फ़्यूचर रिटेल पर क़ब्ज़े की जंग : रिलायंस ने ऐसा कांड किया कि अमेजन जैसी घाघ कंपनी को चक्कर आ गया!

सुभाष सिंह सुमन-

रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध चल रहा है, यही खबरों में भी चल रहा है। इन सब के बीच में एक और बड़ी लड़ाई लगभग निपट गई। भारत का रिटेल मार्केट करीब 20 साल से जंग का मैदान बना हुआ है। कभी वॉलमार्ट ने इसके लिए तगड़ी लॉबिंग की और उसने करोड़ों डॉलर सिर्फ घूस खिलाने में खर्च कर दिए। लंबे इंतजार के बाद फ्लिपकार्ट खरीद कर एंट्री हो पाई।

इतना बड़ा मार्केट कोई भी कैसे छोड़ना चाहेगा? तो इस रेस में मुकेश अंबानी, जेफ बेजोस और यहां तक कि टाटा भी दौड़ रहे हैं। रिलायंस और अमेजन दौड़ में फिलहाल आगे हैं। बिग बाजार चलाने वाली फ्यूचर रिटेल इस सेक्टर में बड़ी प्लेयर है। कारणों में नहीं जाएंगे, बस कुछ चीजें हुईं और फ्यूचर के सामने बिकने की नौबत आ गई। यह एक ऐसा स्टेक कि जिसने कब्जा लिया, रेस में मीलों आगे निकल जाएगा। इसे हथियाने के लिए अमेजन और रिलायंस 2 साल से तिकड़म भिड़ा रही हैं। अभी भी मुकदमेबाजियों का कोई हल नहीं निकला है।

रिलायंस ने इन सब के बीच अलग ही कांड कर दिया। लीज& सीज का इतना जबरदस्त इस्तेमाल हुआ कि अमेजन जैसी घाघ कंपनी को समझने में समय लग गया, और जब समझ आया तब हथियार डाल देने के अलावा कोई ऑप्शन नहीं बचा था।

खेल कुछ इस तरह का है कि रिलायंस और फ्यूचर की डील पर कोर्ट ने जब रोक लगा दी, तब रिलायंस ने फ्यूचर को कर्जा दिया…स्टोर चलाने के लिए। इसके बाद रिलायंस ने चुपके से फ्यूचर के साथ एक डील की और कर्जे के बदले बिग बाजार के सारे स्टोर की मालिक बन गई। तब सारे स्टोर का मालिकाना हक रिलायंस के पास भले ही चला गया, लेकिन इसकी भनक लोगों को नहीं लग पाई, कारण कि अब ये स्टोर भले ही नए मालिक के हो गए थे, पर इन्हें ऑपरेट पुराने मालिक यानी फ्यूचर के द्वारा ही किया जा रहा था।

रिलायंस ने सारे स्टोर फ्यूचर को लीज पर दिया था। पिछले सप्ताह अचानक रिलायंस ने सारे स्टोर को कब्जाना शुरू किया। वजह बताई गई कि फ्यूचर किराया नहीं दे पा रही।

बाकी का काम रायटर्स की एक ब्रेकिंग स्टोरी से हो गया। रायटर्स ने स्टोरी में बताया कि अमेजन कोर्ट जाने की तैयारी में है, रिलायंस के इस एक्शन के खिलाफ। स्टोरी ब्रेक हुई और तत्काल रिलायंस के वकील सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए। ये सारा कुछ इतनी तेजी से हुआ कि लोगों को समझने में समय लग गया। अब सारे मुकदमे अमेजन जीत भी जाए तो उसे पैसा मिल सकता है, बिग बाजार नहीं।

इस पूरी डील में लड़ाई पैसे की थी ही नहीं, बिग बाजार के इंफ्रा की थी जो अब रिलायंस के पास है। अमेजन को जो पैसे मिलेंगे भी, उससे ज्यादा कंपनी कोर्ट-कचहरी में खर्च कर चुकी होगी। रिलायंस के वकील हरीश साल्वे हैं तो अमेजन के वकील भी भारी-भरकम फीस वाले गोपाल सुब्रमण्यम हैं। यह पूरा प्रकरण बिजनेस में रुचि रखने वालों के लिए शानदार केस स्टडी है।

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