यूपी में जंगलराज : MBSC ग्रुप के बिल्डर को अपनी जमीन औने-पौने दाम में नहीं बेचने पर जान के लाले

अमिताभ ठाकुर


(आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर ने अपनी जनपक्षधरता और जनसक्रियता से उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग में एक क्रांति ला दी है. आमतौर पर यूपी पुलिस विभाग के अफसर सत्ता के दबाव और सत्ता के इशारे पर संचालित होते हैं. लेकिन अमिताभ ठाकुर किसी भी जेनुइन मामले को बिना भय उठाते हैं भले ही उससे सीधे सीधे सत्ता के आका लोग निशाने पर आते हों. ऐसे ही एक मामले में आज अमिताभ ठाकुर ने पीड़ित व्यक्ति को न्याय दिलाने के लिए मुहिम शुरू की. पढ़िए इस नए प्रकरण की कहानी उन्हीं की जुबानी.  -एडिटर, भड़ास4मीडिया)


आज मैंने एसएसपी, लखनऊ यशस्वी यादव से मुलाकात कर मिर्जापुर, थाना गोसाईंगंज में एमबीएससी ग्रुप के लोगों के आपराधिक कृत्यों तथा उस गांव के पोसलाल पुत्र परीदीन की जमीन को जबरदस्ती खरीदने के प्रयास के बारे में शिकायत दिया. एसएसपी ने एसओ गोसाईंगंज को तत्काल मामले में एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए. शिकायत के अनुसार एमबीएससी ग्रुप ने बीएससी होम्स नाम से लगभग 170 लोगों से बुकिंग के नाम पर करोड़ो रूपये ले भी लिए हैं जबकि अभी उसके पास न तो आवश्यक जमीन है और न ही उसका नक्शा एलडीए से स्वीकृत है.

इस कंपनी के चेयरमैन अखण्ड प्रताप सिंह, उनके भाई ग्रुप डायरेक्टर विष्णु सिंह ने अन्य लोगों के साथ दूसरों की जमीनों पर जबरिया बोर्ड लगा लिया है और गुंडई के बल पर गरीब लोगों की जमीन बहुत कम दाम में खरीदने की कोशिश कर रहे हैं. इन लोगों ने पोसलाल को अपनी 5 बीघा पुश्तैनी जमीन बहुत ही कम दाम में बेचने का दबाव डाला और मना करने पर 12 दिसंबर 2014 को उन्हें जबरन पकड़कर  रजिस्ट्री कराने मोहनलालगंज तहसील ले गये जहां से वे किसी तरह निकल पाए.

पुनः 16 दिसंबर को दिन के 12 बजे ये पोसलाल को गोंसाईगंज कस्बे से हथियारों के बल पर अगवा कर अर्जुनगंज में अखण्ड प्रताप सिंह के घर ले आये जहां उसे यातनायें दी गयी. जब बात फ़ैल गयी तो पुलिस हरकत में आई और वे अपने घर आ सके. रात में भी उनके घर के अन्दर और बाहर पहरा रहा जहां से वे मेरे मित्र अमेरिका में रहने वाले अजय मिश्रा की मदद से निकल सके. पोसलाल का आरोप है कि अहमामऊ चौकी के कुछ पुलिसवाले भी इसमें शामिल हैं. इन लोगों ने 17 दिसंबर को गोसाईगंज थाने में तहरीर दी पर कोई कार्यवाही नहीं हुई. आज हमने एसएसपी आवास जा कर एफआईआर दर्ज कराने और इनकी सुरक्षा करने के लिए प्रार्थनापत्र दिया है जिसपर उन्होंने तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिए हैं.

ये है एसएसपी लखनऊ को दिया गया प्रार्थनापत्र…

सेवा में,
एसएसपी,
लखनऊ

विषय- ग्राम मिर्जापुर, पो-अहमामऊ, थाना गोसाईंगंज,  लखनऊ में एमबीएससी ग्रुप और और उसके पदाधिकारियों द्वारा किये जा रहे भारी आपराधिक अनियमितता तथा श्री पोसलाल, पुत्र परीदीन, निवासी-ग्राम-मिर्जापुर के अपहरण, उनकी जमीन पर जबरदस्ती कब्जा करने और उन्हें जान-माल की धमकी देने के सम्बन्ध में एफआईआर दर्ज कर कठोर विधिक कार्यवाही किये जाने विषयक

महोदय,

निवेदन है कि मेरे एक मित्र श्री अजय मिश्रा पुत्र श्री आरके मिश्रा, निवासी-बी-2/52, जानकीपुरम्, सेक्टर-एफ, लखनऊ, जो आमतौर पर अमेरिका में रहते हैं और वर्तमान में अपने माता-पिता से मिलने लखनऊ आये हैं, ने कल दिनांक 01/01/2015 को श्री पोसलाल, पुत्र परीदीन, निवासी-ग्राम-मिर्जापुर, थाना गोसाईंगंज के साथ मुझसे मिलकर एक बहुत ही गंभीर प्रकरण के सम्बन्ध में बताया. श्री मिश्रा ने बताया कि एमबीएससी ग्रुप/बीएससी होम्स नामक एक कथित कंपनी के द्वारा ग्राम मिर्जापुर और उसके आस-पास के इलाके में भारी आपराधिक अनियमितता की जा रही है.

अभिलेखों के अनुसार इसका ग्रुप कॉर्पोरेट ऑफिस निकट निर्वाण प्रोजेक्ट ऑफिस, निर्वाण सिटी, सेक्टर 49-50, गुडगाँव 122002, हरियाणा तथा रीजनल ऑफिस ए–3/113, साईं वाटिका काम्प्लेक्स, विभूति खंड, गोमतीनगर, लखनऊ है. साथ ही टेलीफैक्स नंबर +91 124 4271405, कस्टमर केयर नंबर  +91 522 3199595, ईमेल info@mbscgroup.in, अन्य संपर्क नंबर 9336759595, 9336659595 हैं.

श्री मिश्रा ने बताया कि इस कंपनी के चेयरमैन श्री अखण्ड प्रताप सिंह, उनके भाई श्री विष्णु सिंह, ग्रुप डायरेक्टर, पुत्रगण श्री विमल सिंह तथा अन्य कई सारे लोग जैसे श्री राजन सिंह, राजन शुक्ला, कमलेश यादव, शिवनाम पुत्र राजाराम आदि द्वारा स्वयं को एक हाउसिंग कम्पनी बताते हुए ग्राम मिर्जापुर और आसपास में बिना कोई जमीन खरीदे ही दूसरों की जमीनों पर जबरिया हथियारों के बल पर कब्जा करके अपना बोर्ड जबरदस्ती लगाकर तमाम लोगों को प्लाट/मकान/फ्लैट देने के नाम पर खुले आम धांधली कर रहे हैं.

श्री मिश्रा के अनुसार इन लोगों ने बिना कोई जमीन अपने पास हुए ही दूसरे की जमीनों पर अपना बोर्ड लगा कर स्वयं को बिल्डर घोषित कर लोगों को फ्लैट/प्लाट आदि के लिए फंसाना शुरू कर दिया है. इसके लिए इन लोगों ने अपना एक वेबसाइट (www.mbscgroup.in) भी खोल रखा है. इसके अलावा इन्होंने पूरे शहर में बड़े बड़े चकाचैंध वाले बोर्ड लगा रखे हैं. इन्होंने कथित रूप से इस योजना की शुरूआत बताने के नाम पर होटल ताज में एक भारी भरकम पार्टी भी की. सारांशतः यह लोग हर प्रकार से लोगों को बरगला कर और लुभाकर बिना जमीन हुए ही उन्हें प्लाट/फ्लैट्स आदि बेच दे रहे हैं. बताया गया कि इन लोगों ने अपने काफी भव्य बुकलेट/पम्फलेट भी बना रखे हैं जिसमें अनगिनत फर्जी और झूठे तथ्य लिखे हुए हैं. इसमें खासकर बिना जमीन हुए जमीन का मालिक बताने के अलावा बिना लखनऊ विकास प्राधिकरण से नक्शा स्वीकृत कराये ही कई प्रकार के भविष्य में बनाये जाने वाले बिल्डिंगों के नक्शे भी लगाये गये हैं जबकि बिना एलडीए के नक्शा स्वीकृत हुए इन्हें यह अधिकार नहीं था कि वे इस प्रकार से बिल्डिंग के नक्शे दिखाकर लोगों को बरगलायें और बिना नक्शा और प्रोजेक्ट स्वीकृत हुए तमाम लोगों से बिल्डिंग/फ्लैट/प्लाट के लिये लोगों से बुकिंग लें.

श्री मिश्रा के अनुसार इन लोगों ने अब तक लगभग 170 लोगों से बुकिंग के नाम पर करोड़ो रूपये ले लिये हैं जिन्हें न मालूम कब कोई भी सम्पत्ति मिलेगी क्योंकि इन लोगों के पास न तो जमीन है और न ही एलडीए द्वारा उस पर निर्माण की स्वीकृति. 

उन्होंने बताया कि इन लोगों ने ग्राम मिर्जापुर में अनुसूचित जाति के तमाम गरीब लोगों की जमीनों पर हथियारों और दबंगई के बल पर भौतिक कब्जा कर अपनी कम्पनी का बोर्ड लगा दिया है और उस इलाके में अपने तमाम हथियार बंद लोगों को भी छोड़ रखा है जो जमीन के असली मालिक गरीब लोगों को डरा धमका कर रखते हैं और ये लोग इन्हीं बोर्डों और इन्ही जमीनों को गलत तरीके से अपना बताकर देश विदेश के लोगों को प्लाट/फ्लैट्स के नाम पर आये दिन ठग रहे हैं.

श्री मिश्रा के साथ आये श्री पोसलाल पुत्र श्री परिदीन, जो अनुसूचित जाति के हैं, पढ़े-लिखे तक नहीं हैं और देखने से ही अत्यंत ही निर्धन दिख जाते हैं, ने श्री अखंड प्रताप सिंह तथा अन्य व्यक्तियों द्वारा उनके साथ किये जा रहे आपराधिक कृत्यों का विस्तार से विवरण बताया. उन्होंने बताया कि उनके और उनके भाईयों की पुश्तैनी जमीन खसरा सं0-929, 939, 940 कुल रकबा 5 बीघा है. इस जमीन पर श्री अखण्ड प्रताप सिंह आदि द्वारा जबरन कब्जा करने तथा उसका बैनाम करने हेतु प्रार्थी व उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी जा रही है.

उन्होंने बताया कि यह जमीन समय के साथ सड़क पर आ जाने के कारण काफी महत्वपूर्ण हो गयी है लेकिन उनकी जमीन पर एमबीएससी ग्रुप्स/बीएससी होम्स वालों ने बिना उन लोगों की अनुमति लिये उनकी इच्छा के खिलाफ जबरिया बलपूर्वक अपना बोर्ड लगा लिया है. साथ ही श्री अखण्ड प्रताप सिंह, श्री विष्णु सिंह पुत्रगण श्री विमल सिंह तथा उनके साथी श्री कमलेश यादव (पुत्र श्री हरीप्रसाद), श्री शिवनाम (पुत्र श्री राजाराम), श्री राजन सिंह, श्री राजन शुक्ला समेत कुछ लोग उनसे लगातार यह जमीन बेचने का दबाव डालते रहे हैं. चूंकि एक तो इन लोगों की शोहरत अच्छी नहीं है और दूसरे इन लोगों ने बहुत ही कम पैसा देने की बात कही थी और श्री पोसलाल को यह भी भरोसा नहीं है कि जितना पैसा वे कह रहे हैं उतना भी यह देंगे या नहीं देंगे इसलिये उन्होंने लगातार इन्हें अपनी जमीन देने से मना किया है.

श्री पोसलाल के मना करने के बाद भी ये लोग लगातार दबाव डालते रहे हैं कि उन्हें जमीन बेच दें अथवा उनकी हत्या कर दी जायेगी.  कई बार लोग मेरे घर पर हथियार के साथ आयें हैं और उन्होंने इस प्रकार की धमकी दी है. अत्यंत कष्ट का विषय है कि श्री पोसलाल के अनुसार श्री अखंड प्रताप सिंह आदि के इन कार्यों में स्थानीय पुलिस चौकी और गोसाईंगंज थाने के कुछ लोग भी खुल कर उनका समर्थन और सहयोग कर रहे हैं जो न सिर्फ कई बार स्वयं इन हथियारबंद लोगों के साथ श्री पोसलाल को धमकी देने आये बल्कि श्री पोसलाल के बार-बार गुहार लगाने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं कर रहे हैं जिसमे पुलिस चौकी अहमामऊ के श्री तिवारी का नाम विशेष रूप से बताया गया है.

श्री पोसलाल के अनुसार दिनांक 12/12/ 2014 को उन्हें जबरन पकड़कर वे लोग हथियारबंद लोगों की सहायता से कचहरी, मोहनलालगंज ले गये और वहीं के वहीं बिना पैसा दिये बैनामा कराने के लिये दबाव डालने लगे किन्तु वे बड़ी मुश्किल से किसी तरह से वहां से भागने में सफल रहे. पुनः दिनांक 16/12/2014 को दिन के 12 बजे श्री अखण्ड प्रताप सिंह के लोगों ने श्री पोसलाल को गोंसाईगंज कस्बे से हथियारों के बल पर अगवा कर लिया और एक चार पहिया गाड़ी में डालकर श्री अखण्ड प्रताप सिंह के घर ले आये.  प्रार्थी को अर्जुनगंज में श्री अखण्ड प्रताप सिंह के घर ले जाकर यातनायें दी गयी और बैनामा करने हेतु बुरी तरह डराया धमकाया गया, उन्हें रात दस बजे तक बंधक बनाकर रखा गया. इसी बीच जब बात चारों ओर फ़ैल गयी तो पुलिस हरकत में आई और तब जाकर वे अपने घर आ सके.

श्री पोसलाल ने मुझे बताया कि घर पर भी रात्रि में चारों तरफ और घर के अंदर हथियारबंद लोगों का पहरा लगाया गया था और उन्हें यह कहा गया था कि सुबह होते ही वे जाकर तहसील में रजिस्ट्री कर दें, बैनामा न करने पर जान से मारने की धमकी दी गई. वे किसी तरह श्री मिश्रा की मदद से वहां से जान बचा कर भाग सके. उनकी बहन सुश्री गीता रावत और बहनोई श्री सुखदेव रावत को भी प्रताडि़त किया गया और धमकाया गया.

श्री पोसलाल इस घटना की शिकायत करने दिनांक 17/12/2014 को गोसाईगंज थाने गए. उन्होंने अपने प्रार्थनापत्र में पुलिसवालों की भूमिका का भी उल्लेख किया था जिसमे ख़ास कर श्री तिवारी का जिक्र था. थाना इंचार्ज श्री विनोद यादव ने पुलिस वालों का नाम काट कर दुबारा तहरीर लिखवाया और आवश्वासन दिया कि उनका एफआईआर दर्ज हो जाएगा पर फिर भी अब तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुआ है. आज स्थिति यह है कि श्री अखण्ड प्रताप सिंह को जमीन बेचने से मना करने के कारण न सिर्फ दो बार श्री पोसलाल को अगवा किया जा चुका है बल्कि इस समय भी उन्हें अपनी जान का भारी खतरा बना हुए है. वर्तमान में वे श्री अजय मिश्र के आवास पर अपनी स्वेच्छा से रह रहे हैं पर उन्हें भारी आशंका है कि जैसे ही वे गाँव आयेंगे उनकी हत्या कर दी जायेगी.

अतः आपसे अनुरोध है कि इस अत्यंत गंभीर प्रकरण में एफआईआर दर्ज करने तथा अगवा कर धमकी देने वाले लोगों के विरूद्ध कार्यवाही करने तथा श्री अजय मिश्रा और श्री पोसलाल के जान माल की सुरक्षा करने हेतु कठोर आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करें. 

पत्र संख्या-AT/Complaint/46                                                               
दिनांक- 02/01/2015
भवदीय,                                                                                                           
(अमिताभ ठाकुर)
5/426, विराम खंड,
गोमती नगर, लखनऊ
# 94155-34526
amitabhthakurlko@gmail.com

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