स्वामी अग्निवेश की पिटाई करने वाली भीड़ एक दिन नरेंद्र मोदी को भी पीट सकती है!

Priyabhanshu Ranjan धीरज धरिए। स्वामी अग्निवेश की पिटाई करने वाली भीड़ एक दिन नरेंद्र मोदी को भी पीट सकती है। भीड़ का कोई चेहरा नहीं होता! स्वामी अग्निवेश की पिटाई करने वाली भीड़ को गौर से देखिए – शशि थरूर के शब्दों वाला ‘हिन्दू पाकिस्तान’ नज़र आएगा!

Om Thanvi स्वामी अग्निवेश से भाजपा के युवा कार्यकर्ताओं ने झारखंड के संतालपरगना के पाकुड़ में मारपीट की। अस्सी वर्षीय जुझारु समाजसेवी को बीच सड़क गिराकर उन पर लात-घूँसे बरसाए गए। उनके गेरुआ वस्त्र फाड़ डाले, पगड़ी फेंक दी गई। भाजयुमो और एबीवीपी के कायर कार्यकर्ताओं ने अपने इस “पराक्रम” के बीच राम-नाम के नारे भी लगाए। कैसे लोग हैं कि शर्मनाक हरकतें करते हैं और उस पर इतराते हैं। गाय के नाम पर होने वाली हिंसा पर सुप्रीम कोर्ट ने आज क़ानून बनाने को कहा है। अच्छा किया। पर राम के नाम पर होने वाली हिंसा को क्यों बख़्श दिया? साँपनाथ को घेर लिया, नागनाथ को छोड़ दिया। कट्टर धारा में मारपीट की हिंसा के कई रंग हैं। हत्या चरम हिंसा है। पर सड़क पर आए दिन होने वाली सांप्रदायिक हिंसा को क़ाबू करने के लिए उसके ख़िलाफ़ भी अलग कड़ा क़ानून दरकार है।

Sanjaya Kumar Singh गोमांस के शक में अखलाक का मारा जाना राज्य सरकार का मुद्दा था। 50 दिन में सपनों का भारत मिलना था। विरोधियों की हत्या पर चुप रहना था। हत्या अभियुक्तों को जमानत मिलने पर माला पहनाना था। चुनाव पूर्व हिन्सा हो जाए तो कांग्रेस जिम्मेदार होगी कहना था। कांग्रेस मुसलिम पार्टी है जानना था। शशि थरूर के कार्यालय पर हुए तोड़फोड़ पर चुप रहना था। मुसलमान खतरे में है – कहने वालों को रोकना था। तो भाजपा शासन में गेरुआ वस्त्रधारी बुजुर्ग को पिटना ही था। बस समय कुछ ज्यादा लग गया।

वरिष्ठ पत्रकार ओम थानवी, संजय कुमार  सिंह और प्रियभांशु रंजन की एफबी वॉल से.


Attack on Swami Agnivesh is a deplorable and criminal act

The Socialist Party strongly condemns the recent attack on social activist Swami Agnivesh that took place in Pakur city of Jharkhand. The Socialist Party terms the act as criminal. It is clear from the reports that the attackers are persons belonging to the RSS/BJP. There is BJP government in Jharkhand. Therefore, the attackers might have thought that despite taking the law into their hands, nothing would happen to them.

The clarification given by the office bearers of Bharatiya Janata Yuva Morcha (BJYM) and Akhil Bharatiya Vidyarthi Parishad (ABVP) that they had merely organized resistance against Swami Agnivesh, cannot be accepted as right. If not them, then, who were the other people involved in the attack on Swami Agnivesh?

It is good that the Chief Minister Raghubar Das has ordered an inquiry and police administration has registered an FIR against accused, which includes 92 unnamed persons and 8 with names. The sections imposed on the accused include the attempt to murder. If the political leadership, police administration and judiciary mobilize prompt action on the incidents of mob violence and mob lynching, this fast spreading and dangerous trend could be controlled.

The Socialist Party urges the Jharkhand State government to take immediate action against those who made this murderous attack on Swami Agnivesh, and to punish the culprits under the law. Swami Agnivesh is a well known and respected citizen. The attack on him has not broken law and order but has also caused deep injury to the sentiments of his friends and followers. The party expresses support and concern towards him.

स्वामी अग्निवेश पर हमला निंदनीय और आपराधिक

सोशलिस्ट पार्टी सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश पर झारखण्ड के पाकुड़ शहर में कल हुए हमले की कड़ी निंदा करती है. पार्टी की नजर में यह आपराधिक कृत्य है. खबरों से यह साफ़ पता चलता है कि हमला करने वाले आरएसएस/भाजपा से जुड़े लोग हैं. झारखंड में भाजपा की सरकार है. ज़ाहिर है, हमला करने वालों को यह भरोसा रहा होगा कि कानून हाथ में लेने के बावजूद उनका कुछ नहीं बिगड़ पाएगा. भारतीय जनता युवा मोर्चा और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के पदाधिकारियों का यह कहना सही नहीं माना जा सकता कि उन्होंने स्वामी अग्निवेश के खिलाफ केवल प्रतिरोध का आयोजन किया था. अगर हमला उन्होंने नहीं किया तो फिर वे कौन लोग थे?

यह अच्छी बात है कि मुख्यमंत्री रघुबर दास ने घटना की जांच का आदेश दिया है और पुलिस प्रशासन ने 92 अनाम और 8 नाम सहित आरोपियों पर प्राथमिकी दर्ज की है. आरोपियों पर लगाई गई धाराओं में जानलेवा हमला भी शामिल है. अगर राजनैतिक नेतृत्व, पुलिस प्रशासन और न्यायपालिका भीड़ द्वारा की जाने वाली हिंसा और नागरिकों की हत्याओं पर त्वरित कार्रवाई करे तो तेज़ी से फ़ैल रही इस खतरनाक प्रवृत्ति पर काबू पाया जा सकता है.

सोशलिस्ट पार्टी झारखंड राज्य सरकार से मांग करती है कि स्वामी अग्निवेश पर जानलेवा हमला करने वाले लोगों पर त्वरित कार्रवाई करे और दोषियों को कानून के तहत सजा दिलवाए. स्वामी अग्निवेश एक चर्चित और सम्मानित नागरिक हैं. उन पर इस तरह सरेआम हमला कानून-व्यवस्था पर तो चोट है ही, इससे उनके मित्रों और समर्थकों की भावनाओं को भी चोट पहुंची है. सोशलिस्ट पार्टी उनके प्रति सहानुभूति और समर्थन व्यक्त करती है.

Dr. Abhijit Vaidya
Spokesperson
Socialist Party (India)

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