उत्तराखंड की सियासत में अंकिता भंडारी अब सिर्फ एक मर्डर केस नहीं, बल्कि बीजेपी के लिए नैतिकता, सत्ता और जवाबदेही की अग्निपरीक्षा बन चुका है। जिस केस को सत्ता ने बुलडोज़र से मिटाने की कोशिश की, वही आज बीजेपी के दरवाज़े पर सवाल बनकर खड़ा है। VVIP एंगल, जांच एजेंसियों की चुप्पी और अब सत्ताधारी दल से जुड़े नामों की गूंज—अंकिता की हत्या ने बीजेपी के ‘सुशासन’ और ‘बेटी बचाओ’ के नारों को कटघरे में ला खड़ा किया है।
सवाल साफ है—क्या उत्तराखंड की राजनीति इस बार सत्ता से ज़्यादा सच के बोझ तले दबेगी? नीचे पढ़ें कुछ टिप्पणियां….
यशवंत सिंह-
अंकिता भंडारी मुद्दा उत्तराखंड में बीजेपी पर बहुत भारी पड़ने वाला है। हिंदू मुस्लिम मंदिर मस्जिद मजार के मुद्दे भी काम नहीं आने वाले। वीआईपी का नाम मालूम हो जाने के बाद पहाड़ के लोग अब उस पर कार्रवाई चाहते हैं। लेकिन धामी सरकार इन्हें बचाने में लगी हुई है।
महिलायें फिर मैदान में हैं। पुरुषों की गैरत को ललकार रही हैं। धामी को चैलेंज दे रही हैं। लेकिन बीजेपी और सरकार के खेमे में सन्नाटा छाया हुआ है। दो टके के ट्रोलर्स के ज़रिए न्याय की डिजिटल आवाज़ों को खामोश करने की कोशिश की जा रही है। लेकिन अंकिता भंडारी के लिए असली न्याय मांगने वालों का कारवां बढ़ता ही जा रहा है।
आने दीजिए चुनाव, सूपड़ा साफ़ हो जाएगा बीजेपी का, अगर वीआईपी के ख़िलाफ़ समुचित एक्शन नहीं हुआ तो! अंकिता भंडारी का प्रकरण पहाड़ के लिए मान सम्मान और भावनात्मक मुद्दा है। इसे भूलेगा नहीं पहाड़। धामी सरकार का नाम काले अक्षरों में लिखा जाएगा, असली वीआईपी हत्यारों को प्रोटेक्ट करने की वजह से!
अजीत सिंह राठी-
हैरतअंगेज़ खुलासे के बाद अंकिता भंडारी हत्याकांड में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट जिस महिला उर्मिला सनावर के वजूद को शून्य बता रहे थे, उस महिला ने भट्ट के वजूद को चुनौती दे डाली। भट्ट ने कहा था कि कांग्रेस उस महिला के बयान पर राजनीति कर रही है, जिसका अपना कोई वजूद नहीं है।
और इस फ़ोटो में देखिए, बगैर वजूद वाली ये महिला भट्ट जी के साथ है। मामला तूल पकड़ रह है भट्ट जी, जरा बचके। आज की शाम सुख शांति से ढल जाय तो बेहतर होगा।


उत्तराखंड – पूर्व BJP विधायक सुरेश राठौर और उनकी कथित दूसरी पत्नी उर्मिला पर देहरादून में FIR दर्ज! अंकिता भंडारी मर्डर केस से जुड़ी बातचीत (ऑडियो) में BJP के राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत कुमार गौतम और पूर्व जिला पंचायत सदस्य आरती गौड़ का नाम लिया था। आरती गौड़ ने FIR कराई है। पूरा विवाद पढ़ने के लिए नीचे का पोस्ट पढ़ सकते हैं- सचिन गुप्ता, पत्रकार
भूपी पंवार-
उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े कथित ऑडियो और वीडियो वायरल होने के बाद सियासत गरमा गई है, जिसमें पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर और खुद को उनकी पत्नी बताने वाली अभिनेत्री उर्मिला सनावर के बीच बातचीत में भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम का नाम उभरने से कांग्रेस ने जांच और कार्रवाई की मांग करते हुए धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
इस मामले में हरिद्वार के बहादराबाद थाने में शिरोमणि गुरु रविदास विश्व महापीठ के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार की शिकायत पर सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है, जिसमें आरोप लगाया गया कि दोनों द्वारा दुष्यंत कुमार गौतम की छवि धूमिल करने के लिए सोशल मीडिया पर भ्रामक और झूठी सामग्री प्रसारित की जा रही है, जो पुरानी रंजिश और वर्चस्व की लड़ाई का हिस्सा है तथा इससे रविदासी समाज की भावनाएं आहत हुई हैं।
जयदीप सिंह-
पहली नौकरी भी एक महीने पूरी नहीं हुई थी चरित्र-अस्मिता बचाने के लिए जान देनी पड़ी। और ये साले हैवानों पर कार्रवाई छोड़कर रटी-रटाई लैंड जिहाद की पोस्ट चिपका रहा हैं। शर्म नहीं आती? क्या प्रदेश बेटियों की सुरक्षा से बड़ा कोई एजेंडा है?
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