नीरेंद्र नागर-
पाकिस्तान के सेनाध्यक्ष अमेरिका और ईरान में शांति समझौता कराने में लगे हुए हैं और इस कारण उनका नाम ख़बरों में अधिक आ रहा है लेकिन यह नाम हिंदी मीडिया में तीन तरह से लिखा जा रहा है – आसिम, असीम और असिम।
कारण यह कि अंग्रेज़ी में उनका नाम Asim Munir है जिससे पता नहीं चलता कि इसमें A का उच्चारण ‘अ’ है या ‘आ’। इसी तरह i का उच्चारण भी ‘इ’ और ‘ई’ दोनों होता है। यही कारण है कि कोई उनका नाम आसिम लिख रहा है, कोई असीम और कोई असिम।
ऐसा नहीं है कि नाम का यह अंतर केवल अलग-अलग संस्थानों में है। एक ही संस्थान नवभारत टाइम्स का प्रिंट संस्करण आसिम लिख रहा है तो ऑनलाइन संस्करण असीम। इसी तरह अमर उजाला की एक ख़बर में हेडलाइन में मुझे आसिम मिला तो मैटर में असीम। जागरण की एक ख़बर ने तो कमाल ही कर दिया लेकिन उसके बारे में अंत में। पहले यह जान लें कि कौन क्या लिख रहा है।
आसिम – बीबीसी, दैनिक भास्कर, नवभारत टाइम्स प्रिंट, NDTV हिंदी, ABP News, आजतक, India.com, अमर उजाला
असीम – नवभारत टाइम्स ऑनलाइन, पत्रिका न्यूज़, अमर उजाला, न्यूज़18, इंडिया टीवी
असिम – News24
ऊपर की सूची से आपने जान लिया होगा कि अधिकतर वेबसाइटें उनका नाम आसिम लिख रही हैं। कुछ साइटें असीम लिख रही हैं और केवल एक साइट असिम।
सही है आसिम। उर्दू में आसिम का मतलब है रक्षक। सेनाध्यक्ष के तौर पर यह नाम उनको सूट करता है।
लेकिन आसिम का उर्दू में एक और भी मतलब है। वह है पापी। लेकिन वह आसिम अलग तरह से लिखा जाता है।
जैसे अंग्रेज़ी में ‘स’ के लिए दो लेटर है – C और S। इसी के चलते Cell और Sell का एक ही उच्चारण हो सकता है लेकिन उनकी स्पेलिंग अलग हैं और मतलब भी अलग। उसी तरह उर्दू में भी कई ध्वनियाँ अलग-अलग तरह से लिखी जा सकती हैं।
भिन्न-भिन्न मतलब वाले इन दो आसिमों में भी ‘अ’ और ‘स’ के लिए अलग-अलग लेटर हैं।
आसिम मुनीर वाला आसिम (जिसका मतलब है रक्षक), वह ऐन (अ), साद (स) और मीम (म) की मदद से लिखा जाता है। स्पेलिंग है – عاصم।
उधर पापी या गुनहगार के अर्थ वाला आसिम अलिफ़ (अ), से (स) और मीम (म) के सहारे लिखा जाता है। इस तरह آثم।
हिंदी और अंग्रेज़ी में यह नाम एक ही तरह से लिखा जाएगा लेकिन उर्दू में न केवल इसकी स्पेलिंग अलग है बल्कि उच्चारण भी थोड़ा अलग है क्योंकि ऐन के ‘अ’ और अलिफ़ वाले ‘अ’ का उच्चारण भिन्न है। ऐन गले के मध्य वाले हिस्से से बोला जाता है जबकि अलिफ़ गले के निचले हिस्से से बोला जाता है।
हिंदी का ‘अ’ अलिफ़ के ‘अ’ जैसा है।
अब जागरण की ख़बर की बात। जागरण ने 4 दिसंबर 2025 की एक ख़बर में हेडिंग लगाई है – मुनीर को मिली असिम पावर, झुक ही गई शहबाज सरकार।
निश्चित ही जिन महोदय या महोदया ने शीर्षक लगाया, उनको लग रहा होगा कि यह एक कमाल का शीर्षक होगा। सेनाध्यक्ष के पहले नाम की स्पेलिंग के आधार पर असीमित के अर्थ में ‘असिम’ का प्रयोग शाब्दिक चमत्कार पैदा करेगा। लेकिन उनको शायद यह नहीं मालूम कि ‘असिम’ जैसा शब्द न उर्दू में है, न हिंदी में। असीमित के अर्थ में हिंदी में जो शब्द है, उसकी स्पेलिंग ‘असीम’ है, ‘असिम’ नहीं है। शीर्षक होना चाहिए था – मुनीर को मिली ‘असीम’ पावर…
वैसे पावर भी पुल्लिंग है लेकिन अंग्रेज़ी शब्दों के लिंग निर्धारण की कोई सर्वसम्मत नीति नहीं है, इसलिए इसे इग्नोर किया जा सकता है। परंतु ‘असीम’ के लिए ‘असिम’ का प्रयोग तो सरासर ग़लत ही है।
‘आसिम और आसिम की स्पेलिंग के अंतर के बारे में मैंने ऊपर जो लिखा है, उसका पूरा श्रेय नवभारत टाइम्स ऑनलाइन के मेरे पूर्व सहकर्मी मोहम्मद सलाहुद्दीन को जाता है जिन्होंने इस संबंध में मेरे तमाम सवालों के जवाब दिए।
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