एक ही झटके में सर्कल वालों ने अपने संवाददाताओं को सड़क पर ला दिया

कोरोना काल और आर्थिक मंदी के दौर में सर्कल वालों ने एक ही झटके में अपने सभी जिलों के सिटी लीड और रिपोर्टर्स को सड़क पर ला दिया है।

शुरुआत में अच्छी सेलरी देने वाला सर्कल अब कंगाल हो चुका है और इसी कारण सर्कल के सीईओ शशांक शेखर ने सभी को व्हाट्सएप पर एक सूचना देते हुये सैलरी बंद करने का आदेश सुना दिया।

इससे नाराज होकर सभी संवाददाताओं ने सर्कल के खिलाफ बगावत शुरू कर दी है। सर्कल पर खबरें पोस्ट करना बंद कर दिया है जिससे सर्कल में हड़कंप मचा हुआ है।

बता दें कि शुरुआत में बड़े-बड़े सपने दिखाने वाला सर्कल अब पूरी तरह से कंगाल हो चुका है। इसकी खुद पुष्टि सर्कल एप के सीईओ शशांक शेखर ने की। उन्होंने एक सूचना जारी करते हुए सभी संवाददाताओं को बताया कि सर्कल ने अप्रैल माह तक का सभी को पेमेंट कर दिया है और वह मई माह से किसी को भी सेलरी नहीं देगा।

इस सूचना के बाद सर्कल एप में काम करने वाले सभी लोगों ने बगावत शुरू कर दी और सर्कल के ऑफिशियल ग्रुप पर कई तरह के कमेंट करने शुरू कर दिए।

कई लोगों ने यहां तक कि लिखा है कि वह सर्कल में फ्री में काम नहीं करना चाहते हैं तो कई लोग सर्कल को चोर तक की उपाधि दे डाली। इससे सर्कल में हड़कंप मचा हुआ है। 6 मई को उत्तर प्रदेश राजस्थान के कई जनपदों से खबरें भी पोस्ट नहीं की गई हैं। इसके बाद सर्कल के टीम मैनेजमेंट हंसराज की ओर से सभी सिटी लीड को व्यक्तिगत फोन कर काम करने के लिए आग्रह किया। साथ ही यह कहा है कि हालात में सुधार होने पर सभी लोगों को पेमेंट दिया जाएगा। तब तक वह सर्कल का साथ दें।

ऐसे में अब सवाल उठता है कि जब कंपनी ने एक बार हाथ खड़े कर दिए तो वह लोगों को कैसे पेमेंट करेगी।



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Comments on “एक ही झटके में सर्कल वालों ने अपने संवाददाताओं को सड़क पर ला दिया

  • आलोक सिंह says:

    सर्कल पैसे नही भी देगा तब भी हम सब सर्किल के साथ हैं
    बुरा दौर है ऐसे में साथी साथ नही छोड़ते
    अच्छा दौर भी आएगा

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    • प्रेमशंकर says:

      सही कहा बड़े भाई ,पेड़ लगा है तो किसी दिन आम भी आएंगे।हम लोग सर्कल टीम के हर फैसले के साथ है।

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    • शिवाकांत श्रीवास्तव says:

      तुम्हारे जैसे कुछ पत्रकार क्रांतिकारी बनने के चक्कर में खुद का तो बेड़ा गर्क कराते ही हैं अपने साथियों का भी करवाते हैं। धिक्कार है उस आदमी पर जौ अपनी मेहनत का पैसा ना मांग सके। फ्री में काम करना है तो नौकरी छोड़ दो भाई अपने साथ दूसरों की लंका लगा रहे हो। तुम लोगों की इसी दीन हीन सोच से मीडिया प्रबंधकों को तुम्हारी छीछालेदर करने का मौका मिलता है।

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      • रश्मि सिंह says:

        बिना सच्चाई जानें कुछ भी बोलना नहीं चाहिए, पत्रकारिता का पहला पाठ, अब आप पहले सर्कल को समझिए, आप को पता चलेगा वो कोई न्यूज चैनल या पोर्टल नहीं है, बल्कि एक सोशल प्लेटफॉर्म है, जिसने सभी पत्रकारों को उनके नाम सम्मान के साथ अन्य लाभ भी उपलब्ध कराया, जब पत्रकारिता सिर्फ टीवी वाले रूम में चल रही थी या कुछ गिने चुने लोग ये तय कर रहे थे क्या ख़बर पब्लिश होनी चाहिए क्या नहीं, उस समय reporter की ख़बर पर सारे अधिकार रिपोर्टर को देने का काम किया. संस्थान ने हमेशा अपने साथियो की सभी बात सुनी है और दिन रात उनके साथ रहा है, आज भी संस्थान पूर्ण रूप से सभी के साथ है,

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  • आमिर किरमानी, हरदोई-9415175786 says:

    निसंदेह सर्किल एक बेहतरीन ऐप था, है और रहेगा।पिछले 30 साल की पत्रकारिता में जो पहचान पहले हिंदुस्तान, सहारा समय और आज के दौर में सर्कल ने मुझे दी है, उसका एहसान मैं कभी उतार नहीं सकता और न ही उसे मैं कभी भुला नहीं सकता हूँ। मैं कोशिश करूंगा कि मैं निरंतर निर्बाध रूप से अपनी सेवाएं सर्कल यूजर और कंपनी को देता रहूंगा। वैसे भी पैसे के लिए मैंने कभी काम नहीं किया। पत्रकारिता मेरा पेशा नहीं बल्कि पैशन है।
    शुक्रिया शशांक शेखर जी, हिमांशु जी, विकास तिवारी जी, हंसराज जी, मनोज यादव जी। जब तक सर्कल है तब तक मैं आपके और आपकी टीम के साथ हूं।

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