अयोध्या में दीये जलाने का रिकार्ड और दिल्ली में पटाखों पर प्रतिबंध

बगैर पटाखों की दीवाली पर अखबारों में कुछ खास नहीं

आज ज्यादातर अखबारों में फैजाबाद के अयोध्या बनने की खबर है। प्रस्तुति अलग है पर मूल सूचना यही है कि सरयू किनारे तीन लाख एक हजार 152 दीये जले और यह गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड है। इसके साथ यह भी खबर है कि राम के नाम पर एयरपोर्ट और दशरथ के नाम पर मेडिकल कॉलेज बनेगा। लेकिन दिल्ली में दीवाली पर पटाखे चलाने पर प्रतिबंध है यह खबर बड़ी होने के बावजूद ‘पुरानी’ हो गई है। नवभारत टाइम्स ने बिना पटाखों की दीवाली का सच खास डरावने अंदाज में बताया है। दीये जलाने की खबर यहां सबसे बड़ी और विस्तृत छपी है। फोटो के साथ चार कॉलम में लीड। कुल मिलाकर, अखबारों में बगैर पटाखों की दीवाली पर कुछ खास नहीं है। ना आगे के लिए शिक्षा ना पीछे की लापरवाहियों पर कोई टिप्पणी ना दीवाली पर पटाखे चलाने का रिवाज खत्म होने के दुख या चर्चा जैसा कुछ।

अंग्रेजी अखबारों में हिन्दुस्तान टाइम्स में पहले पन्ने पर अयोध्या-फैजाबाद-दीयों की खबर एक फोटो के साथ तीन कॉलम के बॉक्स में है। फोटो दीयों की नहीं, दक्षिण कोरिया की प्रथम महिला (राष्ट्रपति की पत्नी) किम जंग सूक और मुख्यमंत्री की है। अखबार ने अपने पहले पन्ने से पहले के अधपन्ने पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के हवाले से जरूर बताया है कि सही पटाखे चलाएं और सही पटाखे क्या हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया ने पहले पन्ने के अधपन्ने पर अयोध्या की खबर फोटो के साथ छापी है। पहले पन्ने पर दिल्ली के प्रदूषण की भी खबर है, शहर आराम से सांस ले रहा है पर दीवाली की रात फिर मुश्किल हो सकती है। इंडियन एक्सप्रेस में यह खबर, फैजाबाद अब अयोध्या, राम के नाम पर नया हवाई अड्डा शीर्षक खबर लीड है। पर्यावरण, प्रदूषण, पटाखों की खबर पेज एक पर नहीं है।

दैनिक हिन्दुस्तान ने इनसे सीखें के तहत बताया है कि दिल्ली से सटे फरीदाबाद की एक कॉलोनी में तीस साल से ग्रीन दिवाली मनाई जा रही है। अखबार ने लिखा है कि देश में कई जगहों पर पहले से बिना पटाखों के ग्रीन दीवाली मनाने की परंपरा है। अखबार ने यह खबर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के साथ छापी है जिनमें कहा गया है कि दीवाली के दिन सिर्फ दो घंटे पटाखे चलाए जाएं और उस दौरान भी सिर्फ ग्रीन पटाखे चलाए जाएं जिससे पर्यावरण को कम नुकसान हो। निर्देशों में सामूहिक रूप से पटाखे चलाने की संभावना तलाशने के लिए भी कहा गया है। हिन्दुस्तान में फैजाबाद – अयोध्या और दीये जलाने की खबर पहले पेज पर नहीं है। दैनिक भास्कर ने भी खबरों के पहले पेज पर फैजाबाद का नाम बदलने की खबर को प्रमुखता से छापा है। इसके साथ दीये जलाने की खबर और फोटो भी है।

नवोदय टाइम्स में फैजाबाद अब बनेगा अयोध्या चाल कॉलम में बॉटम है। असल में अखबार के पहले पेज पर पूरे चार कॉलम का विज्ञापन है। और पटाखों की खबर का शीर्षक है, “सदर बाजार में सन्नाटा, ग्रीन पटाखे नदारद, तो बजेगा क्या”। राजस्थान पत्रिका ने दीये जलाने का रिकार्ड गिनीज बुक में दर्ज होने की सूचना वाला फोटो और कैप्शन लगाया है। चार कॉलम की फोटो और पांच कॉलम के शीर्षक में यूपी के सीएम की घोषणा बताई गई है पर दिल्ली में प्रदूषण या पटाखों पर प्रतिबंध से संबंधित खबर नहीं है। अमर उजाला में भी दीपों से जगमगा उठी राम नगरी शीर्षक से फोटो टॉप पर है। बाकी खबरें भी हैं। औऱ चूंकि पहले पेज पर विज्ञापन है इसलिए बाकी खबरें अंदर के पन्नों पर हैं। अखबार ने दिल्ली में ट्रकों के प्रवेश पर लग सकती है रोक शीर्षक खबर को लीड बनाया है और सतर्क रहें के तहत बताया है कि दिवाली के बाद प्रदूषण बढ़ने की आशंका है।

वरिष्ठ पत्रकार और अनुवादक संजय कुमार सिंह की रिपोर्ट। संपर्क : anuvaad@hotmail.com

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