म.प्र. जनसंपर्क में पत्रकारों को बांटे गए लैपटाप में हुए घोटाले की जांच के आदेश

भोपाल। मध्यप्रदेश शासन के जनसंपर्क विभाग द्वारा तथाकथित वरिष्ठ एवं अधिमान्य पत्रकारों को बांटे गये लैपटाप में हुए घोटाले की जाँच के आदेश नवागत जनसंपर्क आयुक्त श्री अनुपम राजन ने दे दिए हैं। श्री राजन ने यह आदेश आज उनसे मिलने गये इंडियन फेडरेशन आफ वर्किंग जर्नलिस्ट (IFWJ) नई दिल्ली से संबद्ध भोपाल वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन भोपाल की एमपी यूनिट के एक प्रतिनिधि मंडल की मांग पर जारी किए हैं। यूनियन के प्रतिनिधि मंडल ने जनसंपर्क आयुक्त श्री राजन को एक ज्ञापन प्रस्तुत कर पत्रकारों की विभिन्न समस्याओं पर विस्तारपूर्वक चर्चा करते हुए प्रदेश के पत्रकारों को वितरित किए गये लेपटाप में हुई गड़बड़ियों की ओर उनका ध्यान आकर्षित किया था। इस पर उन्होंने इस मामले की तत्काल जाँच कराने के आदेश जारी किये।

शुरू होगी जनसुनवाई
प्रतिनिधि मंडल ने ज्ञापन में पत्रकारों की विभिन्न प्रकार की समस्याओं के निराकरण के लिए राज्य शासन के विभिन्न विभागों द्वारा हर सप्ताह की जा रही जनसुनवाई की भांति जनसंपर्क विभाग में भी यह व्यवस्था लागू किये जाने की मांग की, जिस पर आयुक्त श्री राजन ने तत्काल जनसुनवाई की व्यवस्था शुरू किये जाने के निर्देश संबंधित अधिकारी को दिये। संभवत: अगले माह से जनसंपर्क संचालनालय में जनसुनवाई प्रारंभ हो जाएगी, जिसमें पत्रकार साथी अपनी समस्याओं के निराकरण हेतु संबंधित अधिकारी को आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे।

बंद नहीं होगी आर्थिक सहायता, नि:शुल्क किया जाएगा बीमा
पत्रकारों को बीमारी के इलाज हेतु जनसंपर्क विभाग द्वारा दी जाने वाली आर्थिक सहायता बंद नहीं की जाएगी। प्रतिनिधि मंडल ने आयुक्त महोदय का ध्यान इस ओर आकर्षित कराते हुए यह मांग भी रखी थी कि पत्रकारों की बीमा योजना की आड़ में बंद की जा रही आर्थिक सहायता को जारी रखते हुए सामान्य बीमारी के इलाज हेतु दी जाने वाली आर्थिक सहायता राशि 20 हजार रुपए से बढ़ाकर 50 हजार रुपए तथा गंभीर बीमारी के इलाज में सहायता राशि 50 हजार रुपए से बढ़ाकर एक लाख रुपए की जाये। इस मांग पर आयुक्त श्री राजन ने सहमति जताते हुए इस व्यवस्था को जारी रखने के साथ ही सहायता राशि में बढ़ोत्तरी का आश्वासन दिया। साथ ही ऐसे पत्रकार साथी जो कि बीमा राशि की 25 प्रतिशत प्रीमियम राशि भी जमा करने की स्थिति में नहीं हैं उनका बीमा भी नि:शुल्क कराये जाने की बात कही।

श्रद्धा निधि राशि बढ़ेगी, खत्म होगी अधिमान्यता की बाध्यता 
प्रतिनिधि मंडल ने आयुक्त महोदय से पत्रकारों को शासन की ओर से दी जा रही श्रद्धा निधि की राशि 5 हजार रुपए प्रतिमाह से बढ़ाकर 15 हजार रुपए प्रतिमाह किये जाने की मांग भी रखी, जिस पर उन्होंने सहानुभूतिपूर्वक इस मांग को स्वीकारते हुए शासन के समक्ष प्रस्ताव भेजे जाने का आश्वासन दिया। जब श्री राजन का ध्यान इस ओर आकर्षित कराया गया कि सभी पत्रकार अधिमान्यता प्राप्त नहीं कर पाते हैं और जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन ही पत्रकारिता को समर्पित कर दिया है ऐसे में केवल अधिमान्यता प्राप्त पत्रकारों को ही श्रद्धा निधि प्रदान करने के शासन के फैसले से वे सभी पत्रकार श्रद्धा निधि के लाभ से वंचित हो जाएंगे जिन्होंने जिन्दगीभर पत्रकारिता की और सेवानिवृत्ति के बाद उनके समक्ष आजीविका चलाने का संकट पैदा हो गया है। इस पर आयुक्त श्री राजन ने श्रद्धा निधि योजना में अधिमान्यता की बाध्यता समाप्त करने का आश्वासन देते हुए यह प्रस्ताव राज्य शासन को भेजने की बात कही।

यूनियन के अध्यक्ष सलमान खान के नेतृत्व में जनसंपर्क आयुक्त श्री राजन से हुई सौहार्द्रपूर्ण चर्चा में आयुक्त महोदय ने यूनियन की अन्य मांगों पर भी शीघ्र ही कार्यवाही किये जाने का आश्वासन दिया। प्रतिनिधि मंडल में यूनियन के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य भी बड़ी संख्या में शामिल रहे। इस अवसर पर संचालक जनसम्पर्क श्री अनिल माथुर भी मौजूद थे।

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