दिल्ली में किसान मार्च का गुस्सा ऐसे निकला… ‘मोदीज नोज इन नेहरूज रोज’

आपको अपने अखबार में ये खबर दिखी क्या? प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को जोधपुर में एक रैली में कहा, “ये गुलाब का फूल लगा करके घूमने वाले लोगों को बगीचे का ध्यान था, उनको खेतों का कोई ज्ञान नहीं था, उनको किसान के पसीने का ज्ञान नहीं था।”

ठीक है कि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया पर क्या नाम लेने की जरूरत थी। जाहिर है, नहीं वरना प्रधानमंत्री नाम भी लेते तो कौन मना करता या रोक सकता था। लेकिन जिसके बारे में उन्होंने यह कहा वह अब जिन्दा नहीं है। वह जवाब नहीं दे सकता। उनसे सवाल नहीं कर सकता है कि उन्हें नहीं था तो आपको है? और है तो कैसे? क्यों मान लूं। और उससे देश को क्या फायदा हुआ।

यह काम अंग्रेजी अखबार टेलीग्राफ ने बखूबी किया है। क्या आपके अखबार का काम नहीं था कि आपको यह खबर बताता, आपके बदले आपकी तरफ से सवाल करता। अखबार ने इस खबर का शीर्षक लगाया है, अगर गुलाब आपको खेती नहीं सिखा सकती तो शायद नरेन्द्र दामोदर दास मोदी लिखा सूटा सिखा देगा।

इंटरनेट पर इस खबर का शीर्षक है, ‘मोदीज नोज इन नेहरूज रोज’ यानी ‘मोदी की नाक नेहरू के गुलाब में’।

पढ़ने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें…

https://www.telegraphindia.com/india/when-narendra-modi-took-a-dig-at-jawaharlal-nehru-again-without-naming-nehru/cid/1677570

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