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उत्तर प्रदेश

लखनऊ में सिपाही को रसूखदार लौंडों ने चौकी के अंदर गिराकर हौंका, वर्दी फाड़ी, गाली दी-‘तू कुत्ता है’! देखें एफआईआर

लखनऊ| आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने आज यूपी के मुख्यमंत्री और डीजीपी को पत्र भेज कर थाना हजरतगंज में सिपाही अर्जुन चौरसिया के साथ घटी घटना में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ गुंडा एक्ट और गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई किए जाने की मांग की है.

उन्होंने कहा कि इस मामले में सिपाही अर्जुन चौरसिया द्वारा थाना हजरतगंज में दर्ज किए गए एफआईआर के तथ्य अत्यंत गंभीर हैं, जिसमें चार लोगों द्वारा नशे की हालत में सिपाही को सिपाही कुत्ता कहने और चौकी में मारपीट करने की बात कही गई है.

अमिताभ ठाकुर ने कहा कि उन्होंने पूर्व में भी उन्हें प्राप्त जानकारी के आधार पर इस मामले में एक एडीजी के पुत्र के शामिल होने और उस एडीजी की पत्नी के थाना हजरतगंज में एक दरोगा को थप्पड़ मारने के तथ्य सामने रखे थे.

उन्होंने कहा कि घटना में शामिल तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लेने और चौथे व्यक्ति को जानबूझकर भागने देने का कार्य अत्यंत ही गंभीर है और पुलिस के मनोबल के पूरी तरह खिलाफ है.

अतः उन्होंने तत्काल उस चौथे व्यक्ति, जो खुद डीजीपी कार्यालय में कार्यरत एक एडीजी का पुत्र बताया जाता है, को गिरफ्तार करते हुए इन सभी दोषियों के खिलाफ गुंडा एक्ट और गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की मांग की है. साथ ही उस एडीजी की पत्नी द्वारा पुलिस वाले पर थप्पड़ करने के आरोपों की भी जांच करा कर विधिक कार्रवाई की मांग की गई है.


रणविजय सिंह-

यूपी की राजधानी लखनऊ में 4 बदमाश इनोवा को रास्ते पर लगाकर झगड़ रहे थे. यूपी पुलिस का एक सिपाही पास ही था, उसने उन्हें शांत कराने की कोशिश की.

फिर बदमाश सिपाही को ही गंदी गालियां देने लगे, जमकर मारा. बदमाशों का मन इतने से नहीं भरा तो बोले- इसको इसी की चौकी में पीटेंगे.

फिर सिपाही को चौकी में ले गए, यहां उसकी जमकर पिटाई की, वर्दी फाड़ दी. थाने से पुलिस पहुंची तो जैसे तैसे सिपाही की जान बचाई.

इतने में एक बदमाश इनोवा लेकर भाग गया, खास बात ये है कि पुलिस इनोवा का नंबर दर्ज नहीं कर पाई. तीन बदमाश बचे, जिन्हें थाने ले जाया गया और थाने से ही जमानत दे दी गई.

सफेद रंग की इनोवा से जो बदमाश भागा, यूपी पुलिस उसका नाम भी पता नहीं कर पाई है, वो अज्ञात है. चर्चा है इस बदमाश के पिता विधायक तो नहीं हैं, लेकिन पुलिस में ही बड़े अधिकारी हैं. इसलिए वो अज्ञात है, न इनोवा का नंबर है, न नाम का पता.


ममता त्रिपाठी-

दिल थाम कर बैठिए हज़रात और पढ़िए लखनऊ पुलिस की ये झक्कास FIR…हजरतगंज कोतवाली हैरतअंगेज़ FIR से भरी पड़ी है…

लखनऊ पुलिस के असहाय सिपाही ने अपनी तहरीर में लिखा है कि “नवाबों के शहर लखनऊ के दिल हज़रतगंज की सड़क पर चार लौंडों ने उसको गिरा-गिरा कर मारा!

इतना मारा की ख़ाकी वर्दी तक फट गई…क़ानून व्यवस्था की डुगडुगी तो तब फट गई जब सिपाही को पुलिस चौकी में घुसकर मारा…गजब!!

11 IPS तैनात हैं पुलिस कमिश्नरी में फिर भी अपने एक सिपाही की फटी ख़ाकी वर्दी की इज़्ज़त ना बचा पाए…!! चुल्लु भर पानी में डूब जाना चाहिए!!

मजेदार तथ्य ये है कि सबसे “रसूखदार लड़का” सफेद इनोवा गाड़ी लेकर पुलिस के सामने से भाग गया और इनोवा का नम्बर तक नहीं देख पाए प्रभारी निरीक्षक और वहाँ मौजूद तमाम सिपाहीगण…

अरे लानत है तुम लोगों पर…तुम लोग क्या ही सुरक्षा दे पाओगे आमजन को!!

इन सबसे ऊपर 13 दिन हो गए FIR लिखवाए हुए मगर जिले के इंस्पेक्टर विक्रम सिंह अभी तक किसी अपराधी को पकड़ तक नहीं पाए…ऐसी है राजधानी लखनऊ की चाक चौबंद कानून व्यवस्था!

लखनऊ कमिश्नर साहब पूरे थाने की फिर से ट्रेनिंग करवाइए…कम से कम गाड़ी तो पहचान पाएँ कि इनोवा है या इनोवा जैसी है…

सिपाही को पीटा गया..वर्दी फाड़ी गई…वो भी पुलिस चौकी के भीतर.. पुलिस ने इतनी सफ़ाई से कार्रवाई की कि 3 आरोपियों पर केस दर्ज किया और थाने से जमानत दे दी.. घटना में शामिल एक ADG रैंक के अफसर के बेटे पर क्या खूब मेहरबानी की, क्यूंकि उसको अज्ञात’ बना दिया..!! तहरीर लिखवाने वाला सम्मान का हकदार है. – सूरज शुक्ला

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