नहीं रहे लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार जोखू तिवारी

यूपी प्रेस क्लब के सचिव जोखू प्रसाद तिवारी का निधन हो गया। लंबी बीमारी के बाद परसों शाम को पीजीआई से स्थानांतरित कर मेडिकल कॉलेज के शताब्दी में उनको भर्ती कराया गया था। क्रिटिकल पोजीशन के बाद कल शाम उनका निधन हो गया।

उनका अंतिम संस्कार आज दोपहर 2:00 बजे के बाद भैसा कुंड घाट लखनऊ में किया गया।

स्वर्गीय जोखू प्रसाद तिवारी के निधन पर आईएफडब्ल्यूजे के राष्ट्रीय अध्यक्ष केवी राव, यूपी वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन के अध्यक्ष हसीब सिद्दीकी, महामंत्री पीके तिवारी, यूपी प्रेस क्लब के अध्यक्ष रविंद्र सिंह, लखनऊ वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन के अध्यक्ष शिव शरण सिंह, महामंत्री के विश्व देव राव, विनीता रानी बिन्नी, अमिताभ नीलम, देवराज सिंह, मुकुल मिश्रा, शिव विजय सिंह, रजत मिश्रा, नितिन श्रीवास्तव, शैलेंद्र सिंह, सुशील अवस्थी, हिमांशु दीक्षित , हिमांशु सिंह चौहान , अजय सिंह , सुजीत द्विवेदी, अनिल सिंह सहित पत्रकारों ने दुख व्यक्त कर उनकी आत्मा को शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है।

जोखू तिवारी को लेकर सुशील दुबे व नवेद शिकोह की फेसबुक पोस्ट्स पढ़ें-

Sushil Dubey : भारी नुकसान पत्रकार जगत का समाज का मेरा अपना खुद का… आदरणीय दद्दू जोखू तिवारी जी सचिव UP प्रेस क्लब के निधन से… क्या मस्त पर्सनालिटी थी.. क्या हाजिरजबाबी.. क्या चुटकी लेने का अंदाज… और आशीर्वाद प्यार तो जैसे बोरों में हर वक्त भरे बैठे रहते हों.. जो आया उलट दिया, सच में जिनके पैर छूने में आनंद आता था…

खैर अब जो है सो है ही, लेकिन भूल तो नहीं ही पाएंगे….

बस प्रभु इनको अपने चरणों में स्थान दो ॐ शांति

भाव पूर्ण पुष्पांजलि श्रद्धांजलि

वॉइस ऑफ लखनऊ, क़ौमी खबरें, विटनेस टुडे की तरफ से…

Naved Shikoh : यूपी प्रेस क्लब को यतीम कर चले गये जोखू.. हेराल्ड ग्रुप के कर्मचारियों के हक़ की लड़ाई लड़ने वाले लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार जोखू तिवारी मौत से लम्बी लड़ाई लड़ने के बाद मौत के शास्वत सत्य को स्वीकार कर गये। लम्बी बीमारी और उम्र से लड़ते-संभलते शुक्रवार को लखनऊ के मेडिकल कॉलेज के शताब्दी हॉस्पिटल में वो उपचार के दौरान चल बसे। यहां इन्हें क्रिटिकल पोजीशन में पीजीआई से लाया गया था। शनिवार दोपहर बारह बजे के बाद लखनऊ के बैकुण्ठ धाम में उनका अंतिम सस्कार किया जायेगा।

लखनऊ प्रेस क्लब का पर्याय समझे जाने वाले इस हिम्मती कलम के सिपाही ने बहुत जंगे लड़ीं और कामयाब भी खूब हुए। करीब दो वर्ष पहले उम्र के तक़ाजे और भीषण बीमारियों ने इन्हें मृत्यु शैय्या पर ला दिया था। डाक्टरों ने संकेत दिए थे कि जीवन रक्षक यंत्रों पर दो दिन से ज्यादा नहीं संभाला जा सकता है। इन खतरों को धता बता कर जोखू तिवारी मौत से लड़ते रहे।

दिल्ली, लखनऊ ट्रामा सेंटर और फिर लम्बे समय तक पीजीआई में जिदगी और मौत की जंग जीत कर फिट हो गये। इतने सेहतयाब हुए की यूपी प्रेस क्लब अपने कमरें में आकर बैठने भी लगे। बेटी को कमज़ोर समझने वाले ज़माने की उस सोच को भी इस पत्रकार ने शिकस्त दे दी। पिता के सुसंस्कारों से लैस सौ बेटों पर भारी जोखू तिवारी की शेर सी बेटियों की खिदमत और हिम्मत का जज्बा ही पिता को बार-बार मौत के मुंह से निकालता रहा।

लम्बे अर्से से यूपी प्रेस क्लब के सचिव रहने वाले जोखू हेराल्ड एम्प्लाइज यूनियन में महासचिव रहकर अखबार कर्मियों के हक़ की आवाज बुलंद करते रहे।

जोखू तिवारी जी की मौत ने हमारे सरपरस्त को भी मार दिया। यूपी प्रेस क्लब के रुतबे को मार दिया। एक धाकड़ और संजीदा हरफनमौला पत्रकार के साथ प्रभावशाली व्यंग्यकार को मार दिया। इनकी मौत अखबार कर्मियों/वर्किंग जर्नलिस्ट की ट्रेड यूनियन के जमाने की आखिरी कील सी महसूस हो रही है।

कई साल से जो आहट डराती थी वो हकीकत बनके आज जब जोखू सर की मौत की ख़बर बनकर बन कर आई तो नजरों के सामने तिलक से सुशोभित एक तेजस्वी चेहरा सामने आया। आद आया पांच साल पहले का वो मंजर। एनेक्सी मीडिया सेंटर में उ.प्र.मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति के चुनाव का दिन है। वोट पड़ रहे हैं। युवा से जोश सा ये बुजुर्ग घूमघूम कर आने वालों से दो उम्मीदवारों को वोट देने की इल्तिजा कर रहा है। टीबी सिंह और पंडित नवेद शिकोह का ध्यान रखना।

अलविदा सर… हम आपके बाद आपके संस्कारों की विरासत का ख़्याल रखेंगे।।



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