एनडीटीवी इंडिया में पत्रकार टिक नहीं पा रहे हैं। हाल ही में सुधीर चौधरी के डिकोड में गए भरत श्रीवास्तव ने 20 दिन में ही संस्थान को अलविदा कह दिया। कल ही वरिष्ठ पत्रकार उमाशंकर सिंह ने चैनल छोड़ दिया। अब खबर है कि मयंक मिश्रा ने भी एनडीटीवी छोड़कर आजतक में वापसी की है। समस्या पत्रकारों में है या चैनल की रणनीति में यह तो वही लोग जाने आप आने-जाने की खबरें पढ़ते रहिए….

वरिष्ठ पत्रकार मयंक मिश्रा ने एनडीटीवी नेटवर्क से इस्तीफा देकर एक बार फिर इंडिया टुडे ग्रुप का दामन थाम लिया है। वे यहां सीनियर एडिटर (डेटा इंटेलिजेंस यूनिट – DIU) के रूप में नई पारी की शुरुआत कर चुके हैं। मयंक की यह इंडिया टुडे ग्रुप में दूसरी पारी है। इससे पहले वे मार्च 2021 से जून 2023 तक इसी ग्रुप में DIU के हेड के तौर पर काम कर चुके हैं, जहां उन्होंने डेटा पत्रकारों और डिज़ाइनरों की एक टीम को नेतृत्व दिया और उनके मार्गदर्शन में तैयार की गई रिपोर्ट्स को ग्रुप के टीवी चैनलों, वेबसाइट और मैगजीन में प्रमुखता से प्रकाशित किया गया।
एनडीटीवी में निभाई अहम भूमिका
इंडिया टुडे में वापसी से पहले मयंक मिश्रा एनडीटीवी नेटवर्क में कंसल्टिंग एडिटर के रूप में कार्यरत थे। यहां उन्होंने संपादकीय रणनीति और डेटा विश्लेषण जैसे क्षेत्रों में अपना योगदान दिया।
डिजिटल मीडिया में उल्लेखनीय योगदान
2016 से 2019 के बीच वे The Quint में सीनियर एग्जीक्यूटिव एडिटर रहे। इस दौरान उन्होंने हिंदी और अंग्रेज़ी में लेखन किया और लोकप्रिय वीडियो सीरीज ‘मयंक की बात’ का निर्माण भी किया। उनके कार्यकाल में The Quint Hindi ने जबरदस्त ग्रोथ दर्ज की – पेज व्यूज़ में 20 गुना और वीडियो व्यूज़ में 10 गुना की बढ़ोतरी हुई।
राजनीति, ग्रामीण संकट और अर्थव्यवस्था पर पैनी नजर
मयंक मिश्रा ने 2013 से 2016 तक बिजनेस स्टैंडर्ड में काम करते हुए ग्रामीण संकट, डिजिटल इकोनॉमी, चुनावी राजनीति और धनबल जैसे विषयों पर कई चर्चित लेख लिखे। इससे पहले वे सहारा न्यूज नेटवर्क में टीवी चैनलों, मैगजीन और अखबार की संपादकीय जिम्मेदारियां निभा चुके हैं।
टीवी न्यूज और डेटा रिसर्च में भी अनुभव
वे CNBC आवाज़ और Star News की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा रहे हैं, जहां उन्होंने कंटेंट और रिसर्च रणनीति को आकार दिया। इसके अलावा मयंक ने अपने करियर की शुरुआत बिजनेस स्टैंडर्ड से की थी, जहां वे राजनीति और कॉरपोरेट मामलों की रिपोर्टिंग करते थे। बाद में वे Centre for the Study of Developing Societies (CSDS) से जुड़े और चुनावी सर्वे व शोध कार्यों में योगदान दिया।
अन्य अहम योगदान
उन्होंने एन्साइक्लोपीडिया ब्रिटानिका के साथ मिलकर भारतीय विषयवस्तु को अपडेट करने और वेब गाइड तैयार करने का कार्य भी किया है। करीब ढाई दशकों के लंबे अनुभव और विविध भूमिकाओं के साथ मयंक मिश्रा आज की डिजिटल पत्रकारिता और डेटा विश्लेषण के क्षेत्र में एक भरोसेमंद नाम हैं।
20 दिन में ही एनडीटीवी छोड़ गए भरत श्रीवास्तव…
एनडीटीवी से भरत श्रीवास्तव और नेटवर्क18 से मुनीश आत्रे के बारे में सूचनाएं!
उमाशंकर सिंह से जुड़ी खबर…


