रणविजय सिंह-
यूपी के लखनऊ की एकता चतुर्वेदी के पास एक कॉल आई. कॉल करने वाले ने कहा- एकता जी, मैं भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) का अधिकारी हूं.
आपको कई नोटिस भेजी गई, लेकिन आपने कोई जवाब नहीं दिया. आपके आधार कार्ड से 2 नंबर जुड़े हैं. इसमें से एक नंबर का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग में हो रहा है. ये सुनकर एकता डर गई.
इसके बाद कॉल मुंबई ट्रांसफर की गई. बताया गए कि मुंबई पुलिस के अधिकारी इस मामले को देख रहे हैं, वो बात करेंगे.
सामने से बात करने वाले शख्स ने एकता को कहा- आप बयान दर्ज कराने मुंबई पुलिस हेड क्वॉर्टर आ जाइये. एकता ने कहा- ये तुरंत नहीं हो पाएगा.
इस पर एकता से कहा गया कि आपके गिरफ्तारी का वारंट है. आप अगर अभी नहीं आ सकतीं तो यहीं से हमें जांच में सहयोग करें. एकता मान गई.
इसके बाद कहा गया कि आपके खाते में जो रकम है उसकी जांच होगी, अगर सब सही होगा तो पैसा लौटा दिया जाएगा.
पहले से डरी हुई एकता ये बात भी मान गई. उसने 1.24 लाख रुपये ट्रांसफर किए. पैसे ट्रांसफर होते ही फोन कट गया.
अगर आपके पास भी ऐसी कोई कॉल आए. खासकर जिसमें कहा जाए कि….
- आपके नंबर पर नोटिस आई है
- 2 घंटे में आपका नंबर बंद होगा
- आपके खाते पर नोटिस आई है
- खाता सीज होने वाला है
अगर ऐसा कुछ भी हो और कहा जाए कि पूरी जानकारी के लिए 9 नंबर दबाएं, आपको ये नहीं करना है. आप जाल में फंस सकते हैं और लूटे जा सकते हैं.
देश को डिजिटल करने का श्रेय लेने को राजनीतिज्ञ तैयार बैठे हैं लेकिन डिजिटल अपराधियों की बाढ़ आ गई है और इससे आप को खुद अपने को बचाना है.
डिजिटल अपराधों को लेकर कुछ कमेंट भी पढ़ें…
धीरेंद्र पांडेय-
ऊपर से सबको जबरदस्ती डिजिटल करने का प्रेशर डाला जा रहा है। डिजिटल पेमेंट करिये डिजिटल कागज रखिये फलां ऐप डाउनलोड करिये मतलब सुरक्षा कुछ नही और सारी जानकारी दे दो।
सुनील कुमार-
मुझे काल आई थी. कस्टम डिपार्टमेंट मुंबई बोल के कॉल किया था. मैं भी डर गया था. उन्होंने बोला कि आपके मोबाइल नंबर और आधार कार्ड की जानकारी का इस्तेमाल करके फ़र्ज़ी पासपोर्ट और 50 से ज्यादा डेबिट कार्ड मलेशिया भेजा जा रहा था जिसको कस्टम डिपार्टमेंट ने जब्त कर लिया है फिर उन्होंने काल मुम्बई पुलिस क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर किया 2 मिनट में ही मुझे अंदेशा हुआ कि ये कोई ट्रैप है…मैंने कॉल तुरंत काट दिया.
देवेंद्र यादव-
देश में साइबर सुरक्षा नाम की कोई चीज नहीं है. पब्लिक को हैकरों से बचाने के लिए सरकार के पास कोई भरोसेमंद टेक्नोलॉजी नहीं है. मोबाइल पर ठगी करने वाले रोज एसएमएस आते हैं. इस पर लगाम लगाने में सरकार की कोई इच्छा नहीं है. फिर सरकार है किसके लिए?
विजय झालानी-
मेरे पास तो मेल आई है साइबर क्राइम के नाम से चाइल्ड पॉर्न साईट देखने के नाम पर जिसमे मुझे 24 घंटे में जवाब देने को कहा गया था वरना मेरे खिलाफ पुलिस कार्यवाही करने की धमकी दी गई है. ये अलग बात है कि उस नोटिस में मेरा नाम पता मोबाइल नंबर कुछ भी नहीं था।
और मेरे बेटे के मोबाइल पर एक कॉल आया था जिसमें उसके नाम से एक पार्सल भेजनें की बात बताई गई जिसमें ड्रग्स और फर्जी id की जब्ती बताई गई थी।



