केरल पुलिस ने चुनाव आयोग द्वारा जारी भाजपा की मुहर लगा आदेश की कॉपी शेयर करने वाले पत्रकारों और विपक्षी नेताओं को नोटिस भेजा है। नोटिस में कहा गया है कि प्रपत्र शेयर करने वालों ने चुनाव आयोग का अपमान किया है। सभी लोग यह पोस्ट हटा लें वरना कार्रवाई की जाएगी- नीचे पढ़ें…
विपिन सरोहा-
सुबह सुबह मा.चु.आ. ECISVEEP का X के जरिए ये नोटिस प्राप्त हुआ। इसमें लिखा है कि मेरी एक पोस्ट से दुनिया की सबसे इज्जतदार संस्था का अपमान हुआ है।
ऐसा कैसे हो सकता है कि इस देश में कोई भी मा.चु.आ. का अपमान कर सके। ये नोटिस पा कर मन बहुत व्यथित है। ज्ञानेश कुमार जी के नेतृत्व में मा.चु.आ. निष्पक्ष था, निष्पक्ष है और जब तक ज्ञानेश कुमार जी हैं निष्पक्ष ही रहेगा। जय हिंद।

सचिन गुप्ता-
चुनाव आयोग के लेटर पर BJP की मुहर का मामला – केरल पुलिस ने X को लेटर भेजकर 10 अकाउंट से पोस्ट Delete करने के लिए कहा है !!
केरल पुलिस के अनुसार– ये सामग्री सामाजिक सौहार्द को कमजोर करती है। ये पोस्ट राष्ट्रीय संस्था का सीधा अपमान भी है। अगर पोस्ट नहीं हटाते हैं तो IT एक्ट में एक्शन होगा।
रणविजय सिंह-
BJP की मुहर वाले पोस्ट पर पुलिस की नोटिस आ रही है. कई पोस्ट खुद ही हटा दिए गए. मैं तो कल से ही कह रहा हूं- चुनाव आयोग पूरी तरह निष्पक्ष है. लोगों को भरोसा करना ही होगा.
और क्या गलत है. BJP की मुहर ही तो थी, इसमें इतना बवाल क्यों करना. हो जाती है गलती. BJP की मुहर वाले पोस्ट पर पुलिस की नोटिस में कहा गया- हमने खुलेआम चुनाव आयोग को बेइज्जत किया.
भला मैं कभी ऐसा कर सकता हूं. मैं तो ‘मा. चुनाव आयोग’ का दिल से सम्मान करता हूं. इस दुनिया में कोई एक संस्था है जो निष्पक्ष है, वो चुनाव आयोग है. ये तो सब जानते हैं.
ये नोटिस पाकर मैं दिल से दुखी हूं. ज्ञानू अंकल को ये नहीं करना था.

सुप्रिया श्रीनेत-
चुनाव आयोग ने केरल पुलिस से ट्विटर पर यह नोटिस भिजवाया है। यह उन लोगों को भेजा गया है जिन्होंने चुनाव आयोग का वो पत्र शेयर किया था जिसमें BJP का सील लगा था।
बजाय इस अक्षम्य अपराध का प्रायश्चित करने के, जिन लोगों ने इसे उजागर किया उन्हें धमकाया जा रहा है… चोरी और ऊपर से सीनाजोरी!
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