जयपुर से प्रसारित A1TV की हालत खस्ता, सेलरी के लिए तरस रहे कर्मी

अनिल लोढ़ा को गरीब पत्रकारों की हाय…. जयपुर से प्रसारित A1TV की हालत कई दिनों से खस्ता है। हाल ये है कि चैनल के शुरुआती दौर में जुड़ी मजबूत टीम के लोग एक-एक करके यहां से छोड़कर चले गए हैं। ऐसा इसलिए कि बङे-बङे दावे करने वाला चैनल प्रबंधन कर्मचारियों की तनख्वाह देने में फेल साबित हो रहा है। हाल ये है कि कर्मचारियों को चार-चार महीने में सैलरी मिल रही है। ऐसे में कर्मचारियों ने पहले तो चैनल के मालिक और संपादक अनिल लोढ़ा को हालात सुधारने के लिए कहा, लेकिन जब अनिल लोढ़ा ने आर्थिक तंगी का रोना रोकर हाथ खड़े कर दिए तो आउटपुट और वीडियो एडिटिंग से करीब 25 लोग नौकरी छोड़कर चले गए। 

बड़ी बात ये है कि चैनल के मालिक अनिल लोढ़ा ने इनमें से ज्यादातर लोगों को ना तो 2-2 महीने की सैलरी दी, और ना ही कोई अपाइंटमेंट लैटर और ना रीलीविंग लैटर दिया। ये 25 से ज्यादा कर्मचारी अपनी बकाया सैलरी को लेकर अनिल लोढ़ा से तगादा करते हैं। लेकिन अनिल लोढ़ा ना तो फोन उठाता है और ना ही दफ्तर में मौजूद मिलता है। सुनने में आ रहा है कि अपनी बकाया सैलरी लेने के लिए इनमें से कुछ कर्मचारियों ने अदालत की शरण लेने की तैयारी कर ली है। वहीं मीडिया जगत में पत्रकारों को इस हकीकत का पता लगने पर कोई भी A1TV ज्वॉइन करने को तैयार नहीं है।

फिलहाल A1TV में डेस्क पर 4 ही लोग बचे हैं और वो भी इन हालातों में कहीं दूसरी जगह नौकरी तलाश कर रहे हैं। बाज़ार में ऐसी चर्चा है कि एवन टीवी के मालिक अनिल लोढ़ा का खुद का  एक चैनल लाने का सपना था। ऐसे में लोढ़ा ने प्रोपर्टी ङीलर, आइसक्रीम बेचने वाले और कई व्यापारियों को मीडिया के प्रभाव बताकर मोटी रकम चैनल में इनवेस्ट करा ली। लेकिन एक साल पूरा होने के बाद भी जब बाजार के बनियों को मुनाफा नहीं मिला तो वे भी अनिल लोढ़ा को ढूंढने में लगे हैं। चर्चाएं है कि एवन टीवी और अनिल लोढ़ा को डुबोने में कुछ उसके ही खास लोगों का हाथ रहा है। एवन  टीवी की हालत खस्ता करने में इन लोगों के साथ-साथ अनिल लोढ़ा के भाई और पार्टनर प्रदीप लोढ़ा का पूरा हाथ रहा है। खैर लोढ़ा बंधुओं ने जो कुछ भी कर्म किए उसका नुकसान पत्रकारों को उठाना पड़ रहा है। मेहनत करने वाले पत्रकार अपनी मेहनत की कमाई लेने के लिए रोज अनिल लोढ़ा को तलाशते हैं, लेकिन पिछले  8-9 महीनों से अनिल लोढ़ा ना जाने कहां भूमिगत हो गया। वहीं कुछ पत्रकार तो अब ये भी कहने लगे हैं कि लोढ़ा जी गरीबों की हाय बहुत बुरी होती है।

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