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छत्तीसगढ़

शराब घोटाले में जेल काट चुके छत्तीसगढ़ के पूर्व IAS अनिल टुटेजा फिर गिरफ्तार!

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित जिला खनिज न्यास निधि (डीएमएफ) घोटाले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रिटायर्ड आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुए कथित करोड़ों रुपये के अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में की गई है।

गिरफ्तारी के बाद टुटेजा को विशेष न्यायालय में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें 26 फरवरी तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया। उल्लेखनीय है कि टुटेजा पहले से ही शराब घोटाले और कोल लेवी प्रकरण में आरोपी रहे हैं और उन मामलों में जमानत पर बाहर थे।

ईओडब्ल्यू के अनुसार, पिछले वर्ष दर्ज डीएमएफ मामले की विस्तृत जांच के दौरान टुटेजा की भूमिका से जुड़े महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य, दस्तावेज और कई व्यक्तियों के बयान सामने आए हैं। जांच एजेंसी का दावा है कि टुटेजा ने अपने प्रभाव का उपयोग करते हुए कथित रूप से चहेते ठेकेदारों और फर्मों को डीएमएफ मद से करोड़ों रुपये के कार्य आवंटित कराने में सक्रिय भूमिका निभाई।

रिश्तेदारों के जरिए कमीशन लेने के आरोप
जांच में यह भी आरोप सामने आया है कि टुटेजा ने अपने निकट संबंधियों और रिश्तेदारों के माध्यम से विभिन्न फर्मों से कथित तौर पर कमीशन लिया और उसके एवज में कार्य आवंटन सुनिश्चित कराया। एजेंसी का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर शासकीय धन के दुरुपयोग, आपराधिक षड़यंत्र और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत गंभीर आरोप प्रथम दृष्टया स्थापित होते हैं।

रिमांड के दौरान होगी गहन पूछताछ
विशेष न्यायालय ने ईओडब्ल्यू की मांग स्वीकार करते हुए चार दिन की रिमांड मंजूर की है। एजेंसी रिमांड अवधि में टुटेजा से कथित सिंडिकेट के अन्य सदस्यों, लाभार्थियों और धन के प्रवाह के संबंध में पूछताछ करेगी।

सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में इस मामले में गिरफ्तार होटल कारोबारी सतपाल सिंह छाबड़ा से मिले इनपुट और दस्तावेजों के आधार पर टुटेजा के खिलाफ कार्रवाई तेज हुई। जांच एजेंसियों का संकेत है कि आने वाले दिनों में इस प्रकरण में अन्य प्रभावशाली व्यक्तियों पर भी कार्रवाई हो सकती है।


लोग हराम का पैसा कमाने के लिए पूरे जिंदगी भर की सम्मानजनक सरकारी सर्विस में क्या-क्या नहीं करते, पर भ्रष्टाचार से कमाया हुआ अकूत धन-दौलत किस काम का? जब बुढ़ौती जेल में ही काटना है..!
भ्रष्टाचार की भूख कभी नहीं मिटती.. छतीसगढ़ के पॉवरफुल पूर्व IAS अनिल टुटेजा को फिर उठा लिया गया .. भ्रष्टाचार का सुख भोगते हुए IAS महोदय ने कभी ये सोचा नहीं होगा कि रिटायरमेंट के बाद मान-सम्मान भी मिट्टी में मिल जाएगा ..! अहंकार और भ्रष्टाचार के मिश्रण का आख़िरी रिजल्ट का उदाहरण हैं अनिल टुटेजा (पूर्व IAS)..! -कन्हैया शुक्ला, वरिष्ठ पत्रकार

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