दस्तावेज चुराए नहीं, गोपनीय सूत्रों से हासिल किए हैं : एन. राम

द हिन्दू प्रकाशन समूह के चेयरमैन एन राम ने कहा है कि पृथ्वी की कोई भी ताकत मुझ रफाल से जुड़ी खबरों का स्रोत बताने के लिए मजबूर नहीं कर सकती है। एन राम ने कहा है, हमने दस्तावेज रक्षा मंत्रालय से नहीं चुराए, हमें गोपनीय सूत्रों से मिले हैं।

दूसरे, जनहित में हमने खोजी पत्रकारिता के जरिए प्राप्त सूचना प्रकाशित की है जिसे संसद में और बाहर बार-बार मांगने पर भी छिपाया जा रहा था। उन्होंने यह भी कहा कि हम ऐसा करने के लिए संविधान की भिन्न धाराओं के तहत सुरक्षित हैं और ये शासकीय गुप्त बात अधिनियम 1923 के ऊपर अभिभावी है।

एन राम ने इस अधिनियम को खत्म करने की मांग भी की। उन्होंने इसे लोकतंत्र विरोधी कहा और बताया कि स्वतंत्र भारत में प्रकाशनों के खिलाफ इसका उपयोग दुर्लभ मामलों में ही किया गया है। अगर जासूसी या ऐसी कोई बात होती तो मामला अलग था। यह वह सामग्री है जिसे सार्वजनिक और पाठकों को आराम से उपलब्ध होना चाहिए था।

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *