इस पत्रकार ने IAS अफसर से पूछ लिया- तुमको और मोदी को सेलरी कहां से मिलती है! सुनें आडियो

जनता करे शिकायत तो नहीं होती वर्षों तक सुनवाई, पीएम के लिए तीन दिन में मक्खन जैसी सड़क… पीएम मोदी के लखनऊ आगमन से पूर्व तीन दिन में 70 करोड़ का बजट पास करके 32 सड़कों की मरम्मत पर उठाया सवाल…

लखनऊ : देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आगामी 5 अक्टूबर को आने वाले हैं। इससे पूर्व शहर के मुख्य मार्गों को ठीक करने के लिए मात्र तीन दिन में 70 करोड़ का बजट एक दिन की बैठक में पास करके दे दिया गया। बैठक में नगर विकास मंत्री आशुतोष टण्डन, महापौर संयुक्ता भाटिया और नगर आयुक्त अजय द्विवेदी सहित कई लोग मौजूद थे।

हैरान करने वाली बात यह है कि जनता जो नगर निगम सहित अन्य विभागों का चक्कर काटकर थक जाती है, उसकी मोहल्ले की सड़कें वर्षों तक नहीं बनती। जब कोई पत्रकार खबर करता है तो बजट की कमी और अन्य कई कारण गिना दिए जाते हैं। वहीं जब देश के प्रधानमंत्री मोदी यूपी की राजधानी लखनऊ आने वाले होते हैं तो मात्र तीन दिन में सडकों की मरम्मत सहित अन्य साज सज्जा की कार्यवाही की जा रही है।

इतनी मुस्तैदी जनता की शिकायत पर कभी नहीं दिखती है जबकि सारा पैसा जनता का है जो कि उनके द्वारा भरे गए टैक्स से आता है। इसी से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री सहित आला अधिकारियों को सेलरी दी जाती है। यह पैसा पहले जनता के लिए फिर बाद में किसी के लिए इस्तेमाल होना चाहिए।

ऐसे ही कई सवालों से बेचैन पत्रकार सत्य प्रकाश ने नगर आयुक्त लखनऊ से पूछ लिया कि आपको और नरेंद्र मोदी को तनख्वाह कहां से मिलती है। इस पर नगर आयुक्त अवाक रह गए। उन्होंने मुद्दा पूछा तो पत्रकार ने पूछ लिया कि जनता अगर सड़क की मरम्मत की शिकायत करे तो सालों लग जाते हैं उसे पूरा करने में, वहीं नरेंद्र मोदी के लिए तीन दिन में ही सड़क की मरम्मत कर दी जा रही है।

सवालों से परेशान होकर नगर आयुक्त अजय द्विवेदी ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों और मंत्रियों से बात करने की बात कहकर पीछा छुड़ा लिया !!

सुनें बातचीत, ये है ऑडियो लिंक – https://youtu.be/u6X-M4cl8kU

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One comment on “इस पत्रकार ने IAS अफसर से पूछ लिया- तुमको और मोदी को सेलरी कहां से मिलती है! सुनें आडियो”

  • बहुत सुंदर प्रश्न जनता के पैसे से तनख्वाह ले और जनता की सुविधा का ध्यान न रख केवल प्रधान मंत्री के लिए कार्य करे जब की प्रधानमंत्री भी जनता के टैक्स से ही तनख्वाह प्राप्त करते है।

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