अवकाश याचिका : हाई कोर्ट ने कहा, निर्देश प्राप्त करें, कल फिर सुनवाई

आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर और सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर द्वारा पिछले कुछ सालों से उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ‘छुट्टियों की राजनीति’ के सम्बन्ध में दायर याचिका में इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने राज्य और केंद्र सरकार के अधिवक्ताओं से निर्देश प्राप्त कर सूचित करने को कहा है.

याची के अधिवक्ता ने केंद्र सरकार को भी प्रतिवादी बनाने और राज्य सरकार द्वारा छुट्टी घोषित करने के अधिकार को चुनौती देने की अतिरिक्त प्रार्थना शामिल करने का अनुरोध किया जबकि अपर महाधिवक्ता बुलबुल गोदियाल ने याचिका की पोषणीयता पर सवाल उठाये कि श्री ठाकुर बिना सरकार की अनुमति के पीआईएल नहीं कर सकते हैं. जस्टिस एस एन शुक्ला और जस्टिस ऋतुराज अवस्थी की बेंच ने याची की मांग को स्वीकार करते हुए कल फिर सुनवाई की तिथि निर्धारित की.  

याचिका  के अनुसार राज्य सरकार नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 25 में ‘सार्वजनिक अवकाश’ घोषित करता है पर पिछले कुछ सालों से उत्तर प्रदेश में पूरी तरह राजनैतिक कारणों से मनमाने तरीके से छुट्टियां घोषित की जा रही हैं. अतः जहां पिछली मायावती सरकार ने कांशीराम के जन्म और पुण्य तिथि पर अवकाश घोषित किया था, मौजूदा अखिलेश सरकार ने उसकी जगह चंद्रशेखर, कर्पूरी ठाकुर और चरण सिंह के जन्मदिवस पर छुट्टी घोषित किया.

याचिका के अनुसार इस प्रकार मनमाने तरीके से छुट्टियों की घोषणा से सरकारी काम बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं और उन पर तत्काल नियंत्रण की जरुरत है. अतः उन्होंने एक निश्चित “सार्वजनिक अवकाश” नीति बनाने और इस प्रकार जाति और धर्म के आधार पर राजनैतिक कारणों से छुट्टी घोषित करने के काम पर विराम लगाने की प्रार्थना की है.

समाचार अंग्रेजी में पढ़ें –

Holiday Petition: HC directs to seek instruction, hearing tom’row

In the Petition filed by IPS officer Amitabh Thakur and social activist Dr Nutan Thakur as regards the ‘holiday politics’ being played by the Uttar Pradesh government for the last few years, the Lucknow bench of Allahabad High Court directed the Government counsels to seek instructions from the Central and State government.

Petitioners’ counsel Asok Pande sought making Government of India an opposite party in the petition and including an additional prayer challenging the right of State governments to declare public holidays while Additional Advocate General Bulbul Godiyal questioned the maintainability of the petition saying Sri Thakur cannot file PILs without State government’s permission.

The bench consisting of Justice S N Shukla and Justice Rituraj Awasthi permitted addition of opposite party and including additional prayer and fixed tomorrow as the next date of hearing.

The petition says that the State government declares ‘public holidays’ under section 25 of Negotiable Instruments Act but for the last few years such holidays are being declared in a completely arbitrary manner solely for political considerations. Thus the previous Mayawati government declared public holiday on birth and death anniversary of Kansi Ram which was changed by Akhilesh Yadav government to birth anniversaries of Chandrashekhar, Karpuri Thakur and Charan Singh.

The petition says that these arbitrary declarations of holidays are badly affecting governance and hence need to be regulated immediately. Hence they have prayed for framing of a definite holiday policy and end the practice of declaring public holidays in name of political reasons, solely on caste or religious considerations.

सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर संपर्क : 94155-34525

भड़ास की खबरें व्हाट्सअप पर पाएं
  • भड़ास तक कोई भी खबर पहुंचाने के लिए इस मेल का इस्तेमाल करें- bhadas4media@gmail.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *