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सियासत

ट्रम्प ने अवैध चीनियों के हाथ-पैर बेड़ियों में जकड़कर अपने सैनिक विमान में क्यों नहीं बैठाया?

पंकज मोहन-

अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे चीनी नागरिकों की संख्या ढाई लाख से कम नहीं होगी, लेकिन ट्रम्प ने उनके हाथ-पैर को बेड़ियों में जकड़कर अपने सैनिक विमान में नहीं बैठाया। अगर किसी देश में चीनी नागरिकों के साथ बदसलूकी होती है, चीन उन देशों के कुछ नागरिकों को जेल की सीखचों के अन्दर बन्द करने के लिए कुख्यात है। क्या चीन अमेरिका के सैनिक विमान को अपनी जमीन पर उतरने देगा?

चीन ने अनेक अमरीकी नागरिकों को सीआईए के लिये जासूसी या नशीली दवा बेचने के अपराध में जेल में बन्द कर रखा है। चीन उन्हें तभी रिहा करेगा जब अमेरिका-चीन के आपसी सम्बन्ध मैत्रीपूर्ण होंगे।

अमेरिका को अवैध प्रवासियों को डिपोर्ट करने का पूरा अधिकार है, लेकिन प्रवासियों को जंजीर में बांधने से मानवता का कौन-सा हित सिद्ध होगा? कमजोर देशों के लोगों के इस अपमान से ट्रम्प समर्थक जिनमें श्वेत-प्रभुत्ववादी भी सम्मिलित हैं, समझते होंगे, “MAGA” – Make America Great Again- का स्वप्न साकार हो रहा है, हम अपने वतन चुनरी में दाग लगाने वाले विदेशी भिखमंगों को भगा रहे हैं, “तीसरी दुनिया” को पैरों तले रौंद रहे हैं, अमेरिका फिर से सर्वाधिक शक्तिशाली देश बन गया है। यह ट्रम्प की राजनैतिक जमीन को पुख्ता करने की रणनीति है।

भारत के प्रधानमंत्री ने 2014 के चुनाव के पूर्व ऐसा वादा किया था जो 2114 तक भी पूरा नहीं हो पायेगा। उन्होंने भारतीयों को सात रंग के सपने दिखाये। उन्होंने प्रत्येक भारतीय को पन्द्रह-पन्द्रह लाख के उपहार, प्रति वर्ष दो करोड़ नौकरियों के सृजन और अमेरिका-स्थित भारतीय दूतावास के सामने भारत में बसने के इच्छुक अमरीकी नागरिकों की लम्बी कतार के सपने दिखाये।

ट्रम्प ने भी अमरीकी जनता को सपने दिखाये, लेकिन वे पूर्णतः हवा-हवाई वायदे नहीं थे। ट्रम्प ने “मागा”-सम्बन्धित ऐसे चुनावी वायदे किये जिन्हें कुछ हद तक पूरा करना संभव है। ट्रम्प सरकार अगर सवा करोड़ अवैध प्रवासियों में से एक लाख की धर-पकड करती है, उनके हाथ-पांव बांधकर सैन्य विमान में ठूंसती है, तो “अमेरिका को फिर एक बार महान बनाओ” के नारे के कारण वोट देने वाली जनता उसी तरह उन्मादित और उल्लसित हो उठेगी, जिस तरह बीसवीं सदी के मध्य तक अफ्रीकी मूल के अमेरिकन के अपमान को देखकर नस्लवादी श्वेत अमेरिकन होते थे।

आज भारत में अल्पसंख्यक की अवमानना और उन पर गिरे कहर को देखकर उत्साहित होने वाले उग्र हिन्दुओं की मानसिकता भी समान है।

आजकल की राजनीति में ऑप्टिक्स का अहम महत्व है। लोहे की जंजीर में जकडे़ अवैध प्रवासियों का ऑप्टिक्स अमेरिका में ट्रम्प द्वारा शुरु की गई नये ढंग की मत्स्य न्याय पर आधृत करुणाविहीन राजनीति (जिसके अनुसार बड़ी मछली छोटी मछली को खा जाती है, शक्तिशाली निर्बल को नष्ट कर देता है) को मजबूत बनाता है और वैधता प्रदान करता है।

भारत को चुपचाप अपना अपमान सहकर आरकेस्ट्रा के कन्डक्टर के निर्देश के अनुकूल सामंजस्यपूर्ण राग-रागिनी छेड़ने के लिये कुछ सांत्वना पुरस्कार अवश्य मिलेगा।

विश्व शान्ति के लिये यह आवश्यक है कि अमेरिका जो ज्ञान-विज्ञान के क्षेत्र में दुनिया का महानतम देश है, सदैव समृद्ध और शक्तिशाली रहे, लेकिन रोजी-रोटी के लिये हर तरह की आपदा-विपदा को झेलकर अमेरिका की सीमा में अवैध रूप से प्रवेश करने वाले गरीबों के मूलभूत मानवीय अधिकार का हनन करना कौन-सी महानता है?

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