कोई न कोई कर्तव्य योगी (सहारा में कोई कर्मचारी नहीं है सारे के सारे कर्तव्य योगी हैं तब यह हाल है) संस्थान का दामन छोड़ रहा है। 

ताजा मामला राष्ट्रीय सहारा देहरादून के मार्केटिंग विभाग का है । इस विभाग में कार्यरत अमित सिंह ने सहारा को बेसहारा कर दिया । अमित हाल ही में सहारा से जुड़े थे । इनकी पत्नी भी इसी संस्थान में हैं । वो भी लंबी छुट्टी पर हैं । शायद देहरादून एकमात्र ऐसा संस्करण होगा, जहाँ लोग आए कम, गए ज्यादा । अभी कुछ और के जाने की चर्चा है जिसकी जानकारी जल्द ही सामने आएगी । 

एक कहावत है कि जब जहाज डूबने को होता है तो सबसे पहले चूहे भागते हैं ‘ लेकिन यहाँ जिसको मौका मिल रहा है, वही भाग रहा है। हाल ही में लखनऊ यूनिट से भूतपूर्व यूनिट राजेंद्र द्विवेदी खूंटा तोड़ाकर भाग गए। वो तो वो गए अपने साथ कलाम खान को ले गए । इनके पहले इसी संस्करण से रेखा सिन्हा और रामेन्द्र सिंह सहारा को बाय बाय कर गए । 

आज स्थिति यह है कि चिरौरी करने पर भी लोग सहारा में नहीं आ रहे है। आने की छोड़िये टका सा जवाब दे रहे हैं कि डूबते जहाज पर कौन सवार होगा । इनकी बात में दम है, सहारा अगर डूबता जहाज न होता तो सहारा की उंगली पकड़ कर पत्रकारिता शुरू करने वाले स्वतंत्र मिश्रा और उपेन्द्र राय सहारा को मझधार में छोड़कर क्यों जाते ?

एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित

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सुशांत सिंह, हृदयेश जोशी, सुशील बहुगुणा, मीनाक्षी राणा, सुनील तिवारी समेत कइयों को देहरादून में सम्मानित किया गया

देहरादून में ओएनजीसी के एएमएन घोष ऑडिटोरियम में तृतीय यूथ आइकॉन नेशनल मीडिया अवॉर्ड का आयोजन किया गया. इसमें कई कलाकारों, स्तंभकारों, समाज सेवियों व विशेषकर उत्तराखंड आपदा ग्रस्त जनपदों में खासा योगदान देने वाले अधिकारियों व पत्रकारों को सम्मानित किया. इस मौके पर मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि ऐसे आयोजन से देश-दुनिया में उत्तराखंड के नाम एक और उपलब्धि जुड़ गई है. वरिष्ठ पत्रकार राम कृपाल सिंह ने कहा कि पत्रकारों के सम्मान के लिए अभी तक इस तरह के आयोजन दिल्ली, मुंबई जैसे शहरों में हुआ करते थे, लेकिन पर्वतीय राज्य में भी शानदार पहल हुई है.

इस दौरान वन मंत्री दिनेश अग्रवाल, पर्यटन मंत्री दिनेश धनै के अलावा यूथ अवॉर्ड के अध्यक्ष डा. महेश कुडि़याल, निर्णायक मंडल के वरिष्ठ सदस्य डा. आर के जैन सहित कई गणमान्य मौजूद रहे. इससे पहले यूथ आइकॉन अवॉर्ड के संस्थापक निदेशक शशि भूषण मैठाणी ‘पारस’ ने अपने स्वागत भाषण में संस्था के उद्देश्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी. कहा कि उनका उद्देश्य इस आयोजन के जरिए युवाओं को जागरुक व जिम्मेदार बनाना है. संचालन मिस्टर इंडिया व‌र्ल्ड वाइड एवं शुभांकू भट्ट व ज्योतिका लाल ने किया.

सम्मान पाने वालों में कला कौशल से समाज के सम्मुख आपराधिक मानसिकता की नई व्याख्या देने वालों में एंकर सुशांत सिंह, उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए हृदयेश जोशी, विशेष पत्रकारिता सम्मान के लिए सुशील बहुगुणा, युवा लेखिका के तौर पर डा. मीनाक्षी राणा, नवोदित स्तंभकार के तौर पर सुनील तिवारी, क्षेत्रीय भाषा संरक्षण के लिए मोहिनी ध्यानी पटनी, उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान के लिए दिनेश बड़थ्वाल, चिकित्सा सेवा के लिए डा. अजीत गैरोला, डा. सुमिता प्रभाकर, उत्कृष्ट लोक सेवा के लिए आईएएस दिलीप जावलकर, आईपीएस जीएस मार्तोलिया, वरिंदर जीत सिंह, कलात्मक व्यवसाय के लिए चंद्र शेखर मेहरवाल, अदम्य साहस के लिए वृज मोहन सिंह बिष्ट, योगेंद्र राणा, कम्यूटर साइंस के लिए हिमांशु चावला, अभिलाश सेमवाल, विज्ञान अनुसंधान के लिए विजय सिंह, नृत्य शैली के लिए डा. प्रियंका सिंह, सहित्य के लिए प्रेम चंद सकलानी, छोटी उम्र में ख्याति पाने वाली मनस्विनी पंत, बेस्ट लिटिल डायमंड मास्टर पार्थ रतूड़ी शामिल रहे. वहीं पत्रकारिता के लिए अजय कुमार, दिनेश मानसेरा, अमिताभ श्रीवास्तव, अवनीश प्रेमी, कैमरामैन मुकेश राजपूत, संदीप गुसांई, सोनू सिंह, मयंक राय, दिलीप सिंह बिष्ट, आफताब अजमत, केदार दत्त आदि शामिल रहे. केदारनाथ त्रासदी के एक वर्ष पूरे होने पर बेहतरीन कवरेज के लिए आई नेक्स्ट देहरादून को भी उत्कृष्ट पत्रकारिता सम्मान से नवाजा गया है. कहा गया है कि आई नेक्स्ट ने अपनी बरसी की कवरेज पर सटीक व तथ्यपरक खबरें पाठकों तक पहुंचाई.

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उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में तृतीय उत्तराखंड यूथ आईकॉन नेशनल मीडिया अवार्ड सेरेमनी का आयोजन रविवार को किया गया। सेरेमनी में विभिन्न क्षेत्रों की 72 शख्सियतों को उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। गत वर्ष जून में आई आपदा में बेहतरीन काम करने वाले पत्रकारों और अधिकारियों को भी सम्मानित किया गया। हिमाचल के बस कंडक्टर की आईपीएस बेटी शालिनी अग्निहोत्री और एसिड अटैक पीड़िता लक्ष्मी का सम्मान भी खास आकर्षण का केंद्र रहा। दोनों ही बेटियां अपनी-अपनी वजह से अलग पहचान रखती हैं। खुद सीएम हरीश रावत ने भी दोनों बेटियों के योगदान को सराहा। इन्हें मिला सम्मान….

सुशील बहुगुणा: विशेष पत्रकारिता सम्मान
हृदयेश जोशी: लेखन के क्षेत्र में सृजन सम्मान
हृदयेश जोशी: एनडीटीवी
अजय कुमार: न्यूज नेशन
डॉ. मीनाक्षी राणा: युवा लेखिका
देवेंद्र रावत: दैनिक जागरण
पूरण भिलंगवाल: हिंदुस्तान
सुरेंद्र रावत: समाचार प्लस
मोहित डिमरी: राष्ट्रीय सहारा
बद्री नौटियाल: हिन्दुस्तान
संतोष भट्ट: हिन्दुस्तान
शाल सिंह दत्ताल: पत्रकार धारचुला
कृष्णा गर्बियाल: पत्रकार पिथौरागढ
दिनेश मानसेरा: एनडीटीवी नैनीताल
सुशांत सिंह: सावधान इंडिया क्राइम शो के एंकर
अमिताभ श्रीवास्तव: वरिष्ठ पत्रकार
सुनील तिवारी: सर्वश्रेष्ठ नवोदित स्तंभकार
रिजुल अल्पना बख्शी: गायन
डॉ. स्वाती रॉय: चिकित्सक
डॉ. साक्षी नरूला: चिकित्सक
डॉ. प्रियंका सिंह: चिकित्सक
रविंद्र धनकड़: प्रकाशन जगत
लक्ष्मी: एसिड अटैक की पीड़ित
मोहिनी ध्यानी पटनी: क्षेत्रीय भाषा संरक्षण एवं संवर्धन
त्विसा संधू: अभिनय
अवनीश प्रेमी: सहारा समय
मुकेश राजपूत: सहारा समय
आई नेक्स्ट: समाचार पत्र
दिलीप बिष्ट: आई नेक्स्ट
मयंक राय: समाचार प्लस
नेटवर्क 10: न्यूज चैनल
संदीप गुंसाई: साधना न्यूज चैनल
पर्वत जन: पत्रिका
देहरादून टाइम्स: समाचार पत्र
सोनू सिंह: जी न्यूज
राहुल शेखावत: समाचार प्लस
डॉ. सुमिता प्रभाकर: चिकित्सा
प्रेम चंद्र सकलानी: साहित्यकार
आत्म प्रकाश डिमरी: राजकीय शिक्षक
दिनेश बड़थ्वाल: उप प्रधानाचार्य, दून इंटरनेशनल स्कूल
जय प्रकाश पंवार: रचनात्मक कार्य
डॉ. अजीत गैरोला: चिकित्सा
तुषार कुमार: समाज सेवा
सिनमिट कम्यूनिकेशन: सृजनात्मक कार्य
कैप्टन भूपेंद्र: अदम्य साहस
वृज मोहन सिंह बिष्ट: अदम्य साहस
योगेन्द्र राणा: अदम्य साहस
दिलीप जावलकर: उत्कृष्ट लोक सेवा
जीएस मर्तोलिया: उत्कृष्ठ लोक सेवा
वरिंदर जीत सिंह: उत्कृष्ठ लोक सेवा
चन्द्र शेखर मेहरवाल: सृजन सम्मान
हिमांशु चावला: विज्ञान अनुसंधान सम्मान
विजय सिंह: विज्ञान अनुसंधान सम्मान
अभिलाष सेमवाल: विज्ञान अनुसंधान सम्मान
अजय कुमार: समाज सेवा
नवज्योत कौर: न्यूज एंकर, आईबीएन 7
केदार दत्त: दैनिक जागरण
प्रशांत रॉय: ईटीवी
मास्टर पार्थ रतूड़ी: नृत्य
मनस्विनी पन्त: नृत्य

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