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दैनिक जागरण वाराणसी पहुंची श्रम विभाग की टीम, जीएम और मैनेजर ने की हीलाहवाली

मित्रों, मजीठिया मामले में सुप्रीम कोर्ट का हथौड़ा चलते ही यूपी की सरकारी मशीनरी कुछ दिनों के लिए फास्ट हो गयी है। इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है कि लेबर कमिश्नर की चिट्ठी मिलते ही वाराणसी क्षेत्र के उप श्रमायुक्त राकेश कुमार ने न सिर्फ अखबार प्रबंधनों को सम्पूर्ण ब्योरे के साथ तलब किया वरन समाचार पत्र कम॔चारी यूनियन के मंत्री अजय मुखर्जी ‘दादा’ से भी उन कर्मचारियों की सूची मांगी, जिन्हें मजीठिया प्रकरण में संबंधित संस्थानों द्वारा अन्नान्य तरीके से प्रताड़ित करते हुए निकाल बाहर किया गया है और जिनके मामले श्रम विभाग या श्रम न्यायालय में लंबित हैं। नीचे वो प्रपत्र हैं जिन्हें श्रम विभाग ने अखबार प्रबंधन को दिया है और जल्द से जल्द इसे भर कर विभाग को सौंपने को कहा है। साथ ही दादा अजय मुखर्जी द्वारा श्रम विभाग को सौंपे गए पत्र की प्रति भी नीचे प्रकाशित किया जा रहा है।

मित्रों, मजीठिया मामले में सुप्रीम कोर्ट का हथौड़ा चलते ही यूपी की सरकारी मशीनरी कुछ दिनों के लिए फास्ट हो गयी है। इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है कि लेबर कमिश्नर की चिट्ठी मिलते ही वाराणसी क्षेत्र के उप श्रमायुक्त राकेश कुमार ने न सिर्फ अखबार प्रबंधनों को सम्पूर्ण ब्योरे के साथ तलब किया वरन समाचार पत्र कम॔चारी यूनियन के मंत्री अजय मुखर्जी ‘दादा’ से भी उन कर्मचारियों की सूची मांगी, जिन्हें मजीठिया प्रकरण में संबंधित संस्थानों द्वारा अन्नान्य तरीके से प्रताड़ित करते हुए निकाल बाहर किया गया है और जिनके मामले श्रम विभाग या श्रम न्यायालय में लंबित हैं। नीचे वो प्रपत्र हैं जिन्हें श्रम विभाग ने अखबार प्रबंधन को दिया है और जल्द से जल्द इसे भर कर विभाग को सौंपने को कहा है। साथ ही दादा अजय मुखर्जी द्वारा श्रम विभाग को सौंपे गए पत्र की प्रति भी नीचे प्रकाशित किया जा रहा है।

श्रम विभाग की तरफ से अखबार प्रबंधन को दिया गया प्रपत्र….

श्रम विभाग की तरफ से अखबार कर्मियों के लिए जारी किया गया प्रपत्र…

एडवोकेट दादा अजय मुखर्जी द्वारा श्रम विभाग को सौंपा गया पत्र….

आज दैनिक जागरण के वाराणसी कार्यालय में दिन से ही हलचल मची है। मध्याह्न बाद श्रम विभाग की टीम पहुंची और दो घंटे के ठहराव के दौरान तमाम रिकाड॔ मांगे जाने पर जीएम अंकुर चड्ढा व मैनेजर निशात अली ने पुरानी आदत के अनुरूप खूब हीलाहवाली की। अंत में लेबर आफिस की टीम प्रपत्र देकर यह कहते हुए लौट गई कि प्रपत्र भरकर जल्द भेज दें। पता चला है कि शाम को संपादकीय की बैठक के बाद सभी सदस्यों को प्रपत्र 2 दिया गया। साथ ही सम्पादकीय प्रभारी ने सबसे कह दिया कि उनके जो समझ में आये, वह भरें। खबर यह भी है कि ज्यादातर सदस्यों ने निर्धारित कालम में लिख दिया है कि उन्हें वेज बोर्ड के अनुरूप वेतन नहीं मिलता। यह देखना दिलचस्प रहेगा कि भरे प्रपत्र प्रबंधन किस रूप में लेबर आफिस में भेजता है।

लेखक योगेश गुप्त पप्पू बनारस के वरिष्ठ पत्रकार हैं.

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1 Comment

1 Comment

  1. jitendra yadav

    October 15, 2017 at 4:00 am

    Yaha kam payment me kam karwate hai aur dusra kam bhi karwate aur warkro ko chra kar preshan karte hai aura dhamki bhi dete hai atah vibhag se nivedan hai ki hamari sahayata karen dhanywad

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