आइसिन मज़दूरों का दमन मोदी सरकार के श्रमिक विरोधी चेहरे का एक और घिनौना उदाहरण

Dear Sir/Ma’am
Please find the attached press release about the protest demonstration against the brutal lathicharge and arrest of more than 550 workers of Aisin company (Rohtak, IMT Haryana).  On 31 May 2017, more than 550 struggling Aisin Workers were brutally lathicharged by Haryana Police. The workers had been struggling for the last 30 days after the Aisin Management had terminated 20 workers without any prior notice or reason to persecute the workers who had been raising their voice against their oppression. The Management didn’t like the fact that the workers were unionizing themselves to fight for their labour rights. Please find the attached press release and pictures and consider them for publication.
Regards
Sunny
Bigul Mazdoor Dasta

आज दिल्ली के जंतर मंतर पर हरियाणा के आइसिन मज़दूरों पर हुए बर्बर लाठीचार्ज और गिरफ़्तारी के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। 3 मई से अपने जायज़ अधिकारों के लिए संघर्षरत आइसिन मज़दूरों पर पुलिस ने कल शाम बर्बर लाठीचार्ज किया और तकरीबन 600 मज़दूरों व मज़दूर कार्यकर्ताओं जिनमे 90 करीब महिला मज़दूर भी शामिल थी को गिरफ़्तार कर लिया। सभी पुरुष मज़दूरों पर आई.पी.सी. की धाराएं 323, 186, 114, 341, 342, 332, 353 और 284 लगाई गई है। सभी मज़दूरों को रोहतक की सुनारियां जेल में रखा गया है। बिगुल मज़दूर दस्ता की तरफ से बात रखते हुए शिवानी ने कहा कि मोदी सरकार का मज़दूर विरोधी चेहरा तो पहले से सबके सामने है और आइसिन के मज़दूरों के साथ हो रहा दमन उसी का एक और उदाहरण है। जो मोदी जी देश में 1 करोड़ नए रोज़गार बनाने की बात कहते थे आज उन्ही की सरकार लोगों से उनके रोज़गार छीन रही है और उनके हक़ों से उन्हें महरूम कर रही है। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों का एक ज्ञापन हरियाणा के मुख्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर को भी सौपा। प्रदर्शनकारियों की मांगें हैं:

1. सभी गिरफ़्तार मज़दूरों व मज़दूर कार्यकर्ताओं पर लगी धाराएं वापिस ली जाएं और उन्हें जल्द से जल्द रिहा किया जाए।

2. सभी हिरासत में बंद महिला मज़दूरों को भी जल्द से जल्द रिहा किया जाए।

3. मज़दूरों की सभी जायज़ मांगों को संज्ञान में लेते हुए उनपर बिना किसी विलम्भ के कार्यवाही की जाए।

4. सभी निकाले गए मज़दूरों को काम पर बहाल किया जाए।

5. लाठीचार्ज में लिप्त सभी पुलिस कर्मियों और प्रशासन के अधिकारियों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्यवाही की जाए।

आज के प्रदर्शन में बिगुल मज़दूर दस्ता के साथ, ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री कॉन्टैक्ट वर्कर्स यूनियन, नौजवान भारत सभा, दिल्ली इस्पात उद्योग मज़दूर यूनियन और दिशा छात्र संगठन ने शिरकत की।

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