दबंग दुनिया मुंबई एडिशन में संपादक नीलकंठ पारटकर की ब्राह्मण विरोधी नीतियों एवं प्रताड़ना से तंग आकर सिटी चीफ ओपी तिवारी, डिप्टी न्यूज़ एडिटर समीर तिवारी, सीनियर कॉपी एडिटर एचपी तिवारी, सीनियर कॉपी एडिटर चन्द्र भूषण शुक्ल, सीनियर रिपोर्टर ब्रजेश चंद्रा, क्राइम रिपोर्टर प्रदीप पाठक, फिल्म रिपोर्टर वरुण तिवारी, बिजनेस रिपोर्टर आनंद तिवारी ने एक साथ नौकरी छोड़ दी. इससे दबंग दुनिया में खलबली मच गई है. सभी दबंग दुनिया के संपादक नीलकंठ पारटकर और न्यूज़ एडिटर एसपी यादव से तंग आ गए थे.
दबंग दुनिया के संपादक नीलकंठ पारटकर को पहले गुटखा किंग किशोर वाधवानी ने निकल बहार फेक दिया था. वे रायपुर नवभारत में बतौर संपादक जॉइन किये थे लेकिन उन्हें वहां से भी निकाल दिया गया. एक बार फिर हाथ पैर जोड़कर दबंग मुंबई संस्करण में आ गये. जबसे आये हैं वे दबंग में कार्यरत ब्राह्मण रिपोर्टरों को प्रताड़ित कर रहे थे. विगत एक महीने से दबंग दुनिया में अंगेजी और मराठी अखबारों में छपी ख़बरों को ट्रांसलेट कर छापा जा रहा है. गुटखा किंग किशोर वाधवानी को झूठ बोलकर गुमराह किया जाता रहा है.
नीलकंठ पारटकर अपनी पहली पारी में जब दबंग दुनिया मुंबई एडिशन में संपादक थे तब उनके सहयोगी योगेश नारायण के साथ मिलकर साढ़े चार करोड़ रूपये गमन करने का मामला संस्थान की तरफ से कफ परेड पुलिस में दर्ज किया गया था. योगेश नारायण को गिरफ्तार किया गया था. दबंग दुनिया की नीति रही है कि अच्छे प्रतिष्ठानों में काम कर रहे लोगों को तोड़कर लाओ और बाद में निकाल बाहर फेको. कई महीनों से दबंग मुंबई में चल रहा घमासान अब जाकर सामने आया. इससे पहले श्री नारायण तिवारी को लोकमत समूह से बतौर संपादक मुंबई में लाया गया था. जब वे आये थे तो दबंग का सर्कुलेशन सिर्फ ढाई हजार था. उन्होंने सर्कुलेशन को बढाकर 17 हजार पहुंचा दिया था. लेकिन उनका भी तबादला जबलपुर कर दिया गया. अब एक बार सर्कुलेशन घट कर ५ हार से भी नीचे आ गया है.
मुंबई से एक मीडियाकर्मी द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.
7 Comments
Leave a Reply
Cancel reply
Leave a Reply
भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team
भड़ास मेल: [email protected]
Latest 100 भड़ास
- वरिष्ठ पत्रकार योगेश कुमार गोयल को मिलेगा ‘राष्ट्रीय मीडिया अकादमी सम्मान’
- इंडियन एक्सप्रेस हिंदी की सोशल मीडिया टीम के साथ काम करना चाहते हैं तो अपना वर्क सैम्पल और सीवी भेजें!
- अनिल अंबानी की 510 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क, दो चार्टर्ड विमान भी ED की कार्रवाई के दायरे में
- सावरकर पर अरुण शौरी की किताब ‘The New Icon’ अब हिंदी में भी उपलब्ध, शीर्षक है ‘नया मसीहा’
- DTH से सरकार की कमाई करीब 40 करोड़ घटी, 2025 में मिली 618 करोड़ की लाइसेंस फीस
- संचार मंत्रालय ने संजीव बंजाल को TDSAT का सदस्य नियुक्त किया
- अखबारों और पत्रिकाओं के पंजीकरण की प्रक्रिया ऑनलाइन हुई, प्रेस सेवा पोर्टल से मिलेंगी सभी प्रमुख सुविधाएं
- अक्षत मित्तल ने एएनआई में एसोसिएट एडिटर के रूप में शुरू की नई पारी
- आज के अखबार : विदेशी मदद से PM बनने का राहुल का आरोप गोल, संसद में चर्चा का शाही झुनझुना HT में
- दीपा सागर की संदिग्ध मौत पर भड़का आक्रोश, पूर्व विधायक संतोष बाफना की दुकान के बाहर हंगामा और पथराव
- राइटविंग वाले यूट्यूबर बिना पास जबरन घुसे और कांग्रेसियों से भिड़ गए!
- जगदलपुर में पूर्व विधायक के व्यावसायिक परिसर की छत पर युवती का शव, सुसाइड नोट मिलने से मामला उलझा
- लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार श्याम कुमार की पत्रकारिता का 66वाँ वर्ष शुरू, पढ़िए उनके जीवन और करियर की कहानी!
- टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के लखीमपुर खीरी जिले के प्रभारी बने सतीश त्रिवेदी
- दिल्ली पुलिस के खिलाफ इंकलाब का बिगुल फूंकने वाले Delhi Police के ACP मनस्वी वशिष्ठ सस्पैंड
- सुमित अवस्थी का टाइम्स नेटवर्क से इस्तीफ़ा, साल भर भी नहीं चला ‘चक्रव्यूह’ का सफ़र
- राज्योत्सव कवर करने गए पत्रकार से खैरागढ़ में पुलिस की मारपीट, वीडियो वायरल होने पर सिपाही निलंबित; थाने के सामने धरने पर बैठे पत्रकार
- दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर ACP मनस्वी वशिष्ठ समेत पुलिसकर्मियों का प्रदर्शन, पांच मांगें रखीं
- IDBI बैंक अपने ही पैसे से खुद को बेचेगा, इधर देश वोट चोरी में उलझा है, उधर एक और बैंक लुट गया!
- मोदीजी ने जिस सुभाष चंद्रा की प्रशंसा की थी, वो नटवरलाल निकला, 1,322 करोड़ की ऋण धोखाधड़ी का आरोप!
- काशी के पत्रकारों ने धारदार सवालों से घेरा, प्रेस कॉन्फ्रेंस छोड़ गए संबित पात्रा!
- आलोक कुमार पाण्डेय ने टाइम्स नाउ नवभारत के साथ शुरू की नई पारी, रायबरेली में संभालेंगे जिम्मेदारी
- वरिष्ठ आईएएस अधिकारी शिखर अग्रवाल वाले कांड के बाद रियल एस्टेट में हड़कंप, अफसर और बिल्डरों के सिंडिकेट पर गहराया संकट
- अमर उजाला देहरादून यूनिट में सात कर्मचारियों को बिना नोटिस हटाने का आरोप, 14 साल से कार्यरत नाइट सुपरवाइजर भी शामिल
- आज के अखबार : रैली पहली खबर तो बन गई लेकिन भीड़ (कम या ज्यादा) दिखाने वाली फोटो नहीं दिखी
- सौरभ चंद्राकर के ऑनलाइन सट्टा स्कैम पर पहली बार लिखा तो उसके ठीक बाद रायपुर के सारे अखबारों में महादेव ऐप का विज्ञापन छपा!
- अमिताभ बच्चन किस मीडिया वाले से दुखी होकर ठोकने की बात कर रहे हैं!
- जी एंटरटेनमेंट ने सुभाष चंद्रा के 1322 करोड़ के धोखाधड़ी मामले की CBI जांच से झाड़ा पल्ला!
- ‘हिंदुस्थान समाचार’ और ‘एसआईएस’ कंपनी वाले आरके सिन्हा ‘इंडियन एक्सप्रेस’ से नाराज़ थे; वजह थी कि पनामा पेपर्स कांड में ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ के मालिकों का भी नाम था पर उसका जिक्र नहीं किया गया!
- इंडियन एक्सप्रेस की कटिंग शेयर कर मनीष सिसोदिया ने पीएम से पूछा- इतने बड़े देश में सिर्फ चंद अफसरों को बार-बार सेवा-विस्तार देकर शीर्ष पदों पर बिठाए रखने की क्या मजबूरी है?
- राहुल गांधी की रैली में ‘आजतक’ की मौसमी सिंह और ‘इंडिया टीवी’ की मीनाक्षी जोशी की रिपोर्टिंग का फर्क पढ़िए!
- सीएम उमर अब्दुल्ला की दुल्हन निधि राजदान एक बार ठगी जा चुकी हैं!
- खबरों के पीछे भागते पत्रकारों के स्वास्थ्य की चिंता; काशी पत्रकार संघ ने किया शिविर का आयोजन!
- नैनीताल समाचार अखबार के समारोह में पहुंचकर लगा जैसे वक्त ने अचानक पीछे की ओर छलांग लगा दी हो!
- वोटर लिस्ट में गड़बड़ी; डिप्टी कलेक्टर मयंक गोस्वामी व हेमंत चौधरी निलंबित, FIR में बढ़ेगी ये धारा!
- नवभारत टाइम्स के 80 साल के इतिहास में पहली बार महिला को राष्ट्रीय ब्यूरो प्रमुख की जिम्मेदारी!
- राजधानी, तेजस और वंदे भारत तक रेलवे कैटरिंग वाले यात्रियों के लिए जितना घटिया, सड़ा-गला भोजन पकाते हैं, इसके लिए उन्हें अलग से अवॉर्ड दिया जा सकता है!
- आज के अखबार : मॉक पार्लियामेंट ‘पलटवार’ की खबर के साथ पहले पन्ने पर पहुंची; HT, TOI पुराने अंदाज में!
- छत्तीसगढ़ सरकार इन पाँच पत्रकारों को देगी ‘राज्य अलंकरण सम्मान- 2026’, देखें लिस्ट
- तावड़े जी की तो ग़ज़ब तोड़ाई कर दी सपा वालों ने, 4M के शौक़ीन होने का आरोप लगाया!
- पत्रकार दीपक चौधरी, शुभम गर्ग और राजा सिंह राठौर के बारे में सूचनाएं!
- सीएनएन संवाददाता लैरी मडोवो की ये तस्वीर टीवी की वह सच्चाई बताती है जो कभी स्क्रीन पर नहीं दिखती!
- वरिष्ठ पत्रकार परंजॉय गुहा ठाकुरता की वेबसाइट बंद, इंडियाबुल्स के फाउंडर समीर गहलोत पर लगाए गंभीर आरोप!
- गंभीर बीमारी के बावजूद लेखन में सक्रिय वरिष्ठ पत्रकार अरविंद चतुर्वेदी की नई किताब ‘कांकर-पाथर’ पाठकीय संवेदना से रिश्ता नहीं तोड़ती!
- ट्रंप ने अब रॉयटर्स के पत्रकार को हड़काया, कहा– “तुम घिनौने हो, पहले खुद को फिट करो”
- बुरी तरह भ्रष्टाचार, ब्लैकलिस्टिंग, टंकियों के फूटने व ईडी की जांच के अंतहीन रिकार्ड के बीच अनुराग श्रीवास्तव इस विभाग के ‘त्रिवेदी’ बन चुके हैं?
- अब उमर अब्दुल्लाह संग जीवन गुजारेंगी NDTV की पूर्व एंकर निधि राजदान, देखें दूसरी शादी की तस्वीरें!
- आज के अखबार : वोट चोरी पर विशेष सत्र बुलाने की पेशकश जैसी ‘खबर’ से कनफूजिया गए संपादक जी
- आरके सिन्हा संस्मरण: कई बार ऐसा होता कि SIS कंपनी का गार्ड काम से भाग जाता तो वे स्वयं गार्ड बनकर 8 घंटे की नौकरी कर रहे होते थे!
- मध्यप्रदेश में ब्लैकलिस्ट “Acer” को यूपी में 12.5 लाख टैबलेट का ऑर्डर? सवालों में सरकारी खरीद
- हिंदुस्थान समाचार एजेंसी के चेयरमैन रहे आरके सिन्हा के निधन पर बिहार के पूर्व मंत्री शिवानन्द तिवारी की भावुक श्रद्धांजलि!
- ऑस्ट्रेलिया के सरकारी ब्रॉडकास्टर ने उठाया दिल्ली में पत्रकारों की धरपकड़ का मुद्दा!
- अमर उजाला डिजिटल को कंटेंट राइटर्स (हिंदी) की तलाश!
- नवभारत टाइम्स में आज यह मेरा आख़िरी साप्ताहिक कॉलम है- सुधीर मिश्रा
- NDTV Profit Ignite के दिवाली विशेष आयोजन में एक मंच पर जुटे बाजार के दिग्गज, निवेश का शेयर किया नजरिया!
- आओ मृत्यु मुझसे सहवास करो! ऋतुराज जितना पावरफुल अब कौन लिखेगा?
- 98% गोदी चैनल घाटे में, कर्मचारियों और रिपोर्टरों को समय पर वेतन देना भी मुश्किल, जानिए वजह!
- पूर्व राज्यसभा सांसद और पत्रकार आरके सिन्हा का निधन, ब्रेन स्ट्रोक के बाद लंबे समय से कोमा में थे!
- मजीठिया वेज बोर्ड मामले में दैनिक ‘आज’ अखबार के कर्मचारी रामपुकार सिंह की बड़ी जीत- मिलेगी इतनी धनराशि!
- ‘गले में लटका प्रेस कार्ड और माइक ID पत्रकार होने का प्रमाण नहीं’; जिला सूचना अधिकारी हमीरपुर का आदेश पढ़िए!
- इकोनॉमिक टाइम्स से कैलाश बाबर और रत्न भूषण की नई पारी, TOI से जुड़ीं अनुष्का!
- आज के अखबार : वाराणसी, नागपुर में हार पर PM ने कुछ कहा नहीं, जयराम रमेश ने जो कहा वह छपा नहीं
- ‘धुरंधर’ से पत्रकारिता होगी या सरकार की छवि चमकाने का नया अध्याय?
- फेसबुक और इंस्टाग्राम से वीडियो हटवाए जाने का खेल कितना घातक मोड़ ले चुका है, इन दो पत्रकारों से समझिए!
- पत्रकार प्रणव मुकुल, प्रशांति त्यागी, अक्षत द्विवेदी और अमन सिंह के बारे में सूचनाएं!
- एक समय ऐसा आया जब मुझे लगा फिल्म भारतीय दर्शकों तक नहीं पहुंच पाएगी; “PYRE” में मुझे अपनी चिता दिख रही थी- विनोद कापड़ी
- डिजिटल विज्ञापन का बाज़ार दौड़ रहा, पर न्यूज़ वेबसाइटों के हिस्से आ रही धीमी चाल!
- बिहार में पत्रकारों पर कहर; कटिहार में अगवा कर पिटाई, बेगुसराय में प्रभात खबर संवाददाता को धमकी!
- चालीस विला के मालिक IAS-IPS दंपति से हैरान वरिष्ठ पत्रकार संजय सिन्हा एक वाजिब सवाल पूछ रहे हैं!
- IANS में नए बॉस के खराब व्यवहार और टॉर्चर से अस्पताल के चक्कर काट रहे हैं पत्रकार!
- आज के अखबार : विधान परिषद चुनाव नतीजों की खबर से भाजपाई प्रचार और प्रचारकों की पोल खुली
- ‘पायर’ आज से सिनेमाघरों में, देख आइए एक पत्रकार की महानतम कृति!
- मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में बीजेपी महिला प्रदेश अध्यक्ष की बेटी मृणाल एलकर की नियुक्ति सवालों में!
- ‘सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Weaponise हुए हैं’; स्मृति ईरानी के इस वाक्य पर अजीत अंजुम का जवाब पढ़िए!
- चांदनी चौक में जाएँगे तो फ़ोन हो जाएगा ग़ायब, पुलिस पर भारी पड़ रहे पॉकेटमार!
- अंबानी परिवार के बच्चों के वीडियो देखते हुए मेरे मन में एक सवाल आया कि अगर यही सब हमारे मध्यमवर्गीय घरों में हो, तो क्या हमारी प्रतिक्रिया भी ऐसी ही होगी?
- दैनिक जागरण लखनऊ में रहते ‘थापा भाई’ की ब्लाइंड तस्वीरों ने जो कमाल किया था वह आज भी याद है!
- प्रेस काउंसिल पहुंचा असम का डिजिटल मीडिया बनाम न्यूज चैनल विवाद!
- बेड़ियों में पत्रकारिता : मामला अब निर्णायक मोड़ पर है!
- IFWJ के 76वें स्थापना दिवस पर जयपुर में गूंजी पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग!
- पंजाब विधानसभा में गूंजा ‘उड़ता हरियाणा’; नशे पर खबर, लिविंग इंडिया के 6 पत्रकारों पर कहर!
- टाटा समूह की बर्बादी को लेकर राहुल गांधी का मोदी-शाह पर तीखा हमला!
- यूट्यूब पर भयानक बाढ़ आई है, मानो एक कूड़े का पहाड़ बड़ा होता जा रहा है!
- आईटी सेक्टर आज गहरे दबाव में है!
- पिछले चार दशक से कैमरे में इतिहास दर्ज करने वाले वरिष्ठ छायाकार आरबी थापा का लखनऊ में निधन!
- ‘नए-नए एंकर बने हैं भइया, गलती पर माफ कर दीजिए’ : चर्चा में विस्तार न्यूज़ का यह वीडियो
- पूर्व पत्रकार और विधायक उमेश कुमार के इस्तीफे की घोषणा क्या महज पॉलिटिकल ड्रामा है?
- कांग्रेस प्रवक्ता यश श्रीवास्तव ने आजकल अकेले ही मीडिया चैनल्स पर गर्दा उड़ा रखा है!
- मुंबई में ‘Jio’ की लिस्टिंग समारोह में अनंत की मौजूदगी ने उनकी शख्सियत के एक और पहलू को देखने का अवसर दिया!
- पानी से जुड़े तीन सबसे बड़े भ्रम पढ़िए!
- माटी कला को आधुनिक तकनीक, उद्यमिता और बाजार से जोड़कर शिल्पकारों को आत्मनिर्भर बना रही सरकार : राकेश सचान
- अगर पूरी दुनिया कर्ज में डूबी है तो दुनिया को पैसा उधार कौन दे रहा है?
- ये ‘टाइम्स नाउ नवभारत’ क्या अपने आप को खत्म करने पर तुल गया है- सुरेंद्र राजपूत
- साक्षी जोशी ने पत्रकार पिता उमेश जोशी को समर्पित किया Hurun India-Candere अवार्ड, बोलीं- “सत्ता से सवाल करना मुश्किल है, इसलिए असाधारण माना जा सकता है मेरा काम!”
- ब्राजील में हारते ही फ़्लावियो बोलसोनारो परिवार समेत अमेरिका भाग गया!
- नेटवर्क18 के करीब 5,000 कर्मचारियों को अनंत अंबानी का दिवाली तोहफा!
- लाबन्या ज्योति ने छोड़ा टाइम्स ग्रुप, नेटवर्क18 से अपूर्व झवेरी ने ली विदा!
- रामायण की रिलीज से पहले महाभारत: ‘भारत समाचार’ पर भड़के संगीतकार मनोज मुंतशिर शुक्ला!
- प्रभात खबर से राहुल यादव और जी न्यूज़ से ब्रह्म प्रकाश दुबे के बारे में सूचनाएं!
- खोजी पत्रकारिता की नसबंदी के लिए कानून ला रही मोदी सरकार पर सुप्रीम कोर्ट की तल्ख प्रतिक्रिया, केंद्र से जवाब तलब!


SHIV
January 31, 2016 at 6:06 pm
भाई यशवंत जी!
किसी मीडियाकर्मी के भेजे पत्र को आप तथ्य कैसे मान लेते हैं? आप तो स्वयं अनुभवी हैं। मीडिया में ब्राह्मणवाद कितना हावी है क्या आप नहीं जानते? फिर कैसे आपने प्रकाशित कर दिया कि दबंग दुनिया में ब्राह्मण विरोधी नीतियों के चलते आठ लोगों ने नौकरी छोड़ी। दबंग दुनिया में आज भी सबसे ज्यादा कर्मचारी ब्राह्मण हैं। स्वयं संपादक नीलकंठ पारटकर ब्राह्मण हैं। दरअसल कुछ ऐसे निकम्मे लोग होते हैं, जो अपनी पोल छिपाने के लिए हर जगह जातिवाद की नागफनी बोने से बाज नहीं आते। मैं जो तथ्य जानता हूं; वह आपको; भड़ास के सभी पाठकों, कलमकार बिरादरी के लोगों के सम्मुख रखना चाहता हूं। ऊपर जिन आठ लोगों के दबंग दुनिया से नौकरी छोड़ने की बात कही गई है, मेरी जानकारी के अनुसार कमजोर प्रदर्शन के चलते उन्हें बाहर किया गया है। सिटी चीफ ओपी तिवारी!!! सिटी चीफ और चीफ रिपोर्टर में कोई अंतर होता है या नहीं? ओपी तिवारी दबंग दुनिया के चीफ रिपोर्टर थे; सिटी चीफ नहीं। मेट्रो-7 अखबार में पहली बार उन्हें चीफ रिपोर्टर नीलकंठ पारटकर ने ही बनाया। दबंग दुनिया में भी उनकी नियुक्ति बतौर चीफ रिपोर्टर नीलकंठ पारटकर ने ही की। जब योगेश नारायण के साथ मिलकर ओपी तिवारी ने ‘नगद-नारायण’ की पत्रकारिता शुरू की, तो पारटकर ही ने उनका विरोध किया। पारटकर ने ही योगेश नारायण की करतूतों की पोल खोली। तब ओपी तिवारी ने इंदौर से आयातित प्रवीण वर्मा के साथ मिलकर पारटकर के खिलाफ षडयंत्र रचा और मुंबई प्रेस क्लब, सायन कोलीवाड़ा में प्रवीण वर्मा को सोमरस का भोग लगाकर किसी तरह अभिलाष अवस्थी को संपादक बनवा लाए। अवस्थी ने जब कुछ ही दिनों में भांप लिया कि ओपी तिवारी पत्रकारिता की खोल में दुबका एक दलाल है, तो उन्होंने उससे दूरी बनानी शुरू कर दी। यह दूरी तब और बढ़ी जब एक बीमा कंपनी की ओपी तिवारी की फर्जी खबर पर समूचे दबंग प्रबंधन को कोर्ट के आदेश पर लिखित माफी मांगनी पड़ी। अवस्थी आज्ञाकारी नहीं रहे तो ओपी तिवारी ने प्रवीण वर्मा और दीपक बुड़ाना के मार्फत श्रीनारायण तिवारी को संपादक की कुर्सी दिलवा दी। लोकमत में श्रीनारायण की नैया डूबनेवाली थी, सो उन्होंने दबंग दुनिया में डेरा जमा लिया और अखबार के दफ्तर को ऐसे मंदिर की शक्ल देनी शुरू की जहां ब्राह्मणों के सिवा अन्य किसी का प्रवेश निषिद्ध था। दबंग दुनिया में पूरी ईमानदारी से काम कर रहे न्यूज एडिटर एसपी यादव को निकालने के लिए एब्सॉल्यूट इंडिया से बेरोजगार हुए समीर तिवारी को लाया गया, जो किसी कारणवश डेप्यूटी न्यूज एडिटर बनकर रह गए। सीनियर कॉपी एडिटर राजकुमार आनंद को निकालने के लिए ‘नवभारत’ के प्रूफ रीडर एच.पी. तिवारी को सीनियर कॉपी एडिटर का मेकअप कराकर पेश किया गया। सीनियर कॉपी एडिटर गुलजार हुसैन को निकालने के लिए ‘दक्षिण मुंबई’ से दरबदर हुए चीफ सब एडिटर चंद्रभूषण शुक्ल को सीनियर कॉपी एडिटर बनाकर लाया गया। सीनियर कॉपी एडिटर राधेश्याम यादव को निकालने के लिए ‘हमारा महानगर’ के रामकुमार मिश्र को लाया गया। फिसड्डी डीटीपी आॅपरेटर वरुण तिवारी को फिल्म पेच इंचार्ज-कम-रिपोर्टर बनाकर फिल्म क्षेत्र की अनुभवी सुनीता पांडे को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। प्राची दीक्षित, अमित यादव, सचिन उन्हालेकर, गीतांजलि, धनंजय कोकाटे, दिनेश भडसाले, अनिल सहित लगभग दो दर्जन लोगों को ओपी तिवारी के इशारे पर काम से निकाला गया।
श्रीनारायण तिवारी के कार्यकाल में जातिवाद के साथ प्रांतवाद को बढ़ावा दिया गया। मराठी भाषियों को ‘माणुस’ और हिंदी भाषियों को ‘आदमी’ की श्रेणी में बांट दिया गया। ‘माणुस’ होने का खामियाजा दफ्तर के चपरासी तक को काम से हटाए जाने के रूप में भुगतना पड़ा। रही बात अखबार के सर्कुलेशन की तो जिन लोगों ने सारी जिंदगी जोड़-तोड़ की पत्रकारिता की हो, उनके कार्यकाल में अखबार का सुर्कलेशन कैसे बढ़ता? अखबार जब मरणासन्न स्थिति में पहुंचा तो पुन: पारटकर को लाया गया। स्वयं दिन-रात काम करनेवाले पारटकर के कार्यकाल में कुर्सी तोड़नेवालों की पोल खुली तो रंडरोवन शुरू हो गया है।
रही बात ओपी तिवारी को तो मुंबई का हर पत्रकार इसकी चिरकुटगिरी के बारे में जानता है। इसकी वडाला गैंग के बदनाम किस्से एक अखबार में धारावाहिक छप चुके हैं। हर सभ्य व्यक्ति इस कीचड़ में पत्थर मारने से बचता है।
भार्ई यशवंत, आप खांटी पत्रकार हैं। आप निश्चित ही सच के साथ रहेंगे।
Raja
January 31, 2016 at 9:03 am
मुझे बड़ी ख़ुशी हैं कि मीडिया मैं अब तक ब्राह्मणवादी मानसिकता थी अब ब्राह्मण विरोधी पहली बार सुनी हैं । जय हो महाराज पाटकर जी यह परशुराम वाले क्षत्रिय विहीन कर देंगे दबंग दुनिया को । पर महाराज मेरा आपको नमस्कार क्योंकि यह कूटनीति चलकर दूसरों की नौकरी खाते हैं आज इनकी कोई खा गया तो विधवा विलाप कर रहे हैं ।
Smart
February 1, 2016 at 3:13 am
जय हो हनुमानजीकी…..
कुछ महीने पहले याने दबंग दुनिया के दूसरे संपादक अवस्थीजी के बाद का लगभग ७ – ८ महीनो का सफर दबंग दुनिया के मुंबई स्थित कार्यालय मै बस यही जय जय कर गूंज रही थी, श्री नारायण तिवारी जो खुद को बड़े हनुमानजी के भक्त बुलाना पसंत करते है और बस उन्हें ऐसे ही लोग भाते है जो उनका पदस्पर्श कर जय हनुमानजी का जप करे… चलो ये अछा ही है… पर काम का क्या? यही चलता आ रहा था श्री नारायण तिवारीजी के काल मै… अगर कोई इनके पैर न छुए तो हनुमानजी का श्राप लग जाता था… ये एक्स संपादक श्री नारायण तिवारीजी ने हनुमानजी का जैसे कॉपीराइट ही लेके रखा था… और जनाब आपको ये बता दे की जिन ८ लोगो की दबंग छोड़ जाने की पुस्ति की जा रही है और ब्राम्हण विरोधी होनेका जो आरोप लगाया जा रहा है यह एक बचकानी बातें है और कुछ नहीं…
नीलकंठ पराटकरजी जो खुद एक ब्राह्मण है वह ऐसा करेंगे… जो ब्राह्मण विरोधी होने का आरोप लगाने वाले जनाब आप जरा गौर फरमाइए की पत्रकारिता निरपेक्ष की जाती है… पत्रकार का ना ही कोई धर्म होता है और ना ही कोई मजहब… ये बात तो आपके पल्ले नहीं पड़ेगी उतनी सोच आप मै कहा….
चलो बात करते है उन ८ अजूबो की…
ये सारे ब्राह्मण है इन में ओ पी तिवारी जो पहले पराटकर जी के साथ ही काम करते थे और उनोने ही इनको काम दिया था ओ अलग बात है मालिक के तलवे चाट कर अपना अलग आस्तित्व बनाये थे… वाटी मास्टर, चिरकुट पत्रकार आदि नामो से ही इनकी पहचान होती है.. इनके साथ ब्रजेश चंद्रा,भी आते है, वरुण तिवारी जो पहले दबंग मै डीटीपी ऑपरेटर थे जो श्री नारायण तिवारी के आगे झुक झुक कर फिल्म रिपोर्टर बने इनकी वाटी लगा लगा कर तो ये गुट बोहत सारे पैसे कमा चूका है… एचपी तिवारी, चन्द्र भूषण शुक्ल यह तो श्री नारायण तिवारी के खास बन्दों मै माने जाते थे उनको लाया भी तो ईनोने ही था.. ये तो श्री नारायण तिवारी के रिस्तेदार भी है इनकी औकाद से दुगना पेमेंट दे कर लाया गया था… आखिर सगे वाले जो ठहरे… समीर तिवारी जिनको ज्यादा पेमेंट दे कर लाया गया उनके काम की तुलना एसपी यादव जी के साथ की जा रही थी पर समीर तिवारी का काम कॉपी पेस्ट के आगे कभी बड़ा ही नहीं खैर अब आते है आनंद तिवारी जिनको श्री नारायण तिवारी पहले ही निकालना चाहते थे लेकिन तिवारी नाम आड़े आया और यह बंदा बच गया था.. अब बताता हु सबसे बड़े चूजे के बारे मै जिसकी रीड की हड्डी ही नहीं है या शायद झुक झुक कर शर्म के मारे गायब हो गई हो.. ये है प्रदीप पाठक जो पहले ओ पी तिवारी से झगड़ा कर दबंग छोड़ चुके थे लेकिन वापस अपनी झुकने की कॉलिटी से वापस आ गए थे सभी दबंग के मुंबई स्टाप को इनकी इस कॉलिटी का पता है… जो टेबल के ऊपर से झुक कर श्री नारायण तिवारी को पायलागु करते थे.. ये सारे ८ नमूने जो हमने जॉब चोदा है ये बता ते है दरसल इनकी झुकने की कॉलिटी ही इनको आब तक दबंग से जोड़े रखी थी लेकिन अब ये सब नहीं हो सकता था १ माह मै इनको इनकी नानी याद आई होगी जिनको काम करना आता है वह लोग किसी भी हालत मै काम करते है.. जिनका काम बोलता है उनको किसी के पैर छूने नहीं पड़ते …
खैर अभी तो यही तक बाकी तो सब जनता जानती ही है… वेट एंड वाच…. बस यही थोड़े दिनों मै पता चल ही जायेगा की क्या सही और क्या गलत…..
S N dubey
February 1, 2016 at 4:38 am
कचरा साफ़ …..? अच्छा हुआ किसी ने केजरीवाल की तरह दबंग का कचरा तो साफ़ किया ।।
S N dubey
February 1, 2016 at 5:11 am
अच्छा हुआ किसी ने तो कचरा साफ़ की ? एक साल में
कचरा ही कचरा भर गया था ?
shiv prasad
February 1, 2016 at 11:22 pm
दबंग दुनिया में तो आज भी सबसे ज्यादा ब्राह्मण काम कर रहे हैं.ये आठ लोग तो पंडित श्रीनारायण तिवारी के एक्स्ट्रा थे
pravin
February 2, 2016 at 1:21 am
इसका मतलब पहिले वाले ब्राह्मण संपादक एस एन तिवारी ने ब्राह्मण लोगोको पालके रखा था.