केजरी में हवा मत भरिए, गुब्बारे को फूटने दें : यशवंत सिंह

Yashwant Singh : केजरीवाल में ज्यादा हवा भरने की गुंजाइश नहीं बची है Madan Tiwary जी. नहीं मानिएगा और भरते रहिएगा तो अप्राकृतिक दुर्घटना हो जाएगी और वो फट जाएगा…जिससे अंग प्रत्यंग छितरा जाएगा… देखिएगा, कार्यकाल पूरा होते वह खुदे राजनीति छोड़ कर भाग जाएगा… कहेगा कि कहां फंस गया था, एनजीओ वाला कमवा ही ठीक था 🙂

संघियों-मुसंघियों से यह नकली क्रांतिकारी तो कतई नहीं लड़ पावेगा जिसकी खुद की कोई विचारधारा नहीं है… इसमें पहले ही कई टन हवा हम लोगों ने भर रखा था / या यूं कहिए कि वह खुदे भरवा रहा था… इस दबाव को रिलीज करने में जुटा हुआ है… सू सू फू फू करके धीरे धीरे अब तक वह काफी हवा निकाल चुका है.

केजरी को अपने असली औकात में आने दीजिए.. देख रहे हैं कि कुछ लोग फिर उसे महान, योद्धा, क्रांतिकारी, जनता का आदमी, मोदी को मात देने की क्षमता रखने वाला, मध्यमवर्ग का हीरो आदि इत्यादि बताकर फिर से फटाफट हवा भरने पर उतारू हैं. पक्का कह रहा हूं, फटाक से फट जाएगा भाई, आपको अंदाजा भी नहीं लगेगा कि इतना जल्दी कैसे फट गया… 🙂

जाने दीजिए, रहम करिए. हवा एक बार पूरा निकल जाने दीजिए ताकि पहले तो वह खुद ही काफी आजाद सहज महसूस कर पाए और फिर हम लोग भी थोड़े विकल्पहीन होने के बाद रीयल विकल्प तलाशने को तत्पर हो सकेंगे.

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हमारे बड़े भाई Sheetal P Singh जी ‘आप’ के कट्टर समर्थक हैं. उन्होंने एक पैग के बाद इसलिए हम जैसों को गरियाया है कि हम लोग क्यों केजरीवाल के विरोधी हो गए हैं… साथ ही उन्होंने पूछा है कि हम लोगों का कोई जमीर है या नहीं… तो शीतल साहब को अभी ही उनकी पोस्ट के नीचे अदना सा जवाब दे आया हूं, जिसे यहां भी साया कर रहा हूं…

शीतल पी सिंह जी, आखिर किस बात पर इतना प्रशस्ति गान गा रहे हैं. कहीं कोई पार्टी में पद वद का आफर वाफर!! वैसे मेरा सवाल है कि केजरीवाल ने क्या देखकर कपिल मिश्रा को इतना बड़ा मंत्रालय दे दिया था.. उससे बहुत काबिल तो शीतल पी सिंह जी आप थे… जब चूतियों को आगे बढ़ाइएगा तो वही चूतिये गांड़ मार कर निकल जाएंगे… केजरीवाल के मामले में यही हो रहा है.. शीतल पी सिंह जी की आम आदमी पार्टी के प्रति अटूट निष्ठा पर कोई सवाल नहीं खड़ा किया जा सकता और जो निष्ठावान है वह बाकियों को गरियाता है कि तुम लोग क्यों निष्ठावान नहीं हो… पर सवाल वही है साथी कि केजरी ने जो बोया है वह काटेगा कौन… आप जैसे जेनुइन लोग उसको डिफेंड करते-करते अपना बीपी और कोलेस्ट्राल दोनों जरूर बढ़ा लेंगे. 😛

और हां, जमीर वाला नियम इंसानों ने बनाया है. प्रकृति का नियम यह कतई नहीं है. जमीर के चक्कर में बेवकूफ अपनी लाइफ बरबाद करते हैं. नेचर का नियम है अपारचुनिज्म यानि अवसरवाद. जो बदले मौसम के हिसाब से बदलता है, वही नेचर में लंबे समय तक सरवाइव करता है. कुछ भेड़िये कुत्ते बन गए, ऐसे अवसरवादी निकले. देखिए, कुत्तों की जमात अच्छी खासी फल फूल रही है और आदमियों के बेडरूम में बडे़ आराम से प्यार दुलार पाकर सो रही है. और, बेचारे भेड़िए इन दिनों अपनी जान बचाने के लिए जंगल खोजते फिर रहे हैं. अवसरवाद कोई गलत नहीं साथी. वैसे मनुष्यों में जमीर ठाकुर साहब लोग भारी मात्रा में रखते हैं, और इसी कारण काफी कष्ट भी भोगते रहते हैं.

भड़ास के एडिटर यशवंत सिंह की एफबी वॉल से. संपर्क : yashwant@bhadas4media.com

शीतल पी. सिंह जी और मदन तिवारी की वो ओरीजनल पोस्ट्स नीचे है जिन पर यशवंत ने उपरोक्त कमेंट्स किए हैं…

Madan Tiwary केजरीवाल मध्यवर्ग के युवाओं का सपना है. बदलाव का सपना. आप लाख दोष दो. अन्य किसी भी नेता और दल से विश्वसनीय है केजरीवाल. लोग उसके साथ खड़े हैं. अभी हम वैसे काल से गुजर रहे हैं जहां सबसे बड़ी चुनौती शोषक गुजराती सिंडिकेट है. चरित्रहनन भाजपा और मोदी की पुरानी चाल है. राहुल का करते हैं. वामपंथियो का करते हैं. गांधी, नेहरू, इंदिरा किसी को बख्शा है इन संघियों ने? मैं केजरीवाल के साथ हूँ. चिराग रोशन रहेगा चाहे जितना बड़ा हो तूफ़ान. देखिएगा सर, हम भी यहीं रहेंगे, आप भी यही रहेंगे। कोई आंदोलन मरता नहीं है।

Sheetal P Singh : चियर्स… १: केजरीवाल ने मुकेश अंबानी पर मुक़दमा दर्ज करने का आदेश दिया (सारी एजेंसियाँ दबाव के कारण इसे दर्ज करने से मना कर चुकी थीं )। २ : उसने मोदी जी के एक युवा महिला के स्नूपिंग मामले के टेप को विधानसभा के पटल पर रिकार्ड करवा दिया जिन्हे लेकर एक आई ए एस अफ़सर सारे मीडिया हाउस सारे क़ानूनी सरकारी दफ़्तरों /एजेंसियों और सुप्रीम कोर्ट तक से बरसों दौड़कर ख़ाली हाथ लौट चुका था । ३ : उसने बिशन सिंह बेदी कीर्ति आजाद सुरिंदर खन्ना जैसे मशहूर खिलाड़ियों द्वारा दशकों से डी डी सी ए / अरुण जेटली के भ्रष्टाचार पर उठाई जा रही आवाज़ को अपना स्वर दिया क्योंकि दिल्ली का किसी क़िस्म का मीडिया इस पर एक शब्द छापने की हिम्मत नहीं कर सका था न कोई कोर्ट कुछ सुनने को तैयार होती थी । ४ : उसने दिल्ली में अनिल अंबानी की बिजली कंपनियों से सरकारी बकाये के आठ हज़ार करोड़ की वसूली शुरू करा दी । बिजली के दाम बढ़ाने की कोशिशें फेल कर दीं और आडिट बिठा दिया ।

समझ में आता है कि मुकेश और अनिल अंबानी , मोदी जी और अरुण जेटली जी उसकी खाल खींचना चाहें! अपने कुत्तों (मीडिया ) को उसको नोच डालने के लिये छोड़ दें , उसे मुक़दमों और कचहरियों में उलझा कर बेबस कर दें। उस पर तरह तरह की जाँच बिठा दें। उसके मंत्री विधायक पार्षद ख़रीद कर उसी के कपड़े फड़वा दें! उसकी पार्टी में कामा फ़ुल स्टाप की कमी निकाल कर भंग करा दें।

पर तुम किस बात का बदला उससे ले रहे हो ? तुम जो (हर क़िस्म के मध्यवर्गीय) नौकरीपेशा कारोबारी दलाल प्रापर्टी डीलर पत्रकार छोटे मोटे ब्यापारी या बाप का माल चाँपते ठलुओ… तुम केजरीवाल से क्यूँ ख़फ़ा हो सूतिये? तुम्हारी कौन सी भैंस खोल ली उसने? तुम ग़रीबों की बिजली पानी सब्सिडी से ख़फ़ा हो? तुम अस्पताल में दवा और हर क़िस्म की जाँच मुफ़त हो जाने से ख़फ़ा हो? सरकारी स्कूलों में बुनियादी बदलाव से? शिक्षा का बजट २५% होने से? चार सौ करोड का फ़्लाइओवर साढ़े तीन सौ करोड में बनने से कि आड इवेन से? तुम्हारा क्या बिगाड़ा ग़रीब ने? तुम साले अंबानी के …….चट्ट , तुम इस आदमी को उस गवैय्ये से बदलने के लिये टीवी देखकर जागरण पढ़कर दौड़ पड़े (जिसके मालिक भी अब अंबानी जी ही हैं , )जो कल समाजवादी था आज भगवा है और कल पप्पू आ जाय तो तिरंगा लपेट कंगरेसी हुआ मिलेगा! तुमरा कोई ज़मीर है बे? हमरा तो है.. दूसरे पैग के पानी सोडे के बीच पाँच सौ वर्ड ठोंक दिये.

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Comments on “केजरी में हवा मत भरिए, गुब्बारे को फूटने दें : यशवंत सिंह

  • Ashok thapliyal says:

    Dear Kejri Ko sukraat Banna hoga, shayad
    __Yashwant ji aap to bhugat chukay (janeyman jail )
    __Madan Tiwary, Shebetal p Singh say 100 Taka sahmat
    __Khirki extension mein ek jagah aisi hai jahan say Tomar, Kapil jaisay log jnu aur aap Kay andar plant kiye gayay !!!!!!!??????
    ___prateeksha aur dheeraj rakhna hoga

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  • हा-हा-हा यशवंत जी, सही ठोंके हैं……….. कई दिनों से भड़ास के बारे में लिखने को सोच रहा था, लेकिन फिर खयाल आया कि ‘भड़ास’ नाम सार्थक है….. भले ही कुछ लोगों की भड़ास बर्दाश्त के बाहर हो जाती है, लेकिन आप अपनी जगह सही हैं….. सबको बराबर प्लैटफार्म देते हैं……. बस एक ही निवेदन है…. हर पोस्ट के नीचे जवाब देने वाले कम ही होते हैं…. इसलिए हर पोस्ट के साथ…. लाइक/डिसलाइक…..पसंद/नापसंद…. जैसा कोई ऑप्शन भी दे दें ताकि पाठक अपनी राय दे सकें…. धन्यवाद.

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