Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

झारखंड

बदमाश डीलर नहीं दे रहा गरीबों को राशन, कोरोना के भय से भीख भी बंद!

विशद कुमार

पलामू जिले के सतबरवा प्रखण्ड अंतर्गत पोंची भुईयां परिवारों का गांव है। पोंची गांव आरजेडी के पूर्व विधायक और पूर्व सांसद मनोज भुईयां का पैतृक गांव भी है। वर्तमान में वे और उनकी पत्नी दोनों भाजपा में हैं और उनकी पत्नी पुष्पा देवी जिले के पाटन—छतरपुर से विधायक हैं। इस गांव के राशन डीलर अजय कुमार की मनमानी के कारण लगभग 100 भुईयां परिवार भूखों मरने की स्थिति में हैं। ये सारे परिवारों का खाद्य सुरक्षा कानून के तहत राशन कार्ड भी हैं, लेकिन डीलर उन्हें विगत 3 महीनों से राशन न देकर पीडीएस में आवंटित सामग्रियों की कालाबाजारी करता रहा है।

एक ओर पूरी दुनिया कोरोना से जंग लड़ रही है, भारत भी इससे अछुता नहीं है। पूरे देश में 21 दिन का लॉकडाउन है। देश के लाखों गरीब मजदूर रोजगार और खाना को लेकर भयभीत हैं। सरकार किसी को भूख से नहीं मरने देगी, की घोषणा पर घोषणा कर रही है। वहीं अजय कुमार जैसे लोग भी हैं जो अपनी तिजोरी भरने के लिए भूखों के निवाले पर कुण्डली लगाये बैठे हैं। इस गांव की 80 वर्षीय मुल्का देवी और उनके पति दोनों काफी बुजुर्ग हैं और विकलांग भी हैं, जिनका कार्ड सं0 202002703136 है। उन्होंने बताया है कि वे कई महीनों से लगातार 8-10 दिनों तक डीलर के पास जाते हैं, लेकिन डीलर उन्हें राशन नहीं देता है।

इस बाबत झारखण्ड नरेगा वाच के समन्वयक जेम्स हेरेंज बताते हैं कि आनलाईन रिकार्ड में भी जनवरी से मार्च तक इन्होंने राशन का उठाव नहीं किया है। वे बताते हैं कि इन्हीं की भाँति 64 अन्य लाभुकों ने इसकी शिकायत पत्र लिखकर यह बताया है कि हरेक महीना डीलर अजय कुमार पाश मशीन में सिर्फ अंगूठा लगवाकर कार्ड में वितरित सामग्री की फर्जी मात्रा दर्ज कर देता है। राशन देने के बारे में पूछने पर कहता है कि अभी आवंटन नहीं आया है। 5-6 दिन बाद आवंटन आयेगा तो आप लोगों को सामग्री मिल जाएगी। लेकिन इसके बाद भी लाभुकों को कभी नियमित राशन नहीं दी जा रही है।

इस संबंध में लाभुकों ने 6 मार्च को ही एक शिकायत पत्र लिखकर उपायुक्त, पलामू को सौंपा है, लेकिन अब तक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की हुई है। प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, सतबरवा और अन्य स्थानीय अधिकारियों को भी ग्रामीणों द्वारा इस मामले को लेकर लगातार अवगत कराया जाता रहा है।

आनलाईन रिकार्ड के सत्यापन से स्पष्ट है कि डीलर अपने कर्तव्यों का निर्वहन ठीक ढंग से नहीं कर रहा है। बता दें कि डीलर के अधीन कुल 216 राशन कार्डधारी हैं। जिनमें 203 पी0 एच0 और 13 अन्त्योदय कार्डधारक हैं। इनमें से जनवरी में इन्होंने सिर्फ 136 कार्डधारकों को सामग्री देने की सूचना दर्ज है। इसी भाँति फरवरी में 130 तथा मार्च में अब तक 147 लाभुकों को भी राशन एव अन्य सामग्री वितरण की सूचना है। इससे यह साबित होता है कि प्रत्येक माह औसनत 137 लाभुकों को ही पीडीएस दुकान से सामग्री वितरित की जा रही है और लगभग 80 लाभुकों को राशन एवं अन्य सामग्रियों से वंचित होना पड़ रहा है। ये 80 परिवार अधिकांशतः भुईयाँ समुदाय से हैं। डीलर को हर महीने मिलने वाला कुल आवंटन 52.65 क्विंटल खाद्यान्न और 327 लीटर किरासन तेल है।

इस मामले पर जब झारखण्ड नरेगा वाच के समन्वयक जेम्स हेरेंज द्वारा जिले के प्रशासनिक अधिकारियों से बात की गई तब जाकर राशन डीलर अजय कुमार को 31 मार्च को निलंबित कर डीलर बैजनाथ प्रसाद को अजय कुमार के तमाम कार्ड धारकों को स्थानान्तरित कर दिया गया।

वहीं गढ़वा जिले के खरौंधी प्रखंड अंतर्गत बैतरी मोड़ में रहने वाले मुसहर जाति के लगभग 6 परिवार के दो दर्जन लोग भूखे पेट सोने के लिए विवश हैं। यहां मुसहर जाति के ये लोग लगभग 15 वर्षों से बैतरी मोड़ के पास जंगल में रह रहे हैं और भीख मांग कर गुजर-बसर करते रहे हैं। लेकिन 21 दिनों के इस लॉकडाउन के कारण लोगों को कोई भीख भी देने के लिए तैयार नहीं है।

इन लोगों का कहना है कि वे हर रोज मांगकर लाते हैं और खाते हैं। लेकिन, अब स्थिति अलग हो गई है। जहां भी भीख मांगने जाते हैं, वहां से लोग डांटकर भगा देते हैं। इस बुरे वक्त में भी कुछ दयालु लोग हैं, जो कभी-कभार चावल आदि दे देते हैं। जिस दिन कुछ मिल गया, उस दिन भोजन मिल जाता है, वरना भूखे पेट सोना पड़ता है।

यहां रह रहे सुकुंती कुंवर, तेजू मुसहर, उदय मुसहर, जयकुमार मुसहर, गुड्डू मुसहर, धर्मेंद्र मुसहर वगैरह बताते हैं कि वे 15 वर्षों से बैतरी मोड़ पर स्थित जंगल में रह रहे हैं। पिछले वर्ष खरौंधी के बीडीओ एजाज आलम ने प्रखंड कार्यालय में बुलाया था। आधार कार्ड बनाने के लिए फोटो भी लिया गया, लेकिन आधार कार्ड आज तक नहीं मिला है। बता दें कि इन 6 परिवारों के करीब दो दर्जन लोग अपने छोटे-छोटे बच्चों सहित पेड़ के नीचे सोने के लिए मजबूर हैं। इसकी खबर स्थानीय अखबारों में और कई न्यूज पोर्टल में भी आई थी। मगर इनकी कितनी सुध ली गई है अभी तक कोई खबर नहीं मिल पाई है।

जेम्स हेरेंज कहते हैं कि विश्वव्यापी इस संकट की इस घडी में हम सब लोग इन बातों के लिए प्रयास कर रहे हैं कि किसी को खाद्यान्न एवं अन्य जरुरी चीजों की कमी न हो, वहीं कुछ राशन डीलर, आदतन लाभुकों के राशन में कटौती करके वितरण कर रहे हैं और मई महीने का राशन दिए वगैर ही लाभुकों के कार्ड में इंट्री कर दे रहे हैं। इससे साफ पता चलता है कि डीलरों को कानून का कोई खौफ नहीं है। अभी सख्त जरुरत है कि सरकारी मशीनरी और सामाजिक कार्यकर्त्ता ऐसे अमानवीय लोगों पर कड़ी निगरानी रखे।

वे बताते हैं कि लातेहार जिला का जुगरू गांव का टोला चहल का डीलर राजेश कुमार पिता स्व. भूनेश्वर साव हैं। जो लाभुकों के राशन में कटौती तो कर ही रहा है, सरकारी आदेश की भी अवहेलना कर रहा है।

बताते चलें कि कोरोना संकट को देखते हुए सरकारी आदेश है कि अप्रील और मई दोनों माह का राशन एक ही बार में देना है। लेकिन डीलर राजेश कुमार द्वारा अप्रील माह का ही राशन दिया गया है और रजिस्टर में मई माह का भी दर्ज कर लिया गया है। इसके अलावा प्रत्येक यूनिट के हिसाब से पांच किलो अनाज देना है, लेकिन डीलर द्वारा चार किलो के हिसाब से अनाज दिया जा रहा है। यानी 9 यूनिट वाले को जहां 45 किलो देना है, वहां 35 किलो ही दिया जा रहा है।

जैसे रामबालक सिंह का यूनिट 9 है, जिसे 45 किलोग्राम अनाज देना है, मगर डीलर द्वारा दिया 35 किलोग्राम। अशोक सिंह यूनिट 2, होता है 10 किलोग्राम, मगर डीलर ने दिया 8 किलोग्राम। कृष्णा सिंह यूनिट 7, होता है 35 किलोग्राम, मगर डीलर ने दिया 28 किलोग्राम। बैजनाथ सिंह यूनिट 8, होता है 40 किलोग्राम, मगर डीलर ने दिया 32 किलोग्राम। सुरेश मुण्डा यूनिट 10, होता है 50 किलोग्राम, मगर डीलर ने दिया 40 किलोग्राम। रामसहाय उरांव यूनिट 3, होता है 15 किलोग्राम, मगर डीलर ने दिया 11 किलोग्राम। सुखदेव सिंह यूनिट 3, होता है 15 किलोग्राम, मगर डीलर ने दिया 11 किलोग्राम। इस बावत एक शिकायत पत्र लातेहार डीएम के नाम ग्रामीणों ने 1 अप्रील को ग्राम प्रधान की अनुशंसा से भेजा है, जिसमें लिखा गया है कि डीलर द्वारा दिए गए अनाज का जब वजन कराया गया तो इतना अंतर पाया गया। रिपोर्ट लिखे जाने तक किसी कार्यवाई की सूचना नहीं है।

देखना होगा कि इस मानवीय संकट की घड़ी में डीलर राजेश कुमार पर प्रशासनिक कार्यवाई होती है कार्यवाई की लीपापोती?

पलामू से विशद कुमार की रिपोर्ट. संपर्क- [email protected]

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन